स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बार फिर हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि 15 अगस्त के अवसर पर अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और इस अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। उन्होंने देशवासियों से तिरंगे के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया।
स्वतंत्रता दिवस को लेकर बढ़ा उत्साह
15 अगस्त भारत के लिए बेहद खास दिन है। इसी दिन देश को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। हर साल स्वतंत्रता दिवस पर पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, निजी कार्यालय और सामाजिक संगठन ध्वजारोहण कार्यक्रम करते हैं।
इस बार भी स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर तैयारियां तेज हो रही हैं। जगह-जगह तिरंगे, बैज और देशभक्ति से जुड़ी सामग्री दिखाई देने लगी है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद हर घर तिरंगा अभियान को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
घर-घर तिरंगा पहुंचाना अभियान का उद्देश्य
हर घर तिरंगा अभियान का मकसद आम लोगों को राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ना है। इस अभियान के जरिए लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे स्वतंत्रता दिवस केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम नागरिक भी सीधे इस उत्सव का हिस्सा बनते हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में इस अभियान के तहत तिरंगा यात्राएं, जागरूकता कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन भी किए जाते हैं। युवा, छात्र और सामाजिक संगठन इसमें बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का रखें ध्यान
तिरंगा फहराते समय उसके सम्मान से जुड़े नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। राष्ट्रीय ध्वज देश की पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसे साफ और सम्मानजनक स्थान पर फहराया जाना चाहिए।
लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि तिरंगा जमीन पर न गिरे और उसका उपयोग ऐसे तरीके से न किया जाए जिससे उसका अपमान हो। स्वतंत्रता दिवस के बाद भी झंडे को उचित तरीके से सुरक्षित रखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी दिखेगा अभियान
हर घर तिरंगा अभियान का असर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिलता है। लोग अपने घरों पर तिरंगा फहराकर तस्वीरें और वीडियो साझा करते हैं। इससे दूसरे लोगों को भी अभियान में शामिल होने की प्रेरणा मिलती है।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश तेजी से पहुंचता है। इस तरह यह अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़े स्तर पर जुड़ाव पैदा करता है।
स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर
स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने का दिन नहीं है, बल्कि उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर भी है जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील का उद्देश्य भी लोगों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व से जोड़ना है। 15 अगस्त को घर-घर तिरंगा फहराने के साथ देश की एकता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाएगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश में ₹100 करोड़ से अधिक के GST फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिस पर फर्जी कंपनियां बनाकर Input Tax Credit (ITC) का गलत तरीके से लाभ लेने का आरोप है। इस पूरे नेटवर्क के तार नेपाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है। बरेली से सामने आया बड़ा मामला यह मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आया है। जांच के दौरान अधिकारियों को कई ऐसी फर्मों और दस्तावेजों की जानकारी मिली, जिनके जरिए बड़े स्तर पर GST से जुड़ी गड़बड़ी किए जाने का संदेह है। आरोप है कि गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर बिल तैयार करता था और उन्हीं बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जाता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितनी कंपनियां जुड़ी थीं और कितने राज्यों में इसका असर फैला हुआ था। कैसे किया जाता था GST फ्रॉड GST सिस्टम में किसी कारोबारी को खरीद पर चुकाए गए टैक्स के बदले Input Tax Credit का लाभ मिलता है। लेकिन फर्जीवाड़े के मामलों में आरोपी बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के कागजों पर कारोबार दिखाकर टैक्स क्रेडिट का दावा करते हैं। इस मामले में भी आरोप है कि फर्जी कंपनियों, नकली बिलों और दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये का ITC बनाया गया। इस तरह सरकार को बड़े राजस्व नुकसान का खतरा पैदा हुआ। नेपाल से संचालन का आरोप जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि इस गिरोह का एक हिस्सा नेपाल से संचालित किया जा रहा था। इससे मामला और गंभीर हो गया है। अधिकारियों के सामने अब यह चुनौती भी है कि सीमा पार से जुड़े संपर्कों और लेनदेन की पूरी जानकारी जुटाई जाए। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर सकती हैं ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाया जा सके। पांच आरोपी गिरफ्तार, कई अन्य की तलाश मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों के नाम भी जांच में सामने आने की खबर है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी भी की जा सकती है। अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि गिरोह का मुख्य संचालक कौन था और फर्जी कंपनियां बनाने में किन लोगों की भूमिका रही। ₹100 करोड़ से ज्यादा के फर्जीवाड़े की आशंका प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पूरे नेटवर्क के जरिए ₹100 करोड़ से अधिक का GST फ्रॉड किए जाने का संदेह है। जांच आगे बढ़ने के बाद यह आंकड़ा और बदल सकता है। अधिकारियों को कई खातों और लेनदेन की जांच करनी पड़ सकती है। अगर फर्जी ITC का पूरा नेटवर्क सामने आता है, तो इसमें और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। GST फ्रॉड पर एजेंसियों की सख्ती पिछले कुछ वर्षों में फर्जी GST बिल और ITC से जुड़े मामलों पर केंद्र और राज्य स्तर की एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। डिजिटल सिस्टम के जरिए संदिग्ध लेनदेन, अचानक बढ़े कारोबार और फर्जी रजिस्ट्रेशन की पहचान करना आसान हुआ है। बरेली का यह मामला भी दिखाता है कि GST से जुड़ी धोखाधड़ी में अब फर्जी कंपनियों और डिजिटल नेटवर्क का इस्तेमाल बढ़ रहा है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को इस बार और भी खास बनाने की तैयारी की जा रही है। 