Lucknow Desk: वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विशेष चर्चा हो रही है। सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् पर जोरदार बहस हुई। वहीं आज इसी मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा हो रही है। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम् पर चर्चा की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् आजादी का उद्घोष है। इसकी चर्चा से हमारी आने वाली पीढ़ियां इसकी महिमा समझेंगी। वंदे मातरम् की रचना में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र की संस्कृति का जो भाव है। वह संस्कृति के साथ जुड़ाव आने वाली पीढ़ियों का जुड़ाव हो। हम सब सौभाग्यशाली है कि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं और हिस्सा भी ले रहे हैं। कुछ सदस्यों ने लोकसभा में सवाल उठाया था आज वंदे मातरम् पर आज चर्चा की जरूरत क्या है? वंदे मातरम् पर चर्चा की जरूरत पहले भी थी और आगे भी रहेगी।
अमित शाह ने आगे कहा कि जिनको आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों हो रही है समझ नहीं रही है उनको अपने समझ पर विचार करने की जरूरत है। कुछ लोग इसको बंगाल चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं वो सही नहीं है। ये सही है कि बंकिम बाबू की पृष्टभूमि बंगाल थी लेकिन वंदे मातरम् बंगाल तक समिति नहीं था।
आज भी सरहद पर जवान अपना सर्वोच्च बलिदान देता है उसके मुंह पर एक ही मंत्र होता है वो है वंदे मातरम्...वंदे मातरम् का नारा आजादी के उद्घोष का नारा बन गया था। वह आजादी का प्रेरणा स्रोत बना था।
वंदे मातरम् के दोनों सदनों में चर्चा से हमारे बच्चे, किशोर युवा और आने वाली कई पीढ़ियां वंदे मातरम् के महत्व को समझेगी।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम् के यशोगान के लिए चर्चा के लिए हम यहां आए है। चर्चा के जरिए हमारे देश के किशोर, युवा, आने वाली पीढ़ियों तक वंदे मातरम् का योगदान पता चले। हम सब सौभाग्यशाली है कि हमें एतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं। वंदे मातरम सिर्फ बंगाल तक या देश तक सीमित नहीं रहा। दुनिया भर में जहां तक आजादी के दीवाने थे, उन्होंने इसका गुणगान किया है। जब सरहद पर एक जवान अपने प्राण त्यागता है, तो उसकी जुबान पर वंदे मातरम् होता है। राष्ट्रीय समर्पण का आह्वान हमेशा से जरूरी रहा है और 2047 में भी महत्वपूर्ण रहेगा। भारत की पहचान और लोकतांत्रिक भावना में इसके स्थायी स्थान पर जोर दिया गया है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सिंचाई विभाग से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच तेज हो गई है। आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 344 ऐसे लोगों के नाम पर कोषागार में खाते खुलवाकर करीब 16 करोड़ रुपये का एरियर भुगतान किया गया, जिनकी विभाग में नियुक्ति नहीं हुई थी। महालेखाकार प्रयागराज की ऑडिट टीम की जांच में संदिग्ध भुगतान का मामला सामने आया। इसके बाद संबंधित एकाउंटेंट को निलंबित कर दिया गया और पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। ऑडिट जांच में सामने आया मामला यह मामला मिर्जापुर कैनाल डिविजन के लघु डाल पंप कैनाल खंड से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, महालेखाकार प्रयागराज की टीम ने 14 अक्टूबर से विभागीय रिकॉर्ड का ऑडिट शुरू किया था। जांच के दौरान 16 अक्टूबर को करीब 16 करोड़ रुपये के कथित फर्जी एरियर भुगतान का मामला सामने आया। ऑडिट टीम ने भुगतान से संबंधित दस्तावेजों और खातों की जांच के दौरान संदिग्ध लेनदेन की पहचान की। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। अब जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि भुगतान किस प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। 344 लोगों के नाम पर एरियर भुगतान का आरोप मामले में आरोप है कि विभाग में नियुक्ति नहीं होने के बावजूद 344 लोगों के नाम पर कोषागार में खाते खुलवाए गए। इसके बाद उनके नाम पर एरियर की रकम जारी कर दी गई। कुल भुगतान लगभग 16 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। एरियर का भुगतान आमतौर पर कर्मचारियों को वेतन संशोधन, वेतनवृद्धि या अन्य स्वीकृत बकाया राशि के रूप में किया जाता है। इसके लिए संबंधित कर्मचारी का रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी होता है। ऐसे में इस मामले में बिल तैयार करने, दस्तावेजों की जांच करने और भुगतान को मंजूरी देने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है। एकाउंटेंट निलंबित, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी मामला सामने आने के बाद मिर्जापुर कैनाल डिविजन के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार की ओर से 18 अक्टूबर को शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर एकाउंटेंट जितेंद्र कुमार और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद संबंधित एकाउंटेंट को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने या किसी कर्मचारी के निलंबित होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो चुके हैं। मामले में पुलिस की जांच और विभागीय स्तर पर जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अन्य विभागीय रिकॉर्ड की भी जांच ऑडिट टीम ने नलकूप और लघु डाल नहर प्रखंड कार्यालयों से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की। जांच