कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक पत्थर की खदान में अचानक विशाल चट्टान खिसक गई, जिसकी चपेट में आकर बिहार के आठ मजदूरों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब सभी मजदूर रोज की तरह खदान में पत्थर निकालने का काम कर रहे थे। अचानक भारी चट्टान टूटकर नीचे आ गिरी और मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
राहत एवं बचाव कार्य कई घंटों तक चला
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंच गई। जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी मजदूरों के शव बाहर निकाले गए। राहत दल ने यह भी सुनिश्चित किया कि मलबे के नीचे कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं फंसा है। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर खदान में काम तत्काल रोक दिया गया।
मृतक सभी बिहार के प्रवासी मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे। बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वे बेंगलुरु में मजदूरी कर रहे थे। उनके परिवारों को हादसे की सूचना दे दी गई है। इस दुखद घटना के बाद मृतकों के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे की जांच शुरू
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि हादसा प्राकृतिक कारणों से हुआ या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण। जांच टीम यह भी देख रही है कि खदान संचालकों ने सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई खदानों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता, जिससे इस तरह के हादसों की आशंका बनी रहती है। मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना और नियमित निरीक्षण कराना बेहद आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सरकार ने जताया दुख
कर्नाटक सरकार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है। बिहार सरकार भी अपने अधिकारियों के माध्यम से मृतकों के परिवारों से संपर्क कर रही है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती
देश के विभिन्न राज्यों से लाखों मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और उद्योगों दोनों की जिम्मेदारी है।
बेंगलुरु की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जोखिम भरे कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है। बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपने घरों से दूर काम करने गए बिहार के आठ मजदूर अब कभी अपने परिवारों के पास नहीं लौट पाएंगे। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर है, ताकि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Flydubai की उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद भारतीय पायलट Smit Machchhar की बहादुरी और सूझबूझ की चर्चा हो रही है। मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने विमान को सुरक्षित तरीके से संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार की खबर सामने आई है। 30 सितंबर को हुई थी गंभीर घटना यह घटना 30 सितंबर 2026 को Flydubai की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में एक गंभीर हमला हुआ, जिसमें भारतीय पायलट Smit Machchhar घायल हो गए। विमान की कराई गई Emergency Landing घटना के बाद विमान की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ान का मार्ग बदला गया। पायलटों ने विमान को Saudi Arabia के Tabuk में emergency landing कराई। इस दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण चुनौती थी। घायल पायलट को मिली तत्काल चिकित्सा Emergency landing के बाद Smit Machchhar को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। शुरुआती जानकारी के बाद उनकी स्थिति को लेकर चिंता थी, लेकिन बाद में उनकी हालत स्थिर होने की खबर सामने आई। Abu Dhabi ले जाया गया 1 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, Smit Machchhar को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए Abu Dhabi ले जाया गया। वहां उनका इलाज और स्वास्थ्य की निगरानी जारी रही। भारतीय अधिकारियों ने ली स्वास्थ्य की जानकारी भारतीय राजनयिक अधिकारियों ने भी पायलट के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल में उनसे मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने बातचीत की और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इससे उनके परिवार और शुभचिंतकों को राहत मिली। परिवार और समर्थकों में राहत पायलट की हालत में सुधार की खबर के बाद उनके परिवार और उन्हें शुभकामनाएं देने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। सोशल मीडिया पर भी उनकी बहादुरी को लेकर कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। घटना की जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर कॉकपिट में हुई घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के कारणों को लेकर संबंधित अधिकारियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी सामने आएगी। 2 अक्टूबर तक स्वास्थ्य में सुधार 2 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Smit Machchhar की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनके स्वास्थ्य में सुधार की खबर है। उनके इलाज और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना के दौरान विमान को सुरक्षित रूप से उतारना उनके पेशेवर दायित्व और संकट की स्थिति में लिए गए फैसलों को चर्चा में ले आया है।
