Lucknow Desk: अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा ने पूरे देश में विरोध तेज कर दिया है। देश में अरावली पहाड़ियों के लिए सियासी और सामाजिक दोनों विवाद तेज है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं के विरोध के साथ- साथ अब विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अरावली पर्वतमाला की रक्षा पर एक लंबी सोशल मीडिया पोस्ट लिखी है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की है कि अरावली को बचाना न सिर्फ पर्यावरण की जरूरत है, बल्कि राजधानी क्षेत्र के अस्तित्व के लिए भी अनिवार्य है।
सपा अध्यक्ष ने पोस्ट में क्या लिखा?
Akhilesh Yadav ने अपने पोस्ट में लिखा- प्रिय दिल्लीवासियों, बची रहे जो ‘अरावली’ तो दिल्ली रहे हरीभरी!
अरावली को बचाना कोई विकल्प नहीं है बल्कि ये तो संकल्प होना चाहिए। मत भूलिए कि अरावली बचेगी तो ही एनसीआर बचेगा।
अरावली को बचाना अपरिहार्य है क्योंकि यह दिल्ली और एनसीआर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच है या कहें क़ुदरती ढाल है। अरावली ही दिल्ली के ओझल हो चुके तारों को फिर से दिखा सकती है, पर्यावरण को बचा सकती है।
अरावली पर्वतमाला ही दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करती है और बारिश-पानी में अहम भूमिका निभाती है।
अरावली से ही एनसीआर की जैव विविधता बची हुई है। जो वेटलैंड गायब होते चले जा रहे हैं, उन्हें यही बचा सकती है। गुम हो रहे परिंदों को वापस बुला सकती है।
अरावली से ही एनसीआर का तापमान नियंत्रित होता है।
इसके अलावा अरावली से एक भावात्मक लगाव भी है जो दिल्ली की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है।
अरावली को बचाना, दिल्ली के भविष्य को बचाना है, नहीं तो एक-एक साँस लेने के लिए संघर्ष कर रहे दिल्लीवासी स्मॉग जैसे जानलेवा हालात से कभी बाहर नहीं आ पाएंगे। आज एनसीआर के बुज़ुर्ग, बीमार और बच्चों पर प्रदूषण का सबसे ख़राब और ख़तरनाक असर पड़ रहा है। यहाँ के विश्व प्रसिद्ध हॉस्पिटल और मेडिकल सर्विस सेक्टर तक बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जो लोग बीमारी ठीक करने दिल्ली आते थे, वो अब और बीमार होने नहीं आ रहे हैं।
- यही हाल रहा तो उत्तर भारत के सबसे बड़े बाज़ार और आर्थिक केंद्र के रूप में भी दिल्ली अपनी अहमियत खो देगी।
- विदेशी तो छोड़िए, देश के पर्यटक भी यहाँ नहीं आएंगे।
- न ही दिल्ली में कोई बड़ा इवेंट आयोजित होगा।
- न ही कोई राजनीतिक, शैक्षिक, अकादमिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक सम्मेलन आयोजित होगा।
- न ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाड जैसी कोई बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित होगी।
- यहाँ का होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी-कैब, गाइड, हैंडीक्राफ़्ट बिज़नेस, हर काम-कारोबार व अन्य सभी आर्थिक-सामाजिक गतिविधियाँ ठप्प हो जाने के कगार पर पहुँच जाएंगी।
- जब प्रदूषण की वजह से हवाई जहाज़ नहीं चलेंगे, ट्रेनें घंटों लेट होंगी, सड़क परिवहन असुरक्षित हो जाएगा, तो दिल्ली कौन आएगा।
- यहाँ तक कि इसका असर ये भी पड़ेगा कि लोग अपने बेटी-बेटे की शादी तय करने से पहले दिल्ली के हवा-पानी के बारे में सोचने लगेंगे।
- इसीलिए हर नागरिक के साथ हर स्कूल-कोचिंग, हर व्यापारी, हर कारोबारी, हर दुकानदार, हर रेहड़ी-पटरीवाले, हर घर-परिवार तक को ‘अरावली बचाओ’ अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
- हर चैनल, हर अख़बार को ये अभियान चलाना चाहिए। जो लोग सरकार की चाटुकारिता कर रहे हैं, वो भी समझ लें कि उनका स्वयं का जीवन भी ख़तरे में है।
अरावली को बचाना मतलब ख़ुद को बचाना है।
अगर अरावली का विनाश नहीं रोका गया तो भाजपा की अवैध खनन को वैध बनाने की साज़िश और ज़मीन की बेइंतहा भूख देश की राजधानी को दुनिया की ‘प्रदूषण राजधानी’ बना देगी और लोग दिल्ली छोड़ने को बाध्य हो जाएंगे।
इसीलिए आइए हम सब मिलकर अरावली बचाएं और भाजपा की गंदी राजनीति को जनता और जनमत की ताक़त से हराएं!
क्यों है जरूरी अरावली?