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित होने वाले मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को औपचारिक कार्यक्रम के निर्धारित हिस्से के रूप में शामिल किए जाने की खबर है। इस फैसले को स्वतंत्रता दिवस समारोह की परंपरा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री के संबोधन के समाप्त होने के बाद ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया जाएगा और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के औपचारिक कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का इस तरह निर्धारित रूप से शामिल होना पहली बार होगा। 15 अगस्त का समारोह होगा खास हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। यह परंपरा आजादी के बाद से जारी है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल किले पर तिरंगा फहराया था। इसके बाद से हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस का मुख्य राष्ट्रीय समारोह लाल किले में आयोजित किया जाता है। इस वर्ष कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ को शामिल किए जाने से समारोह में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। हालांकि इससे पहले कई राष्ट्रीय और सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाया जाता रहा है, लेकिन लाल किले के स्वतंत्रता दिवस के औपचारिक कार्यक्रम में इसे तय कार्यक्रम के रूप में शामिल किया जाना पहली बार बताया जा रहा है। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष का उत्सव वर्ष 2025 से 2026 के बीच देश में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक इसके 150 वर्ष पूरे होने का विशेष स्मरणोत्सव आयोजित किया है। इसी क्रम में देशभर में सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां आयोजित की गई हैं। गणतंत्र दिवस 2026 के कार्यक्रमों में भी ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष प्रमुख थीम में शामिल रहे। स्वतंत्रता आंदोलन से रहा गहरा संबंध ‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। इसे पहली बार 1875 में प्रकाशित किया गया था। बाद में यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का एक प्रमुख प्रतीक बन गया। आजादी की लड़ाई के दौरान बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानियों और आंदोलनकारियों ने ‘वंदे मातरम्’ को देश के प्रति सम्मान और स्वतंत्रता की भावना व्यक्त करने के लिए अपनाया। यही कारण है कि भारतीय इतिहास में इस गीत का विशेष स्थान है। सुरक्षा और समारोह की तैयारियां तेज 15 अगस्त के कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में सुरक्षा तैयारियां भी तेज की जा रही हैं। हर साल की तरह इस बार भी कार्यक्रम में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सशस्त्र बलों के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद देश को संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति और फिर राष्ट्रगान होगा। यदि यह कार्यक्रम तय योजना के अनुसार आयोजित होता है, तो 15 अगस्त 2026 का स्वतंत्रता दिवस लाल किले के इतिहास में एक विशेष अवसर के रूप में दर्ज होगा, क्योंकि पहली बार ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता दिवस के मुख्य औपचारिक कार्यक्रम का निर्धारित हिस्सा बनेगा।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार, 6 अगस्त 2026 की सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई। हादसे में कार में सवार उनके एक साथी की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अबान अहमद अपने साथियों के साथ एक SUV में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान झांसी जिले में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने सीमेंट के डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे में दो लोगों की मौत मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में लगभग 21 वर्षीय अबान अहमद और उनके साथी सोनू की मौत हुई है। कार में मौजूद तीन अन्य यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है और उनकी स्थिति पर नजर रखी है। झांसी पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में वाहन के तेज गति में होने और डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और क्षतिग्रस्त वाहन की जांच कर रही है। भाई से मुलाकात से जुड़ी थी यात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, अबान अहमद की यह यात्रा झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात से जुड़ी थी। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि वह भाई से मिलने जा रहे थे, जबकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार मुलाकात के बाद प्रयागराज लौट रहे थे। यात्रा की दिशा को लेकर अलग-अलग सूचनाएं सामने आई हैं, इसलिए पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। हादसा झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र में होने की बात सामने आई है। दुर्घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्षतिग्रस्त SUV को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ जारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद SUV बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों की मदद करने की कोशिश की। हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के समय वाहन कौन चला रहा था, उसकी गति कितनी थी और क्या चालक को अचानक किसी वाहन या अन्य बाधा से बचने के लिए गाड़ी मोड़नी पड़ी थी। पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आ सकती है। एक बार फिर चर्चा में आया अतीक अहमद का परिवार अबान अहमद की मौत के बाद अतीक अहमद का परिवार फिर एक बार चर्चा में आ गया है। अप्रैल 2023 में अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की झांसी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हुई थी। इसके कुछ दिनों बाद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब परिवार के सबसे छोटे बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत से परिवार को एक और बड़ा झटका लगा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन और परिचित अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस हादसे के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट दावों और सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।