बिहार के समस्तीपुर जिले में बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। विभूतिपुर थाना क्षेत्र के चकबेदौलिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में गुरुवार, 24 सितंबर को एक विशाल बरगद का पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से तीन छात्राओं की मौत हो गई। हादसे के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में मातम का माहौल है। अचानक गिरा पुराना बरगद का पेड़ बताया गया कि घटना दोपहर करीब 12:40 बजे के आसपास हुई। उस समय स्कूल में बच्चे और शिक्षक मौजूद थे। लगातार बारिश और खराब मौसम के बीच स्कूल परिसर में मौजूद पुराना और सूखा बरगद का पेड़ अचानक गिर पड़ा। पेड़ की भारी शाखाओं के नीचे तीन छात्राएं दब गईं। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दो छात्राओं की मौके पर मौत पेड़ गिरने के बाद स्कूल में अफरातफरी मच गई। शिक्षक और आसपास के लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। पेड़ काफी बड़ा होने के कारण उसे हटाने में परेशानी हुई। किसी तरह पेड़ को हटाया गया तो दो छात्राओं की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। एक अन्य छात्रा गंभीर रूप से घायल थी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान तीसरी छात्रा ने भी दम तोड़ा गंभीर रूप से घायल तीसरी छात्रा को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में कुल तीन छात्राओं की जान चली गई। मृत छात्राओं में पायल कुमारी, सपना कुमारी और गुलनाज खातून के नाम सामने आए हैं। घटना की जानकारी सामने आने के बाद तीनों परिवारों में कोहराम मच गया। स्कूल परिसर में मौजूद था पुराना पेड़ स्थानीय लोगों और विद्यालय से जुड़े लोगों के अनुसार, बरगद का पेड़ काफी पुराना और सूखा हुआ था। पेड़ को हटाने को लेकर पहले भी बात सामने आने की जानकारी दी गई है। हादसे के बाद स्कूल परिसर में मौजूद अन्य पेड़ों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लोगों ने स्कूल परिसर में खड़े पेड़ों की जांच और जरूरी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने घटनास्थल का लिया जायजा हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। मृत छात्राओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी भी सामने आई है। हादसे के बाद स्कूल में पसरा मातम तीन छात्राओं की मौत से स्कूल और गांव में शोक की लहर है। लगातार बारिश के दौरान हुए इस हादसे ने स्कूल परिसरों में पुराने और सूखे पेड़ों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने ला दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग अब स्कूल परिसर में मौजूद अन्य पेड़ों की स्थिति की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टेक्नोलॉजी से जुड़ा बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होने जा रहा है। 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में International Dialogue 2026 आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत कई देशों के टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक साइंस और युवाओं के लिए करियर से जुड़े अवसरों पर चर्चा की जाएगी। तीन दिनों तक चलेगा International Dialogue 2026 International Dialogue 2026 का आयोजन तीन दिनों तक किया जाएगा। इसमें तकनीक, शिक्षा, उद्योग, कानून और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी। आयोजन का उद्देश्य सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाना है। इसके जरिए नई तकनीकों के इस्तेमाल और भविष्य की जरूरतों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। AI और नई तकनीकों पर रहेगा फोकस कार्यक्रम में Artificial Intelligence (AI), Robotics, Drones, 3D Printing, Quantum Computing और Quantum Communication जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक डीएनए और आधुनिक जांच तकनीकों से जुड़े विषय भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी भी महत्वपूर्ण विषय हैं। कार्यक्रम में डेटा सिक्योरिटी, डिजिटल गवर्नेंस, ऑडिट और कानूनी अनुपालन जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। युवाओं के पास इंटर्नशिप और करियर के अवसर इस आयोजन में विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। युवाओं को टेक्नोलॉजी कंपनियों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं से संवाद करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, तकनीकी प्रशिक्षण और करियर के अवसरों से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। मास्टरक्लास, तकनीकी प्रदर्शन और इंडस्ट्री-एकेडमिया संवाद के जरिए विद्यार्थियों को उद्योग की मौजूदा जरूरतों और भविष्य की तकनीकों की जानकारी देने की योजना है। 24 अक्टूबर को होगा मुख्य समिट आयोजन के दौरान 24 अक्टूबर को मुख्य समिट आयोजित किया जाएगा। इसमें नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। निवेश, तकनीकी सहयोग, शोध और नई तकनीकों के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत होगी। UPSIFS पेश करेगा ‘Law with Labs’ मॉडल कार्यक्रम में UPSIFS अपने ‘Law with Labs’ मॉडल को भी प्रदर्शित करेगा। इसका उद्देश्य कानून की पढ़ाई और वैज्ञानिक तकनीक को एक साथ जोड़ना है। इसमें AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, साइबर फॉरेंसिक और फॉरेंसिक डीएनए जैसी तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा। लखनऊ में बढ़ेगा तकनीकी सहयोग लखनऊ में आयोजित होने वाला International Dialogue 2026 तकनीक, शिक्षा, उद्योग और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत अन्य देशों के विशेषज्ञों की भागीदारी से तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान, शोध सहयोग और युवाओं के लिए नए अवसरों पर चर्चा होने की उम्मीद है।