उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टेक्नोलॉजी से जुड़ा बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होने जा रहा है। 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में International Dialogue 2026 आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत कई देशों के टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक साइंस और युवाओं के लिए करियर से जुड़े अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
तीन दिनों तक चलेगा International Dialogue 2026
International Dialogue 2026 का आयोजन तीन दिनों तक किया जाएगा। इसमें तकनीक, शिक्षा, उद्योग, कानून और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी। आयोजन का उद्देश्य सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाना है। इसके जरिए नई तकनीकों के इस्तेमाल और भविष्य की जरूरतों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
AI और नई तकनीकों पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम में Artificial Intelligence (AI), Robotics, Drones, 3D Printing, Quantum Computing और Quantum Communication जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक डीएनए और आधुनिक जांच तकनीकों से जुड़े विषय भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी भी महत्वपूर्ण विषय हैं। कार्यक्रम में डेटा सिक्योरिटी, डिजिटल गवर्नेंस, ऑडिट और कानूनी अनुपालन जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
युवाओं के पास इंटर्नशिप और करियर के अवसर
इस आयोजन में विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। युवाओं को टेक्नोलॉजी कंपनियों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं से संवाद करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, तकनीकी प्रशिक्षण और करियर के अवसरों से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
मास्टरक्लास, तकनीकी प्रदर्शन और इंडस्ट्री-एकेडमिया संवाद के जरिए विद्यार्थियों को उद्योग की मौजूदा जरूरतों और भविष्य की तकनीकों की जानकारी देने की योजना है।
24 अक्टूबर को होगा मुख्य समिट
आयोजन के दौरान 24 अक्टूबर को मुख्य समिट आयोजित किया जाएगा। इसमें नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। निवेश, तकनीकी सहयोग, शोध और नई तकनीकों के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत होगी।
UPSIFS पेश करेगा ‘Law with Labs’ मॉडल
कार्यक्रम में UPSIFS अपने ‘Law with Labs’ मॉडल को भी प्रदर्शित करेगा। इसका उद्देश्य कानून की पढ़ाई और वैज्ञानिक तकनीक को एक साथ जोड़ना है। इसमें AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, साइबर फॉरेंसिक और फॉरेंसिक डीएनए जैसी तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
लखनऊ में बढ़ेगा तकनीकी सहयोग
लखनऊ में आयोजित होने वाला International Dialogue 2026 तकनीक, शिक्षा, उद्योग और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत अन्य देशों के विशेषज्ञों की भागीदारी से तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान, शोध सहयोग और युवाओं के लिए नए अवसरों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुवायां थाना क्षेत्र के नत्थापुर गांव में अंतिम संस्कार के बाद जलती चिता पर कथित तौर पर मीट पकाने का मामला सामने आया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, नत्थापुर गांव निवासी छोटेलाल का बीमारी के चलते 19 सितंबर को निधन हो गया था। 20 सितंबर की दोपहर गांव के पास स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद परिवार के लोग घर लौट गए। शाम को मृतक के बेटे वीरपाल अपने परिजनों के साथ दोबारा चिता देखने के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां उन्होंने कथित तौर पर तीन लोगों को चिता की आग पर एक बर्तन रखकर मीट पकाते हुए देखा। मृतक के परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। वीरपाल ने एक आरोपी को मौके पर पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद यूपी-112 की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया गया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। शुरुआती जानकारी में दो आरोपी मौके से फरार बताए गए थे। बाद में पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले में नत्थापुर झंझटपुर निवासी रामचरन, राजेंद्र और सुरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। क्षेत्राधिकारी पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। घटना का एक वीडियो भी सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी श्मशान घाट पर शराब पी रहे थे और इसी दौरान उन्होंने चिता की आग पर मीट पकाने का फैसला किया। वहीं, दूसरी रिपोर्ट में आरोपियों पर तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधि का आरोप लगाए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन दावों को लेकर पुलिस की जांच और दर्ज मामले की जानकारी को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए। घटना सामने आने के बाद मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों ने इस घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