बता दें, अरावली पर्वतमाला उत्तर भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला है, जो राजस्थान से हरियाणा और दिल्ली तक फैली हुई है। यह पर्वत थार रेगिस्तान से आने वाली धूल और रेत को रोकती है, जिससे दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम होता है। यह जल संरक्षण, वर्षा वृद्धि और तापमान नियंत्रण में भी सहायक है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है, क्योंकि यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ा झटका लगा है। प्रयागराज में पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। फिलहाल, कोर्ट के आदेश के बाद अब झूंसी थाने में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। दरअसल, 13 फरवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों का कोर्ट में वीडियोग्राफी के साथ बयान दर्ज हुआ था। कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट को संज्ञान में लिया गया। वहीं नाबालिगों के बयान और पुलिस रिपोर्ट को संज्ञान में लेने के बाद कोर्ट ने FIR दर्ज करने का फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सेवा में लगे आश्रम के बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों को लेकर आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज कोर्ट में 28 जनवरी को 173 (4)के तहत कंप्लेंट रजिस्टर करने के लिए अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी पर सुनवाई के बाद ADJ रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मिली जानकारी के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा उनके पास आया था, जिसने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर निंदनीय कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया था। उस नाबालिग ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य बच्चों पर गुरु सेवा के नाम पर संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। बच्चों को यह समझाते थे कि इससे उन्हें आशीर्वाद मिलेगा। फिलहाल, इस मामले पर शंकराचार्य की ओर से कोर्ट में करीब 104 पन्नों का हलफनामा भी दाखिल किया गया, जिसमें आशुतोष महाराज से जुड़े पुराने मामलों और आरोपों का उल्लेख किया गया है।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े मुस्लिम चेहारा नसीमुद्दीन सिद्दीकी आज समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। इस मौके पर तीन महिला नेत्रियों समेत कई नेता सपा में शामिल हुए हैं। वह लखनऊ के सपा मुख्यालय में अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा का दामन थाम लिया है। बता दें, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके बाद से ही उनके अगले कदम की चर्चा जोरों पर थी। इसी चर्चाओं के बीच आज नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। इस मौके पर नसीमुद्दीन ने सपा की बड़ाई में जमकर कसीदे पढ़े। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार बेरोजगारी भत्ता अखिलेश यादव ने दिया। पहला बार छात्रों को लैपटॉप इन्होंने दिया। युवाओं को नौकरी सपा ने दी। आज एक नौकरी लेना बड़ा मुश्किल है। कांग्रेस को लगा झटका कांग्रेस के सीनियर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी कद्दावर नेता माने जाते हैं। कांग्रेस से वह पहले बसपा की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनका राजनीतिक अनुभव और पकड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के बाद प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व ने उनके जाने पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की थी। सपा को मिला एक मुस्लिम चेहरा नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद पार्टी को एक मजबूत मुस्लिम चेहरा मिल गया है। सपा के आजम खां के लगातार जेल में रहने के बाद पार्टी के पास जमीनी रूप से जुड़ा ऐसा कोई चेहरा नहीं था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आने से सपा को लाभ मिल सकता है। क्यों अहम हैं नसीमुद्दीन? यूपी की राजनीति में नसीमुद्दीन सिद्दीकी भले ही आजम खान की तरह मुस्लिम वोट बैंक में सर्वमान्य चेहरा न हों, लेकिन बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में उनकी पकड़ किसी से छिपी नहीं है। समाजवादी पार्टी के सामने चुनौती बढ़ी हुई है क्योंकि आजम खान जेल में हैं। ऐसे समय में चुनाव के समय तक उनके बाहर आने के बाद भी सपा को कोई फायदा नहीं होगा, इसलिए चुनाव 2027 के लिए नसीमुद्दीन सिद्दीकी का चेहरा सबसे अहम है।
Lucknow Desk: बिहार में अब अश्लील गाना बजाना लोगों को भारी पड़ सकता है। जी हां, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने साफ निर्देश दिया है कि बस, ऑटो, टैक्सी, ट्रेन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील गाना और दोहरे अर्थ वाले गाने बजाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद से बिहार पुलिस एक्टिव मोड़ में है। इस पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहना है कि सार्वजनिक रूप से बजने वाले अश्लील और द्विअर्थी गीत समाज पर बेहद नकारात्मक असर डालते हैं। ऐसे गाने न केवल सामाजिक मर्यादा को कमजोर करते हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं। हालांकि, बिहार सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस यह आदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अब सिर्फ नैतिक मुद्दा नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। इसके अलावा सरकार का यह भी मानना है कि इस तरह के गीतों का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ता है। छोटे बच्चे जब सार्वजनिक जगहों पर ऐसे गाने सुनते हैं, तो उनकी सोच और व्यवहार पर इसका गलत प्रभाव पड़ता है। यह उन्हें गलत दिशा में ले जाने वाला सांस्कृतिक प्रदूषण है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलों में चलेगा विशेष पुलिस अभियान बिहार सरकार ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह विशेष अभियान चलाकर बस, ऑटो, टैक्सी, रेलवे परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी रखें। ताकि कोई भी इस आदेश का उल्लंघन नहीं करें। अगर कोई इसका विरोध करते है तो उस पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माने के साथ जेल की सजा भी संभव है। इसी कड़ी में बिहार पुलिस ने इस संबंध में सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। बता दें, बिहार में भोजपुरी गानों को बिहार की पहचान माना जाता है। हालांकि भोजपुरी में काफी हद तक अश्लीलता होती है, लेकिन इस पर कभी कोई आधिकारिक आपत्ति नहीं जताई गई। अब बिहार में अश्लील गाना बजाना लोगों को भारी पड़ सकता है। अब देखना होगा कि यह आदेश बिहार की अश्लीलता छवि को कितना साफ कर सकता है?