भारतीय शेयर बाजार में 29 सितंबर 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव रहा और निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रही। इससे पहले 28 सितंबर को भी घरेलू बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
सेंसेक्स और निफ्टी में दबाव
28 सितंबर के कारोबार में सेंसेक्स 1,124 अंक से अधिक गिरकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी करीब 360 अंक टूटकर 22,780.25 पर पहुंच गया। इस गिरावट के बाद बाजार में निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई। 29 सितंबर को भी बाजार में दबाव बना रहा और कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमत बनी वजह
बाजार में चिंता बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी शामिल है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर देश के आयात बिल और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से बिकवाली होने पर घरेलू बाजार में दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर चल रही आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का असर भी निवेशकों के फैसलों पर पड़ रहा है।
कई सेक्टरों में कमजोरी
बाजार में गिरावट के दौरान कई प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, ऑटो और अन्य बड़े क्षेत्रों के शेयरों में निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा को प्रभावित करती रहीं। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी भी दिखाई दी, जिससे बाजार में पूरी तरह एकतरफा गिरावट नहीं रही।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के आंकड़ों और वैश्विक बाजारों के रुख पर है। इसके अलावा आने वाले आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन से भी बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में निवेशकों के लिए जोखिम और अपनी निवेश रणनीति को ध्यान में रखना जरूरी है।
29 सितंबर के कारोबार में बाजार की चाल से यह साफ है कि वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों का भारतीय शेयर बाजार पर असर बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर बाजार की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर रहेगी।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारतीय शेयर बाजार में 29 सितंबर 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव रहा और निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रही। इससे पहले 28 सितंबर को भी घरेलू बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। सेंसेक्स और निफ्टी में दबाव 28 सितंबर के कारोबार में सेंसेक्स 1,124 अंक से अधिक गिरकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी करीब 360 अंक टूटकर 22,780.25 पर पहुंच गया। इस गिरावट के बाद बाजार में निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई। 29 सितंबर को भी बाजार में दबाव बना रहा और कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमत बनी वजह बाजार में चिंता बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी शामिल है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर देश के आयात बिल और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से बिकवाली होने पर घरेलू बाजार में दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर चल रही आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का असर भी निवेशकों के फैसलों पर पड़ रहा है। कई सेक्टरों में कमजोरी बाजार में गिरावट के दौरान कई प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, ऑटो और अन्य बड़े क्षेत्रों के शेयरों में निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा को प्रभावित करती रहीं। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी भी दिखाई दी, जिससे बाजार में पूरी तरह एकतरफा गिरावट नहीं रही। निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के आंकड़ों और वैश्विक बाजारों के रुख पर है। इसके अलावा आने वाले आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन से भी बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में निवेशकों के लिए जोखिम और अपनी निवेश रणनीति को ध्यान में रखना जरूरी है। 29 सितंबर के कारोबार में बाजार की चाल से यह साफ है कि वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों का भारतीय शेयर बाजार पर असर बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर बाजार की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर रहेगी।
उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी सेवा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई है। Bharat Taxi ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में अपनी सेवा शुरू कर दी। इनमें लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज शामिल हैं। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सेवा की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके साथ ही राज्य में सहकारी मॉडल पर आधारित डिजिटल मोबिलिटी सेवा का विस्तार हुआ है। ड्राइवर को बनाया गया सेवा का मालिक Bharat Taxi का सबसे खास पहलू इसका “Driver is the Owner” मॉडल है। सामान्य ऐप आधारित टैक्सी व्यवस्था में ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़कर यात्रियों को सेवा देते हैं, जबकि Bharat Taxi में ड्राइवरों यानी सारथियों (Saarthis) को सहकारी व्यवस्था में सदस्य और हितधारक बनाने पर जोर दिया गया है। