भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने Korea Masters 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में अश्मिता ने चीन की चौथी वरीय खिलाड़ी Han Qian Xi को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। यह मुकाबला लगभग 53 मिनट तक चला। इस जीत के साथ अश्मिता Korea Masters का महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी
फाइनल मुकाबले की शुरुआत अश्मिता के लिए आसान नहीं रही। पहले गेम में Han Qian Xi ने तेज शुरुआत की और भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया। अश्मिता को पहला गेम 14-21 से गंवाना पड़ा। हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने खेल में बड़ा बदलाव किया और दूसरे गेम में आक्रामक रणनीति अपनाई।
दूसरे गेम में अश्मिता ने बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए चीनी खिलाड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। उन्होंने यह गेम 21-14 से जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। निर्णायक तीसरे गेम में भी अश्मिता ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और एक बार फिर 21-14 से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
अश्मिता का पहला BWF World Tour खिताब
Korea Masters की यह जीत अश्मिता चालिहा के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह उनका पहला BWF World Tour खिताब भी है। Korea Masters एक BWF World Tour Super 300 प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन 4 से 9 अगस्त 2026 के बीच दक्षिण कोरिया में हुआ।
अश्मिता की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कुछ समय में उन्हें चोट के कारण मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा था। 2026 में चोट से वापसी के बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। इससे पहले Macau Open में भी वह महिला एकल के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं।
भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि
अश्मिता की इस जीत को भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से भारतीय महिला बैडमिंटन में पीवी सिंधु और साइना नेहवाल जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। अब अश्मिता जैसी खिलाड़ी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खिताब जीतकर भारत की नई बैडमिंटन प्रतिभा के रूप में उभर रही हैं।
खास बात यह रही कि अश्मिता ने फाइनल में पहला गेम हारने के बावजूद दबाव में अपना संयम नहीं खोया। अगले दोनों गेम में उनकी रणनीति और कोर्ट कवरेज बेहतर नजर आई, जिससे वह मुकाबले में वापसी करने में सफल रहीं।
भविष्य के लिए बढ़ी उम्मीदें
Korea Masters 2026 का खिताब अश्मिता के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही अश्मिता अब आने वाली प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी।
9 अगस्त 2026 को मिली यह ऐतिहासिक जीत भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए यादगार रही। Korea Masters चैंपियन बनकर अश्मिता चालिहा ने साबित किया कि वह आने वाले समय में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलताएं हासिल करने की क्षमता रखती हैं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने Korea Masters 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में अश्मिता ने चीन की चौथी वरीय खिलाड़ी Han Qian Xi को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। यह मुकाबला लगभग 53 मिनट तक चला। इस जीत के साथ अश्मिता Korea Masters का महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी फाइनल मुकाबले की शुरुआत अश्मिता के लिए आसान नहीं रही। पहले गेम में Han Qian Xi ने तेज शुरुआत की और भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया। अश्मिता को पहला गेम 14-21 से गंवाना पड़ा। हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने खेल में बड़ा बदलाव किया और दूसरे गेम में आक्रामक रणनीति अपनाई। दूसरे गेम में अश्मिता ने बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए चीनी खिलाड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। उन्होंने यह गेम 21-14 से जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। निर्णायक तीसरे गेम में भी अश्मिता ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और एक बार फिर 21-14 से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। अश्मिता का पहला BWF World Tour खिताब Korea Masters की यह जीत अश्मिता चालिहा के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह उनका पहला BWF World Tour खिताब भी है। Korea Masters एक BWF World Tour Super 300 प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन 4 से 9 अगस्त 2026 के बीच दक्षिण कोरिया में हुआ। अश्मिता की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कुछ समय में उन्हें चोट के कारण मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा था। 2026 में चोट से वापसी के बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। इससे पहले Macau Open में भी वह महिला एकल के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि अश्मिता की इस जीत को भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से भारतीय महिला बैडमिंटन में पीवी सिंधु और साइना नेहवाल जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। अब अश्मिता जैसी खिलाड़ी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खिताब जीतकर भारत की नई बैडमिंटन प्रतिभा के रूप में उभर रही हैं। खास बात यह रही कि अश्मिता ने फाइनल में पहला गेम हारने के बावजूद दबाव में अपना संयम नहीं खोया। अगले दोनों गेम में उनकी रणनीति और कोर्ट कवरेज बेहतर नजर आई, जिससे वह मुकाबले में वापसी करने में सफल रहीं। भविष्य के लिए बढ़ी उम्मीदें Korea Masters 2026 का खिताब अश्मिता के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही अश्मिता अब आने वाली प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। 9 अगस्त 2026 को मिली यह ऐतिहासिक जीत भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए यादगार रही। Korea Masters चैंपियन बनकर अश्मिता चालिहा ने साबित किया कि वह आने वाले समय में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलताएं हासिल करने की क्षमता रखती हैं।