में जनवरी से अगस्त 2026 के बीच कोषागार से पारित बिलों, वेतनवृद्धि के बाद दिए गए एरियर और सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन निर्धारण से जुड़े भुगतान की जांच की जा रही है। इसके साथ ही वर्ष 2016 से अब तक तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का विवरण भी मांगा गया है। इससे भुगतान प्रक्रिया में शामिल लोगों की जिम्मेदारी निर्धारित करने और संदिग्ध लेनदेन की अवधि का पता लगाने में मदद मिल सकती है। जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति मिर्जापुर में सामने आए इस मामले ने सरकारी विभागों में वित्तीय निगरानी और भुगतान से पहले दस्तावेजों के सत्यापन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल मामले में कथित 16 करोड़ रुपये के भुगतान, खातों के संचालन और भुगतान की स्वीकृति से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के जरिए की जानी है। पुलिस और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में कौन-कौन जिम्मेदार है और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग में किन लोगों की भूमिका रही
राजधानी लखनऊ के निगोहां क्षेत्र में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को सड़क दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई। लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर शेखपुरा टोल प्लाजा के पास ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदी एक पिकअप अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार चालक तथा परिचालक केबिन में फंस गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। शाम के समय हुई दुर्घटना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे हुआ। पिकअप में ऑक्सीजन सिलेंडर लदे हुए थे और वाहन लखनऊ से प्रयागराज की ओर जा रहा था। इसी दौरान शेखपुरा टोल प्लाजा के पास वाहन डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर भी सड़क पर बिखर गए। अचानक हुई दुर्घटना के बाद हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को यातायात व्यवस्था संभालनी पड़ी। केबिन में फंसे दोनों लोग दुर्घटना के बाद पिकअप के चालक और परिचालक केबिन के अंदर फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर दोनों को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मोहनलालगंज ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतकों की पहचान सामने आई समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों की पहचान इंद्रदेव पटेल और रमेश चंद्र के रूप में हुई है। दोनों अलग-अलग जिलों के निवासी बताए गए हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल बन गया। पुलिस जांच में जुटी हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की। क्षतिग्रस्त पिकअप तथा सड़क पर बिखरे सिलेंडरों को हटाने के बाद यातायात बहाल कराने की कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जानकारी में वाहन के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। निगोहां की इस घटना ने हाईवे पर सुरक्षित वाहन संचालन की जरूरत को एक बार फिर सामने रखा है। दुर्घटना में दो लोगों की मौत से उनके परिवारों को अपूरणीय क्षति हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी सुधारों के बजाय देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली में हुए प्रदर्शनों पर उठाए सवाल राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली में पिछले दिनों हुए घटनाक्रम गंभीर चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठन युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल रचनात्मक कार्यों और देश के विकास के बजाय राजनीतिक टकराव बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश बताया। हालांकि, ये राजनाथ सिंह के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग और एसआईआर का मुद्दा यह विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक टकराव के बीच सामने आया है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रही है। उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी पर भी साधा निशाना रक्षा मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश के विकास की जिम्मेदारी को समझना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख करते हुए आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगों और 1990 में कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग जैसे घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उनके बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रक्रिया तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जारी राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत मिले हैं। राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के विरोध और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है। कांग्रेस मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है, जबकि भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उसकी मंशा पर सवाल उठा रही है। लखनऊ में राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस इसी राजनीतिक विवाद की एक अहम कड़ी रही। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक बयान चर्चा में रह सकते हैं।