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, Bharat Taxi में ड्राइवरों से राइड पर कमीशन नहीं लिया जाता। राइड से होने वाली कमाई सीधे सारथियों के खातों में पहुंचाने की व्यवस्था बताई गई है। सहकारी मॉडल के जरिए ड्राइवरों को संगठन के संचालन और निर्णय प्रक्रिया में भी भागीदारी मिलती है। छह महीने में 10 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़े सरकार के मुताबिक फरवरी 2026 में शुरुआत के बाद Bharat Taxi से छह महीने में 10 लाख से अधिक सारथी जुड़ चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन करीब 20 हजार राइड पूरी होने की जानकारी दी गई है। वहीं, पिछले छह महीनों में सारथियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि क्रेडिट होने की बात भी सरकार ने बताई है। उत्तर प्रदेश के इन पांच शहरों में भी करीब 40 हजार सारथी पहले ही रजिस्टर हो चुके हैं। इससे आने वाले समय में इन शहरों में Bharat Taxi की सेवा का दायरा बढ़ने की संभावना है। हालांकि किसी ड्राइवर की वास्तविक कमाई राइड की संख्या, काम के घंटे, शहर और वाहन से जुड़े खर्च पर निर्भर करेगी। यात्रियों के लिए क्या बदलेगा? Bharat Taxi का उद्देश्य यात्रियों को पारदर्शी और किफायती मोबिलिटी विकल्प उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार प्लेटफॉर्म का मॉडल बिना कमीशन और पारदर्शी किराया व्यवस्था पर आधारित है। कंपनी का संचालन Sahakar Taxi Cooperative Limited (STCL) द्वारा किया जाता है, जो Multi-State Cooperative Societies Act, 2002 के तहत पंजीकृत है। लखनऊ में Lucknow Metro, Airport Authority और Lucknow Police के साथ Bharat Taxi के समझौते भी हुए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी और परिवहन सेवाओं को बेहतर तरीके से जोड़ना है। इस विस्तार के साथ अब उत्तर प्रदेश के पांच बड़े शहरों में यात्रियों को ऐप आधारित टैक्सी सेवा का एक नया विकल्प मिलेगा। वहीं ड्राइवरों के लिए सहकारी और जीरो-कमीशन मॉडल किस तरह काम करता है और लंबे समय में उनकी आय पर इसका क्या असर पड़ता है, यह सेवा के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगा।
देशभर में बैंक कर्मचारियों की ओर से शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की गई। इस हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से किया गया है। हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को सरकार और संबंधित संस्थाओं के सामने रखना है। इस दौरान खास तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित हुआ है। पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की मांग बैंक कर्मचारी यूनियनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। यूनियनों का कहना है कि पांच दिन काम और दो दिन साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था लंबे समय से प्रस्तावित है, लेकिन इसे अभी तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। यूनियनों के अनुसार, पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकता है। इस मांग को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार सरकार और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते रहे हैं। PLI व्यवस्था को लेकर भी विरोध हड़ताल का एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा Performance Linked Incentive यानी PLI व्यवस्था है। बैंक कर्मचारी संगठनों ने PLI व्यवस्था में बदलाव और उससे जुड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताई है। यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों के बीच प्रोत्साहन व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और समान नियम होने चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर बैंक कर्मचारी संगठनों और संबंधित पक्षों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है। ग्राहकों को किन सेवाओं में परेशानी हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में होने वाले कई सामान्य काम प्रभावित हो सकते हैं। इनमें नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, पासबुक अपडेट, बैंक अधिकारियों से संबंधित कार्य और कुछ अन्य शाखा आधारित सेवाएं शामिल हैं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है। ग्राहक UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। कई बैंकों ने ग्राहकों को जरूरी काम पहले पूरा करने और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। SBI समेत कई बैंकों ने जारी की जानकारी देश के बड़े बैंकों ने हड़ताल को लेकर अपने ग्राहकों को जानकारी दी है। भारतीय स्टेट बैंक समेत कई बैंकों ने कहा है कि उन्होंने शाखाओं और कार्यालयों में सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की हैं। हालांकि कर्मचारियों की भागीदारी के कारण कुछ सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए डिजिटल चैनलों, ATM और उपलब्ध अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करें। आगे भी हो सकती है हड़ताल 11 सितंबर की एक दिवसीय हड़ताल के बाद बैंक यूनियनों ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी आंदोलन की घोषणा की है। 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल का कार्यक्रम बताया गया है। इसके अलावा मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। फिलहाल बैंक कर्मचारियों और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की कोशिश जारी है। आने वाले दिनों में सरकार और बैंकिंग संगठनों की ओर से लिए जाने वाले फैसलों पर कर्मचारियों की अगली रणनीति निर्भर करेगी। इस हड़ताल के चलते ग्राहकों को शाखा से जुड़े जरूरी कामों में असुविधा हो सकती है। हालांकि ATM, UPI और अन्य डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है।