उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शनिवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जारी आदेश को लागू कराने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के पास पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
आरक्षण की विसंगति दूर करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण व्यवस्था को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अभ्यर्थियों के अनुसार, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जैसे वर्गों से संबंधित आरक्षण और छूट के नियमों को सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को लागू करते हुए भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जाएं और पात्र अभ्यर्थियों को उनका अधिकार दिया जाए।
आठ साल से जारी है मामला
अभ्यर्थियों का कहना है कि 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला लंबे समय से लंबित है। उनका आरोप है कि आरक्षण से जुड़ी समस्याओं के कारण कई अभ्यर्थियों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब संबंधित आयोग की ओर से मामले में आदेश दिया जा चुका है, तो उसके अनुपालन में देरी नहीं होनी चाहिए। वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकाले।
मंत्रियों से भी हो चुकी है वार्ता
इस मामले को लेकर 10 सितंबर को उच्चस्तरीय बैठक भी हुई थी। बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, विभागीय अधिकारी और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। अभ्यर्थियों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और मामले पर आगे निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था।
इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि आयोग के आदेश पर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग
प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर आरक्षण संबंधी विवाद का समाधान करने और भर्ती प्रक्रिया में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।
फिलहाल 68,500 शिक्षक भर्ती का यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद कर रहे हैं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। उन्होंने केंद्र पर बिहार के साथ भेदभाव करने और राज्य की गंभीर स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विशेष मदद की मांग तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार इस समय गंभीर बाढ़ की स्थिति से गुजर रहा है और बड़ी संख्या में लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में राज्य सरकार को राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बिहार के लिए विशेष राहत पैकेज जारी किया जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके। उनके मुताबिक, राहत कार्यों के साथ-साथ बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए भी पर्याप्त धन की जरूरत है। केंद्र पर भेदभाव का आरोप तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि राज्य में बाढ़ से बड़े स्तर पर परेशानी पैदा हुई है, लेकिन केंद्र की ओर से बिहार की जरूरतों के मुताबिक मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप करने और बिहार की स्थिति को गंभीरता से लेने की अपील की। उनका कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रभावित लोगों की मदद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बिहार में बाढ़ से बढ़ी परेशानी बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ का असर बना हुआ है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, 15 जिलों में 47 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है। कुछ इलाकों में पानी कम होने लगा है, लेकिन प्रशासन ने पानी घटने के दौरान भी संभावित जोखिमों को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। भागलपुर में भी बाढ़ का दबाव बढ़ने से कई तटबंधों के टूटने की खबर सामने आई है। इससे आसपास के गांवों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है और राहत-बचाव टीमों को लगातार काम करना पड़ रहा है। पहले भी उठाई थी विशेष सहायता की मांग तेजस्वी यादव इससे पहले भी बिहार की बाढ़ को लेकर केंद्र सरकार से विशेष सहायता की मांग कर चुके हैं। 7 सितंबर को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और बिहार के लिए 5,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की थी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था और किसानों-मजदूरों के लिए भी सहायता की मांग रखी थी। अब 12 सितंबर को एक बार फिर विशेष राहत पैकेज की मांग सामने आने से बिहार की बाढ़ और केंद्र से मिलने वाली सहायता का मुद्दा चर्चा में है। राज्य में राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जबकि प्रभावित लोगों को सरकार से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने होमगार्ड भर्ती के तहत होने वाली Physical Efficiency Test (PET) को एक बार फिर स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा पहले 8 सितंबर 2026 से शुरू होनी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 14 सितंबर किया गया था। अब 14 सितंबर से प्रस्तावित परीक्षा को भी अग्रिम आदेश तक टाल दिया गया है। लगातार बारिश बनी परीक्षा स्थगित होने की वजह भर्ती बोर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण PET के लिए बनाए गए विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। कई मैदानों में पानी और फिसलन होने के कारण शारीरिक दक्षता परीक्षा कराना मुश्किल हो गया है। PET में अभ्यर्थियों को शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेना होता है। ऐसे में खराब मैदान की स्थिति से अभ्यर्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए बोर्ड ने परीक्षा को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले 8 सितंबर से होनी थी परीक्षा यूपी होमगार्ड भर्ती की PET पहले 8 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली थी। लगातार बारिश के कारण 8 सितंबर की परीक्षा को स्थगित करके 14 सितंबर 2026 से कराने का फैसला लिया गया था। इसके लिए संशोधित एडमिट कार्ड भी जारी किए जाने थे। लेकिन अब बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए 14 सितंबर से होने वाली परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। यानी अभ्यर्थियों को फिलहाल परीक्षा केंद्र पर 14 सितंबर को पहुंचने की जरूरत नहीं है। नई तारीख का इंतजार भर्ती बोर्ड ने अभी PET की नई तारीख घोषित नहीं की है। नई परीक्षा तारीख और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी आधिकारिक सूचना के माध्यम से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर आने वाले अपडेट पर नजर बनाए रखें। परीक्षा स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग वे अपनी PET की तैयारी को बेहतर करने में कर सकते हैं। साथ ही, नई तारीख जारी होने के बाद एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी होगा। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 14 सितंबर 2026 से प्रस्तावित UP Home Guard PET स्थगित है और नई तारीख का ऐलान अभी बाकी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना है। GIC मैदान में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) मैदान में प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:50 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच सकते हैं। कार्यक्रम में अयोध्या मंडल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल होंगी। नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बेहतर कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। सरकार की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक पोषण एवं प्रारंभिक बाल विकास से जुड़ी सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। आंगनवाड़ी सेवाओं पर सरकार का जोर उत्तर प्रदेश सरकार लगातार आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों तथा महिलाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को जमीन पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और बच्चों के प्रारंभिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों में इनकी भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। बड़ी संख्या में पहुंचेंगी कार्यकर्ता कार्यक्रम में अयोध्या मंडल से करीब 12 हजार से 15 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करने के साथ सरकार की योजनाओं और महिला एवं बाल विकास से जुड़े प्रयासों की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। इस कार्यक्रम को प्रदेश की आंगनवाड़ी व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।