Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) आज, 23 अप्रैल 2026 को हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) के रिजल्ट जारी करने जा रहा है। बोर्ड शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नतीजों की घोषणा करेगा। इस साल करीब 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ सकता है, इसलिए छात्र अलग-अलग तरीकों से अपना परिणाम देख सकते हैं।
वेबसाइट से ऐसे करें चेक
सबसे पहले upmsp.edu.in या upresults.nic.in वेबसाइट पर जाएं
होमपेज पर “High School Result 2026” या “Intermediate Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
अपना रोल नंबर दर्ज करें
12वीं के छात्र स्कूल कोड भी भरें (एडमिट कार्ड में दिया होता है)
कैप्चा भरकर Submit करें
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे आप डाउनलोड या सेव कर सकते हैं
SMS से भी देख सकते हैं रिजल्ट
अगर वेबसाइट स्लो हो या खुल नहीं रही हो, तो SMS के जरिए भी रिजल्ट चेक किया जा सकता है:
10वीं के लिए: टाइप करें UP10
12वीं के लिए: टाइप करें UP12
इसे भेजें 56263 पर
कुछ ही सेकंड में आपका रिजल्ट मोबाइल पर मैसेज के रूप में आ जाएगा।
डिजिलॉकर से रिजल्ट देखें
छात्र डिजिलॉकर (results.digilocker.gov.in) पर भी अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।
इस तरह छात्र बिना किसी परेशानी के अपना UP बोर्ड रिजल्ट आसानी से चेक कर सकते हैं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई 2026 को गोरखपुर को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने करीब ₹994 करोड़ की कुल 14 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें ₹813 करोड़ की लागत से तैयार 4 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जबकि ₹181 करोड़ की लागत वाली 10 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। गोरखपुर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार इन परियोजनाओं को गोरखपुर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। करीब ₹994 करोड़ की इन परियोजनाओं से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। साथ ही कई विकास कार्यों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। ₹813 करोड़ की चार परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ₹813 करोड़ की लागत से पूरी हो चुकी चार परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं के शुरू होने से अब आम जनता सीधे तौर पर इनका लाभ उठा सकेगी। सरकार का दावा है कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा। गोरखपुर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल हुआ है। शहर में सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं पर काम किया गया है। नई परियोजनाओं का लोकार्पण इसी विकास अभियान को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। 10 नई परियोजनाओं का किया शिलान्यास CM योगी आदित्यनाथ ने ₹181 करोड़ की लागत वाली 10 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं का निर्माण पूरा होने के बाद गोरखपुर के विभिन्न इलाकों में विकास की सुविधाएं और बेहतर होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। सरकार का जोर इस बात पर है कि जनता के लिए शुरू की जाने वाली योजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों और उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा गोरखपुर गोरखपुर को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख शहर माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और परिवहन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। सरकार की कोशिश है कि गोरखपुर को पूर्वांचल के एक बड़े आर्थिक और विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। करीब ₹994 करोड़ की 14 परियोजनाओं की यह सौगात इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इन परियोजनाओं से न केवल शहर की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि गोरखपुर के भविष्य के विकास को भी नई मजबूती मिल सकती है।
LUCKNOW, 21 JULY 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में प्रदेश के विकास, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, योगी कैबिनेट ने कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें करीब 330 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ा फैसला प्रमुख बताया जा रहा है। 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मंजूरी कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला प्रयागराज से सोनभद्र क्षेत्र की ओर बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से जुड़ा रहा। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 330 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी गई है। सरकार की इस परियोजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और इसे राज्य के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी UPEIDA की आधिकारिक प्रस्तावित परियोजनाओं की सूची में भी विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे स्पर शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार पिछले कुछ समय से इन परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाने की योजना बना रही थी। पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र को मिलेगा फायदा नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। बेहतर सड़कों के कारण लोगों का यात्रा समय कम हो सकता है और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। सोनभद्र उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से माल परिवहन और उद्योगों के लिए कनेक्टिविटी आसान हो सकती है। इसके साथ ही धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होने की संभावना है। विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार पर जोर दे रही है। राज्य में पहले से मौजूद और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के जरिए विभिन्न जिलों और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क कनेक्टिविटी को लेकर कहा था कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही अधिक आबादी वाले शहरों में बाइपास विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया गया था। ऐसे में नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की मंजूरी को राज्य सरकार की इसी व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। रोजगार और निवेश के नए अवसरों की उम्मीद एक्सप्रेसवे केवल यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने की भी संभावना रहती है। नए एक्सप्रेसवे के बनने से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण कंपनियों के लिए नए क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करना आसान हो सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद भी की जा रही है। 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में कुल 16 महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें एक्सप्रेसवे परियोजना सबसे प्रमुख फैसलों में से एक है। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले समय में सड़क नेटवर्क और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। 330 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजना के आगे बढ़ने से विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र को विकास की नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अब इस परियोजना के विस्तृत निर्माण कार्यक्रम, लागत, भूमि अधिग्रहण और पूरा होने की समयसीमा से जुड़ी आधिकारिक जानकारियों पर लोगों की नजर रहेगी। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद यह उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांदा जिले के दौरे के दौरान विकास की नई सौगात देते हुए लगभग 701 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बुंदेलखंड को विकास, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं से संपन्न क्षेत्र बनाना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार ऐसे कार्य कर रही है जिससे आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड प्रदेश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल होगा। विकास परियोजनाओं से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर मुख्यमंत्री ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, उनमें सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर जनता तक उसका लाभ पहुंचाना है। बुंदेलखंड के विकास को सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड सूखा, पलायन और पानी की कमी जैसी समस्याओं के कारण चर्चा में रहता था। लेकिन अब सरकार जल संरक्षण, सिंचाई परियोजनाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, सिंचाई परियोजनाओं और औद्योगिक विकास जैसी योजनाओं से पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। आने वाले समय में यहां निवेश बढ़ेगा और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। कानून व्यवस्था पर भी दिया सख्त संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं, बेटियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो लोग कानून हाथ में लेने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों के साथ-साथ कानून व्यवस्था को भी पूरी मजबूती से बनाए रखा जाए। जनता से विकास में भागीदारी की अपील कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने और विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता मिलकर ही बुंदेलखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बांदा सहित पूरा बुंदेलखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प है कि बुंदेलखंड को विकास का मॉडल बनाया जाए और इसे ऐसा क्षेत्र बनाया जाए जहां लोगों को बेहतर जीवन, रोजगार और आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।