Mamta Kulkarni: बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को लेकर एक बड़ी खबर आई है। दरअसल, एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को किन्नड़ अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया गया है। उनके साथ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी आचार्य महामंडलेश्वर के पद से हटाया गया है। अब दोनों को लोगों को अखाड़े से बाहर कर दिया गया है। ये कार्रवाई किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने की है।
एक स्त्री किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर कैसे ?
किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने शुक्रवार को ऐलान किया। जिसमें उन्होंने कहा कि अब नए सिरे से किन्नर अखाड़े का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके साथ ही जल्द ही नए आचार्य महामंडलेश्वर का ऐलान बी होगा। बता दें कि ममता को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था। सवाल यह उठने लगा था कि एक स्त्री को इस अखाड़े का महामंडलेश्वर कैसे बनाया जा सकता है?
ममता कुलकर्णी बनीं संन्यासी
याद होगा, कुछ दिनों पहले ममता कुलकर्णी प्रयागराज के महाकुंभ में अपना पिंडदान किया था। इसके बाद उन्होंने संन्यास अपना लिया था। इसके बाद उन्हें भव्य पट्टाभिषेक कार्यक्रम में उन्हें किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था। जिसके बाद उनका नया नाम श्री यामाई ममता नंद गिरी रखा गया था। वो 7 दिनों तक महाकुंभ में रहीं, तब से एक बात को लेकर विवाद शुरु हुआ कि एक स्त्री को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर क्यों बनाया गया है।
किन्नर अखाड़ा क्यों चुनीं थीं ममता ?
बता दे कि किन्नर अखाड़ा ही ममता कुलकर्णी क्यों चुनी थीं? जिस पर ममता ने कहा था कि लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उनकी 23 साल की तपस्या को समझा था। उनकी परीक्षा ली गई, जिसमें वो उत्तीर्ण हो गई थीं। इसके बाद उन्हें महामंडलेश्वर बनने का न्यौता मिला था। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि वो बॉलीवुड में वापस नहीं जाएंगी। अब वो सनातन धर्म का प्रचार करेंगी।