Lucknow Desk: गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या के बाद से लोगों में भारी आक्रोश था। परिवार और स्थानीय लोग लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसी बीच रविवार सुबह एक बड़ी खबर सामने आई। सूर्या चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात उन्हें सूचना मिली थी कि हत्या के मामले में फरार चल रहा असद अपने एक साथी के साथ खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह किसी व्यक्ति से पैसे लेने पहुंच रहा था और इसके बाद इलाके से फरार होने की तैयारी में था। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी।
कुछ देर बाद पुलिस को एक मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस का दावा है कि आरोपी ने रुकने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें असद गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं उसका एक साथी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
सूर्या चौहान की हत्या के बाद से उसके परिवार का दर्द पूरे इलाके ने देखा था। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा था। सूर्या की मां ने कई बार मीडिया के सामने भावुक होकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना था कि उनके बेटे के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
असद की मौत के बाद अब इस मामले में अन्य आरोपियों और संभावित सहयोगियों की तलाश पर पुलिस का फोकस है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल और एक देसी पिस्तौल भी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि इसी हथियार का इस्तेमाल आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग के लिए किया था। बरामद हथियार और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है।
फिलहाल सूर्या चौहान हत्याकांड में मुख्य आरोपी की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और घटना से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं सूर्या के परिवार को उम्मीद है कि इस मामले में उन्हें पूरी तरह न्याय मिलेगा और सभी दोषियों को सजा मिलेगी।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं। बाढ़ के कारण हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अब तक करीब 20 हजार लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। 25 जिलों में बाढ़ का असर प्रदेश के 25 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है और निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने में जुटी हैं। करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के तहत करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत वाले इलाकों में नावों और अन्य संसाधनों की मदद से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। सीएम योगी ने लिया हालात का जायजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मौजूदा बाढ़ की स्थिति को अभूतपूर्व बताया और अधिकारियों से राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा। प्रशासन की टीमों को अलर्ट बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित या जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसानों की बढ़ी चिंता बाढ़ का असर ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों पर भी दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुई हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने पर फसलों को नुकसान बढ़ सकता है। ऐसे में किसानों के बीच चिंता का माहौल है। प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य होने के बाद नुकसान का आकलन किए जाने की उम्मीद है। राहत कार्य जारी प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और उन्हें भोजन, पानी तथा जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर राहत एवं बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राहत कार्य लगातार जारी हैं।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO नियुक्त किया है। यह फैसला 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। करीब चार दशक का सैन्य अनुभव जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना ज्वाइन की थी। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। 3,000 से ज्यादा घंटे उड़ान का अनुभव रिपोर्टों के अनुसार, जितेंद्र मिश्रा के पास 3,000 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन की कमान संभालने के साथ-साथ फ्रंटलाइन एयरबेस का नेतृत्व भी किया। वे Aircraft and Systems Testing Establishment में चीफ टेस्ट पायलट और कमांडेंट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। वेस्टर्न एयर कमांड की संभाल चुके हैं कमान जितेंद्र मिश्रा ने जनवरी 2025 में भारतीय वायुसेना की Western Air Command की कमान संभाली थी। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी वे इस महत्वपूर्ण कमान का नेतृत्व कर रहे थे। सैन्य सेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिले। अप्रैल 2026 में हुए थे रिटायर लंबी और महत्वपूर्ण सैन्य सेवा के बाद जितेंद्र मिश्रा अप्रैल 2026 में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के कुछ ही महीनों बाद उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की अहम जिम्मेदारी मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है। CEO पद के लिए मिले हजारों आवेदन राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी व्यापक रही। रिपोर्टों के अनुसार, इस पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और नेतृत्व क्षमता का मूल्यांकन किया गया। 16 उम्मीदवार हुए शॉर्टलिस्ट आवेदनों की जांच के बाद 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। अंतिम चरण में तीन नामों पर विचार किया गया और इसके बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO चुना गया। प्रशासन को पेशेवर बनाने की कोशिश CEO का पद बनाए जाने का उद्देश्य मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक, वित्तीय और संचालन संबंधी कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करना है। CEO मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं और बड़े स्तर पर होने वाले प्रशासनिक कार्यों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल इसी बैठक में ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति भी की। इनमें महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं। डॉ. निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच अहम नियुक्ति राम मंदिर में लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने की जरूरत बढ़ गई है। इसी लिहाज से CEO की नियुक्ति को महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। अब राम मंदिर की व्यवस्था संभालेंगे पूर्व एयर मार्शल रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक नेतृत्व करने के बाद अब वे अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों में अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करेंगे।
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच उन्नाव से बड़ी खबर सामने आई है। गंगा एक्सप्रेसवे के उन्नाव क्षेत्र में भारी जलभराव होने से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के चढ़ने वाले मार्ग और टोल प्लाजा के आसपास करीब दो फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई। पानी का स्तर बढ़ने से टोल बूथ के अंदर भी पानी पहुंच गया, जिससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बशीरतगंज क्षेत्र में जलभराव बताया जा रहा है कि उन्नाव के बशीरतगंज क्षेत्र में बारिश के बाद पानी की निकासी ठीक तरीके से नहीं हो पाने के कारण एक्सप्रेसवे के आसपास जलभराव की स्थिति बनी। एक्सप्रेसवे पर चढ़ने वाले मार्ग पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ा। कई जगह सड़क पर पानी अधिक होने के कारण वाहन चालकों को अपनी गति कम करनी पड़ी। बारिश के दौरान जलभराव का वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा और आसपास के हिस्से में पानी जमा दिखाई दे रहा है। इससे एक्सप्रेसवे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। टोल प्लाजा तक पहुंचा पानी जलभराव का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट के अनुसार टोल बूथ के अंदर तक पानी पहुंच गया। इससे टोल संचालन से जुड़े कर्मचारियों को परेशानी हुई। लगातार बारिश के कारण पानी बढ़ने की स्थिति में टोल प्लाजा पर काम करना और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। टोल क्षेत्र में पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को भी टोल पार करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसी स्थिति अधिक परेशानी वाली हो सकती है। वाहन चालकों को हुई परेशानी गंगा एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर जलभराव होने से यात्रियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले चालक अचानक पानी जमा होने वाले हिस्से में पहुंचने पर मुश्किल में पड़ सकते हैं। ऐसे में बारिश के दौरान वाहन चालकों से गति नियंत्रित रखने और सड़क की स्थिति देखकर आगे बढ़ने की अपील की जाती है। जलभराव के कारण सड़क पर फिसलन भी बढ़ सकती है। रात के समय कम रोशनी या पानी की गहराई का सही अनुमान नहीं लगने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में शामिल किया गया है। ऐसे में भारी बारिश के बाद टोल प्लाजा और एंट्री मार्ग पर इतना पानी जमा होना ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय स्तर पर यह उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाएगा, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। बारिश के बीच प्रशासन के सामने चुनौती उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। ऐसे में प्रमुख सड़कों और एक्सप्रेसवे पर जलभराव को रोकना प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर सामने आई यह स्थिति बताती है कि भारी बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी रखना कितना जरूरी है। फिलहाल यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे पर सावधानी से वाहन चलाएं, जलभराव वाले हिस्सों में गति कम रखें और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें।