Lucknow Desk: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की है। यह मुलाकात बहुत ही खास है। इसकी चर्चा जोरो से हो रही है। यह मुलाकात आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस में हुई है। इस खास मौके पर आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश भी मौजूद रहे। वहां पर अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी भी मौजूद रहे।
चंद्रबाबू नायडू ने शेयर की तस्वीरें
इस मुलाकात की जानकारी चंद्रबाबू नायडू ने अपने सोशल मीडिया पर दी है। उन्होंने मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए पोस्ट में लिखा, आज अमरावती में अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी से मिलकर मुझे खुशी हुई। जहां हमने राज्य में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और उभरते अवसरों पर चर्चा की।
आंध्र प्रदेश में निवेश को लेकर बातचीत
मिली जानकारी के अनुसार, गौतम अदाणी और सीएम चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में चल रहे अदाणी ग्रुप के विभिन्न प्रोजेक्ट पर बात की है। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि आंध्र प्रदेश में आगे और क्या निवेश किया जा सकता है। बातचीत के दौरान दोनों तरफ से विकास की विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा हुई है।
40 हजार करोड़ रुपए पहले से है निवेश
बता दें, आंध्र प्रदेश में अदाणी ग्रुप 40 हजार करोड़ रुपए का निवेश पहले ही कर चुका है। इस निवेश से चल रहे अलग-अलग प्रोजेक्ट में अब तक एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां लोगों को मिल चुकी है। वहीं अब नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से बड़े पैमाने पर और रोजगार सृजन होने की उम्मीद है। बीते दिनों अदाणी पोर्ट्स और एसईजेड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि आंध्र प्रदेश में आने वाले दशक में 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। जिसमें विजाट टेक पार्क जैसी बड़ी- बड़ी परियोजनाएं शामिल है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
देश की प्रमुख डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों में शामिल Jio Platforms के प्रस्तावित आईपीओ को शेयर बाजार में निवेशकों का अच्छा समर्थन मिला है। करीब ₹30,213 करोड़ के इस आईपीओ में दूसरे दिन भी जमकर बोलियां लगाई गईं। कंपनी के कारोबार, डिजिटल सेवाओं और टेलीकॉम क्षेत्र में उसकी मजबूत मौजूदगी को देखते हुए निवेशकों की निगाहें इस सार्वजनिक निर्गम पर टिकी हुई हैं। आईपीओ को मिला निवेशकों का मजबूत समर्थन Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। शुरुआती दिन से ही इसमें निवेशकों की दिलचस्पी दिखाई दी। दूसरे दिन, 22 अक्टूबर को भी बोली लगाने की प्रक्रिया जारी रही और इश्यू को कुल मिलाकर 5.57 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इस आंकड़े से पता चलता है कि निर्धारित शेयरों की तुलना में निवेशकों ने कई गुना अधिक शेयरों के लिए आवेदन किया। आईपीओ में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। बड़े निवेशकों की ओर से मिली मांग ने इस निर्गम को बाजार में चर्चा का विषय बना दिया। डिजिटल कारोबार बना आकर्षण का केंद्र Jio Platforms का कारोबार केवल मोबाइल टेलीकॉम सेवाओं तक सीमित नहीं है। कंपनी डिजिटल कनेक्टिविटी, इंटरनेट सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक आधारित सुविधाओं के क्षेत्र में भी काम करती है। भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को तेज किया है। निवेशक कंपनी की भविष्य की विकास संभावनाओं, ग्राहक आधार और डिजिटल कारोबार के विस्तार पर ध्यान दे रहे हैं। इसके अलावा, भारत में डेटा की बढ़ती मांग और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल से टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए अवसर बन रहे हैं। ₹30,213 करोड़ के आईपीओ पर बाजार की नजर Jio Platforms ने इस आईपीओ के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का मूल्य दायरा निर्धारित किया है। ऊपरी मूल्य के आधार पर कंपनी का अनुमानित बाजार मूल्यांकन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ है। इतने बड़े आकार के आईपीओ के कारण घरेलू शेयर बाजार में भी इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। कंपनी की योजना आईपीओ से प्राप्त धनराशि का बड़ा हिस्सा अपनी सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm के कुछ कर्जों के भुगतान के लिए इस्तेमाल करने की है। इसके अलावा, राशि का एक हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर खर्च किया जाएगा। लिस्टिंग से पहले निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए? आईपीओ को अधिक सब्सक्रिप्शन मिलना निवेशकों की मांग को दर्शाता है, लेकिन इससे लिस्टिंग के दिन शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं मिलती। बाजार की स्थिति, कंपनी का मूल्यांकन, वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों की धारणा शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निवेश करने से पहले निवेशकों को आईपीओ से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों और जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए। केवल लोकप्रियता या अधिक सब्सक्रिप्शन देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
अक्टूबर 2026 में त्योहारों और नियमित साप्ताहिक अवकाश के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक कई दिनों तक बंद रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टी व्यवस्था के तहत बैंक अवकाश पूरे देश में एक जैसे नहीं होते। अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय त्योहारों के आधार पर छुट्टियां निर्धारित की जाती हैं। इसलिए ग्राहकों के लिए बैंक जाने से पहले अपने क्षेत्र की छुट्टी सूची देखना जरूरी है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती अक्टूबर महीने में सबसे प्रमुख राष्ट्रीय बैंक अवकाश 2 अक्टूबर 2026 को रहेगा। इस दिन महात्मा गांधी जयंती के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके बाद 10 अक्टूबर को दूसरा शनिवार होने के कारण भी सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। दशहरा के कारण कई राज्यों में छुट्टी अक्टूबर में दशहरा और दुर्गा पूजा के कारण कई राज्यों में बैंक शाखाओं की छुट्टियां रहेंगी। 20 अक्टूबर को विजयादशमी/दशहरा के अवसर पर कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। वहीं कुछ क्षेत्रों में दुर्गा पूजा से जुड़े स्थानीय अवकाश के कारण 18 और 19 अक्टूबर को भी बैंक शाखाओं का संचालन प्रभावित हो सकता है। 21 अक्टूबर को भी कई राज्यों में विजयादशमी से संबंधित बैंक अवकाश रहेगा। इन छुट्टियों की स्थिति राज्य और संबंधित बैंकिंग क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है। चौथा शनिवार भी रहेगा बैंक अवकाश 24 अक्टूबर 2026 को चौथा शनिवार है। RBI के नियमों के अनुसार दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक शाखाएं बंद रहती हैं। इसके अलावा हर रविवार को भी बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज नहीं होता। क्या पूरे भारत में 16 दिन बैंक बंद रहेंगे? अक्टूबर में 16 दिन बैंक बंद रहने की खबर को पूरे देश के लिए लागू मानना सही नहीं है। अलग-अलग राज्यों की छुट्टियों को जोड़ने पर कुल संख्या बड़ी दिखाई दे सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी एक राज्य में बैंक लगातार 16 दिन बंद रहेंगे। RBI की छुट्टी सूची में कई अवकाश केवल विशेष राज्यों या शहरों के लिए निर्धारित होते हैं। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश में अक्टूबर 2026 की सूची के अनुसार 2 अक्टूबर गांधी जयंती, 10 अक्टूबर दूसरा शनिवार, 20 अक्टूबर विजयादशमी और 24 अक्टूबर चौथा शनिवार प्रमुख बैंक अवकाश हैं। डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी उपलब्ध बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों के लिए कई डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहती हैं। UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सेवाओं का इस्तेमाल छुट्टी के दिनों में भी किया जा सकता है। हालांकि, शाखा में होने वाले काम जैसे दस्तावेज जमा करना, कुछ नकद संबंधी सेवाएं या अन्य ऑफलाइन कार्य बैंक खुलने के बाद ही पूरे हो सकते हैं। इसलिए जिन लोगों को अक्टूबर में बैंक से जुड़ा जरूरी काम है, उन्हें छुट्टियों की तारीख देखकर पहले से योजना बनानी चाहिए। खासकर त्योहारों के दौरान बैंक शाखाओं में भीड़ बढ़ सकती है, इसलिए जरूरी काम छुट्टी से पहले पूरा करना सुविधाजनक रहेगा। अक्टूबर 2026 में बैंक छुट्टियों की संख्या राज्य के अनुसार अलग-अलग होगी। ग्राहकों को “16 दिन बैंक बंद” जैसी सामान्य जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय अपने राज्य और बैंक की आधिकारिक छुट्टी सूची देखकर शाखा जाने की योजना बनानी चाहिए।
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ की। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 400 अंकों से अधिक की तेजी देखने को मिली, जबकि निफ्टी 23,350 के स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। बाजार में इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भारतीय कंपनियों की लागत और महंगाई को लेकर दबाव कम होने की उम्मीद बनी है। इसका असर निवेशकों के रुख पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स में 400 अंक से ज्यादा की बढ़त सोमवार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स करीब 448 अंक की बढ़त के साथ 74,743 के स्तर के आसपास पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी बढ़त के साथ 23,350 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा। हालांकि, बाजार के सभी हिस्सों में एक जैसी तेजी नहीं रही। कुछ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव भी देखने को मिला। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अलग-अलग कंपनियों के प्रदर्शन और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कारोबार कर रहे हैं। कई बड़े शेयरों में तेजी शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखने को मिली। अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स और इंडिगो जैसे शेयरों में खरीदारी का रुख नजर आया। दूसरी ओर कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी रही। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब दिनभर के कारोबार पर बनी हुई है। निवेशकों के लिए वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां महत्वपूर्ण संकेतक बने हुए हैं। विदेशी निवेशकों की गतिविधि भी अहम भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली का असर भी देखने को मिलता है। हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी हुई है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी भी बाजार को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी बाजार से जुड़े संकेत अभी भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में सोमवार की शुरुआती तेजी के बावजूद आगे कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, 21 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। सेंसेक्स में 400 अंकों से अधिक की शुरुआती बढ़त और निफ्टी के 23,350 के ऊपर कारोबार करने से बाजार में तेजी का माहौल दिखाई दिया। अब निवेशकों की नजर आगे के कारोबार और वैश्विक संकेतों पर रहेगी।