देशभर में आज, 17 सितंबर 2026 को विश्वकर्मा पूजा मनाई जा रही है। हिंदू परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को दिव्य वास्तुकार और शिल्पकार के रूप में माना जाता है। यह पर्व खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिनका काम औजारों, मशीनों, निर्माण और तकनीकी कार्यों से जुड़ा है। कन्या संक्रांति से जुड़ा है पर्व विश्वकर्मा पूजा का संबंध कन्या संक्रांति से है। इस दिन सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने की मान्यता है। 2026 में कन्या संक्रांति 17 सितंबर को हुई है। उपलब्ध पंचांग जानकारी के अनुसार सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश का समय लगभग सुबह 7:58 बजे बताया गया है। हालांकि पूजा के स्थानीय समय में शहर और पंचांग के अनुसार अंतर हो सकता है। कारखानों और कार्यस्थलों पर विशेष आयोजन विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर देश के कई हिस्सों में कारखानों, वर्कशॉप, गैराज, निर्माण स्थलों और दुकानों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। लोग अपने कार्यस्थल की सफाई करने के बाद मशीनों, औजारों, वाहनों और अन्य उपकरणों को सजाते हैं। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर काम में सुरक्षा, सफलता और समृद्धि की कामना की जाती है। इंजीनियरों और कारीगरों के लिए खास महत्व यह पर्व इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स, कारीगरों, मैकेनिकों, तकनीशियनों, फैक्ट्री कर्मचारियों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच विशेष रूप से मनाया जाता है। कई स्थानों पर कर्मचारी और कारोबारी मिलकर पूजा का आयोजन करते हैं और प्रसाद का वितरण भी किया जाता है। औजारों और मशीनों की पूजा की परंपरा विश्वकर्मा पूजा की प्रमुख परंपराओं में काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों और मशीनों की पूजा शामिल है। मान्यता के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और शिल्प कौशल से जोड़ा जाता है। इसलिए उनके पर्व पर लोग उन उपकरणों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं, जिनके माध्यम से वे अपना काम और आजीविका चलाते हैं। सफाई और पूजा के बाद प्रसाद वितरण कई कार्यस्थलों पर पूजा से पहले मशीनों और उपकरणों की सफाई की जाती है। भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित कर फूल, अक्षत, रोली और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है। पूजा और आरती के बाद कर्मचारियों तथा अन्य लोगों के बीच प्रसाद वितरित किया जाता है। पूजा की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है। काम और कौशल के सम्मान का पर्व विश्वकर्मा पूजा धार्मिक आस्था के साथ-साथ कारीगरी, तकनीकी कौशल और मेहनत के सम्मान से भी जुड़ी है। इस अवसर पर लोग अपने कार्यस्थल और काम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। देशभर में आज विभिन्न उद्योगों, दुकानों, वर्कशॉप और संस्थानों में पूजा-अर्चना के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आज यानी 15 सितंबर 2026 को राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के दिनभर के कार्यक्रमों के बाद शाम में कैबिनेट बैठक होने की जानकारी सामने आई है। कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हो सकती है चर्चा कैबिनेट बैठक में राज्य के प्रशासन, विकास और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद ही सामने आएगी। बाढ़ राहत पर भी नजर बिहार के कई जिले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं। बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की वजह से परेशान हैं। ऐसे में सरकार के सामने राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से चलाना एक बड़ी चुनौती है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद राज्य सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता भी जारी की गई है। करीब 8.27 लाख प्रभावित परिवारों के खातों में 579.23 करोड़ रुपये की राहत राशि भेजी गई है। पात्र परिवारों को 7 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। राहत और बचाव व्यवस्था की समीक्षा संभव कैबिनेट बैठक के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर भी सरकार का ध्यान रह सकता है। प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा महत्वपूर्ण हो सकती है। विकास योजनाओं पर भी चर्चा की उम्मीद बाढ़ के अलावा राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज से जुड़े मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। सरकार की ओर से नए प्रस्तावों और योजनाओं को लेकर भी फैसले लिए जाने की संभावना है। आधिकारिक फैसलों का इंतजार फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक में कौन-कौन से प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलेगी। इसलिए बैठक से पहले सामने आ रही संभावनाओं को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। शाम की बैठक पर सबकी नजर अब सबकी नजर आज शाम होने वाली कैबिनेट बैठक पर है। बैठक खत्म होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों और मंजूर प्रस्तावों की आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।