उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए यातायात नियमों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। अब बाइक या स्कूटी पर पीछे बैठने वाली सवारी के बिना हेलमेट होने पर भी ई-चालान की कार्रवाई की जा सकेगी। यह व्यवस्था नए ई-चालान सिस्टम में शामिल की गई है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना और दोपहिया वाहनों पर हेलमेट के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
पीछे बैठने वाली सवारी पर भी होगी कार्रवाई
अब तक सड़क पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले चालक के खिलाफ कार्रवाई आसानी से दर्ज की जाती थी। लेकिन पीछे बैठी सवारी के हेलमेट न पहनने की स्थिति में कार्रवाई दर्ज करने के लिए ई-चालान व्यवस्था में अलग सुविधा की जरूरत थी। नए सिस्टम में इस तरह के उल्लंघन को दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है।
इसका मतलब यह है कि यदि बाइक या स्कूटी पर चालक ने हेलमेट पहना है, लेकिन पीछे बैठी सवारी बिना हेलमेट है, तो यातायात नियमों के उल्लंघन के आधार पर ई-चालान किया जा सकता है।
हेलमेट पहनना पहले से है जरूरी
यह ध्यान रखना जरूरी है कि पीछे बैठने वाली सवारी के लिए हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पूरी तरह नया नियम नहीं है। मोटर वाहन नियमों के तहत दोपहिया वाहन पर चालक के साथ बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट का प्रावधान पहले से मौजूद है। अब डिजिटल ई-चालान व्यवस्था में इस उल्लंघन को दर्ज करने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित किया जा रहा है।
नए ई-चालान सिस्टम से निगरानी होगी आसान
उत्तर प्रदेश में यातायात नियमों की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। नए ई-चालान सिस्टम के जरिए यातायात पुलिस को अलग-अलग प्रकार के उल्लंघनों को रिकॉर्ड करने में सुविधा मिलेगी। इससे बिना हेलमेट यात्रा करने वाले चालक और पीछे बैठी सवारी दोनों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार दोपहिया वाहन चालकों और यात्रियों के लिए हेलमेट बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है। दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट सिर में गंभीर चोट के जोखिम को कम करने में मदद करता है। ऐसे में यातायात विभाग की ओर से लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है।
वाहन चालकों को रखना होगा ध्यान
बाइक या स्कूटी से यात्रा करने वालों को अब केवल चालक के हेलमेट पर ध्यान देने के बजाय पीछे बैठने वाली सवारी के हेलमेट का भी ध्यान रखना होगा। यात्रा शुरू करने से पहले चालक और पीछे बैठी सवारी दोनों का हेलमेट पहनना जरूरी है। नियमों का पालन करने से ई-चालान से बचने के साथ सड़क पर सुरक्षा भी बढ़ाई जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि दोपहिया वाहन पर यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक करना भी है। आने वाले समय में डिजिटल निगरानी और ई-चालान व्यवस्था के विस्तार से यातायात नियमों के पालन पर और अधिक जोर दिया जा सकता है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
बिहार के किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर सरकारी सब्सिडी पाने का आज आखिरी मौका है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत राज्य के किसानों से कृषि उपकरणों की खरीद पर अनुदान के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें अंतिम दिन आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कृषि यंत्र खरीदने पर मिलेगा अनुदान बिहार सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराना और खेती की लागत तथा मेहनत को कम करने में मदद करना है। योजना के तहत पात्र किसानों को अलग-अलग कृषि यंत्रों की खरीद पर निर्धारित नियमों के अनुसार अनुदान दिया जाता है। विभिन्न उपकरणों पर सब्सिडी की दर अलग-अलग हो सकती है और कुछ मामलों में यह 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक बताई गई है। कई तरह के कृषि उपकरण योजना में शामिल योजना के तहत खेती से जुड़े अलग-अलग कामों में इस्तेमाल होने वाले कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है। इनमें खेत की तैयारी, बुवाई, सिंचाई, फसल की कटाई और अन्य कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरण शामिल हो सकते हैं। इससे छोटे और मध्यम किसानों को आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करने में आर्थिक सहायता मिल सकती है। 30 सितंबर तक आवेदन का मौका कृषि विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सितंबर में शुरू की गई थी। अब 30 सितंबर 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है। किसानों को सलाह दी गई है कि आवेदन करते समय अपने दस्तावेज और बैंक से जुड़ी जानकारी सही तरीके से दर्ज करें। गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेज के कारण आवेदन प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है। ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं किसान कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन बिहार कृषि विभाग से संबंधित ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से किया जा सकता है। किसानों को आवेदन करने से पहले यह देखना चाहिए कि उनके लिए कौन-कौन से कृषि यंत्र और अनुदान की राशि निर्धारित है। आवेदन के बाद आगे की प्रक्रिया विभागीय नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है योजना कृषि मशीनरी की कीमत अधिक होने के कारण कई किसानों के लिए आधुनिक उपकरण खरीदना मुश्किल होता है। सरकारी अनुदान मिलने से उपकरण खरीदने की लागत का एक हिस्सा कम हो सकता है। इससे किसान खेती के काम को कम समय में पूरा करने के लिए मशीनों का उपयोग कर सकते हैं। सब्सिडी की वास्तविक राशि, पात्रता और कृषि यंत्रों की सूची किसान की श्रेणी तथा संबंधित योजना के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन करने से पहले बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।