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह और महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने अपने-अपने मुकाबलों में रजत पदक जीतकर भारतीय खेल प्रेमियों को गर्व का अवसर दिया। दोनों खिलाड़ियों ने 28 जुलाई 2026 को पदक हासिल किए। इनके शानदार प्रदर्शन से भारत की पदक तालिका भी मजबूत हुई है। गुलवीर सिंह ने रचा नया इतिहास गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि लंबी दूरी की दौड़ में भारत को कॉमनवेल्थ स्तर पर लंबे समय से पदक का इंतजार था। बारिश और खराब मौसम के बावजूद गुलवीर सिंह ने धैर्य के साथ अपनी दौड़ पूरी की। उन्होंने शुरुआत में अपनी गति को नियंत्रित रखा और अंतिम चरण में तेज रफ्तार दिखाते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। गुलवीर ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय लिया। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने पहला स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीता। गुलवीर सिंह की यह जीत भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उनकी सफलता से देश के युवा धावकों को भी प्रेरणा मिलेगी। लंबे समय से गुलवीर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स का यह रजत पदक उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। हरजिंदर कौर ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलोग्राम भारवर्ग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। उन्होंने मुकाबले के दौरान शानदार ताकत, संतुलन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। हरजिंदर ने अपने सफल प्रयासों के माध्यम से पदक की दौड़ में मजबूती बनाए रखी और अंत में दूसरा स्थान हासिल किया। हरजिंदर कौर इससे पहले भी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। अब ग्लासगो में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। यह जीत उनकी वर्षों की मेहनत, नियमित अभ्यास और कठिन प्रशिक्षण का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलवीर सिंह और हरजिंदर कौर को रजत पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के खिलाड़ियों और युवाओं को प्रेरित करेगी। खेल जगत से जुड़े कई दिग्गजों और प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। भारत की पदक उम्मीदों को मिली मजबूती गुलवीर सिंह और हरजिंदर कौर के रजत पदकों से भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ा है। इसी दिन भारत के तीन मुक्केबाजों ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर अपने पदक सुनिश्चित किए। इससे आने वाले मुकाबलों में भारत की पदक संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दोनों खिलाड़ियों की सफलता ने साबित किया है कि भारतीय खिलाड़ी एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक रजत और हरजिंदर कौर का दमदार प्रदर्शन भारतीय खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने घरेलू क्रिकेट के कुछ नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का मकसद खेल को ज्यादा सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना है। सबसे बड़ा बदलाव जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने को लेकर किया गया है। जानबूझकर नो-बॉल फेंकी तो मैच से बाहर अगर कोई गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट फुट नो-बॉल फेंकता है और अंपायर को भी ऐसा लगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। ऐसे गेंदबाज को मैच के बाकी हिस्से से बाहर किया जा सकता है। यानी वह आगे मैच में हिस्सा नहीं ले सकेगा। BCCI का मानना है कि जानबूझकर नियम तोड़ना खेल भावना के खिलाफ है। इसलिए ऐसे मामलों में अब ज्यादा सख्ती होगी। खतरनाक बीमर पर भी सख्त कार्रवाई अगर कोई गेंदबाज जानबूझकर ऐसी बीमर फेंकता है, जिससे बल्लेबाज को चोट लग सकती है, तो उसे भी मैच से बाहर किया जा सकता है। बीमर ऐसी गेंद होती है जो बिना पिच पर टप्पा खाए बल्लेबाज के शरीर की ऊंचाई तक पहुंचती है। ऐसी गेंद बल्लेबाज के लिए खतरनाक हो सकती है। इस नए नियम का मकसद खिलाड़ियों की सुरक्षा बढ़ाना है। दिन का आखिरी ओवर पूरा खेला जाएगा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दिन के आखिरी ओवर को लेकर भी नियम बदला गया है। अब अगर दिन के आखिरी ओवर के बीच में कोई विकेट गिरता है, तो दिन का खेल तुरंत खत्म नहीं होगा। ओवर की बाकी गेंदें भी फेंकी जाएंगी। इस नियम से मैच के आखिरी समय में भी रोमांच बना रहेगा। डिक्लेरेशन और फॉरफिट के नियम में बदलाव BCCI ने मैच की अंतिम पारी में डिक्लेरेशन और फॉरफिट से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। इस बदलाव का मकसद किसी टीम को जानबूझकर ऐसा फैसला लेने से रोकना है, जिससे मैच का नतीजा गलत तरीके से प्रभावित हो सके। अब टीमों को ऐसे फैसले लेते समय नियमों का ज्यादा ध्यान रखना होगा। कप्तान और विकेटकीपर से जुड़े नियम भी बदले नए नियमों में कप्तान और विकेटकीपर से जुड़ी कुछ बातों को भी साफ किया गया है। इससे खिलाड़ियों और अंपायरों के लिए नियम समझना आसान होगा। साथ ही मैच के दौरान किसी तरह की उलझन भी कम होगी। घरेलू क्रिकेट में बढ़ेगा अनुशासन BCCI के इन नए नियमों का सीधा असर घरेलू क्रिकेट पर पड़ेगा। खासकर जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाजों को अब ज्यादा सावधान रहना होगा। इन बदलावों से खिलाड़ियों की सुरक्षा बढ़ेगी और खेल में अनुशासन भी बेहतर होगा। कुल मिलाकर BCCI ने घरेलू क्रिकेट को ज्यादा सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए ये नियम बदले हैं। आने वाले घरेलू सीजन में इन नियमों का खिलाड़ियों और टीमों की रणनीति पर असर देखने को मिल सकता है।