देश में पनीर की बिक्री और लेबलिंग को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। FSSAI ने गैर-डेयरी सामग्री से बने पनीर जैसे उत्पादों को ‘Paneer’ के नाम से बेचने और प्रचारित करने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट 24 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। क्या है FSSAI का नया प्रस्ताव? FSSAI के प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य ऐसे उत्पादों को पारंपरिक पनीर के नाम से बेचे जाने से रोकना है, जिनमें दूध से प्राप्त सामग्री की जगह गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे उत्पादों को आमतौर पर ‘Analogue in Dairy Context’ श्रेणी में रखा जाता है। प्रस्ताव के अनुसार, गैर-डेयरी सामग्री से बने उत्पादों को अपने नाम, लेबल या मार्केटिंग में ‘Paneer’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करना होगा। FSSAI का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति और उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर पारंपरिक पनीर मुख्य रूप से दूध और दूध से प्राप्त ठोस पदार्थों से तैयार किया जाता है। इसके विपरीत, एनालॉग उत्पादों में दूध के फैट या प्रोटीन की जगह कुछ मामलों में वनस्पति तेल, फैट, वनस्पति प्रोटीन और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इन उत्पादों को पनीर जैसा स्वाद, बनावट या उपयोग देने के लिए तैयार किया जाता है। FSSAI के मौजूदा डेयरी मानकों के अनुसार पनीर के लिए दूध और मिल्क सॉलिड्स प्रमुख कच्चे पदार्थ होते हैं। प्रस्तावित बदलाव इसी अंतर को लेबलिंग में अधिक स्पष्ट करने की दिशा में है। उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा? अगर यह प्रस्ताव अंतिम नियम के रूप में लागू होता है, तो बाजार में बिकने वाले डेयरी और गैर-डेयरी उत्पादों के बीच अंतर करना उपभोक्ताओं के लिए आसान हो सकता है। पैकेट पर उत्पाद का नाम और उसकी संरचना देखकर ग्राहक यह समझ सकेंगे कि वह वास्तविक दूध-आधारित पनीर खरीद रहे हैं या किसी गैर-डेयरी विकल्प को। FSSAI ने इस ड्राफ्ट पर लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं। इसलिए फिलहाल इसे अंतिम प्रतिबंध नहीं, बल्कि प्रस्तावित नियामकीय बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए। पहले भी उठ चुका है मुद्दा एनालॉग पनीर की लेबलिंग को लेकर FSSAI पहले भी कार्रवाई और निर्देश जारी कर चुका है। अप्रैल 2026 में FSSAI के पश्चिमी क्षेत्र ने Cheese Analogue की सही लेबलिंग को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी किया था और ऐसे उत्पादों को ‘paneer’ के रूप में बेचने को नियमों का उल्लंघन बताया था। अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित संशोधन के जरिए FSSAI इस मामले में नियमों को और स्पष्ट करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अंतिम नियम लागू होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नए प्रावधान किस रूप में प्रभावी होंगे।
बिहार की राजधानी पटना में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक घर में चल रही नकली विदेशी शराब बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है। यह कार्रवाई गोपालपुर थाना क्षेत्र के जकरियापुर इलाके में की गई। विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई सामान और उपकरण बरामद किए हैं। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। घर में चल रहा था अवैध कारोबार उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि जकरियापुर इलाके में एक घर से अवैध तरीके से शराब तैयार करने और उसकी पैकिंग का काम किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की। जांच के दौरान वहां शराब तैयार करने और पैकिंग से जुड़े सामान मिले। अधिकारियों के अनुसार मौके पर बड़ी संख्या में खाली बोतलें, नकली लेबल और अन्य सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी टीम के हाथ लगे हैं। बरामद सामान को विभाग ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी मौके से फरार छापेमारी के दौरान अवैध फैक्ट्री से जुड़े लोग मौके पर मौजूद नहीं मिले। कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपियों के फरार होने की बात सामने आई है। उत्पाद विभाग अब इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने और उनकी तलाश में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान की जांच की जा रही है। इसके आधार पर अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि तैयार की गई नकली शराब की सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी। बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री मिली छापेमारी के दौरान मिली खाली बोतलों और नकली लेबल से यह संकेत मिला है कि यहां शराब की पैकिंग का काम भी किया जा रहा था। टीम ने मौके से तैयार नकली शराब भी बरामद की है। बरामद सामग्री की मात्रा और अन्य विवरणों की जांच विभाग द्वारा की जा रही है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन और उत्पाद विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बावजूद अलग-अलग इलाकों में अवैध शराब बनाने और उसकी बिक्री से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की ओर से छापेमारी और जांच की कार्रवाई की जाती है। नेटवर्क की जांच में जुटा विभाग पटना में सामने आए इस मामले में अब उत्पाद विभाग का मुख्य फोकस अवैध फैक्ट्री संचालकों और शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने पर है। अधिकारियों द्वारा बरामद सामान की जांच के साथ-साथ संबंधित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ है कि अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए विभाग की निगरानी जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और कार्रवाई होने की संभावना है। फिलहाल उत्पाद विभाग ने बरामद सामान को सुरक्षित रखकर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।