भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 छक्के पूरे कर लिए और ऐसा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उनकी यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास मानी जा रही है।
श्रीलंका के खिलाफ पूरा किया रिकॉर्ड
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट की दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अपना 100वां टेस्ट छक्का लगाया। पंत लंबे समय से अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी वह परिस्थितियों की परवाह किए बिना बड़े शॉट खेलने से पीछे नहीं हटते। इसी अंदाज ने उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया है।
पहले भारतीय बने ऋषभ पंत
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत की ओर से कई महान बल्लेबाज खेले हैं, लेकिन 100 छक्कों का आंकड़ा सबसे पहले ऋषभ पंत ने छुआ है। इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक नया इतिहास बना दिया। पंत ने यह मुकाम अपेक्षाकृत कम मैचों और पारियों में हासिल किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है।
पंत ने अपने टेस्ट करियर की 89वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की। वह गेंदबाजों पर दबाव बनाने और मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं।
भारतीय टीम मजबूत स्थिति में
गॉल टेस्ट के चौथे दिन भारतीय टीम की स्थिति मजबूत बनी हुई है। बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ अच्छी रणनीति के साथ खेलते हुए भारत की बढ़त को मजबूत करने का प्रयास किया। इसी दौरान ऋषभ पंत ने अपने अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए दर्शकों का मनोरंजन किया।
पंत के छक्के ने न केवल भारत का स्कोर बढ़ाया बल्कि उनके नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज कर दिया। मैदान पर मौजूद दर्शकों और सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों ने उनकी इस उपलब्धि की जमकर तारीफ की।
आक्रामक बल्लेबाजी है पंत की पहचान
ऋषभ पंत की सबसे बड़ी ताकत उनकी निडर बल्लेबाजी है। वह स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं। कई बार उन्होंने टेस्ट मैचों में कठिन परिस्थितियों से भारतीय टीम को बाहर निकाला है।
उनकी बल्लेबाजी शैली पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट से अलग दिखाई देती है। वह जरूरत पड़ने पर तेजी से मैच का रुख बदल सकते हैं। यही कारण है कि दुनिया के कई गेंदबाज पंत के सामने खास रणनीति बनाकर गेंदबाजी करते हैं।
भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि
टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। ऋषभ पंत का यह रिकॉर्ड दिखाता है कि आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि पंत आने वाले मुकाबलों में अपने इस रिकॉर्ड को कितनी आगे तक ले जाते हैं। फिलहाल 18 अगस्त 2026 का दिन उनके टेस्ट करियर की खास तारीखों में शामिल हो गया है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 छक्के पूरे कर लिए और ऐसा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उनकी यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास मानी जा रही है। श्रीलंका के खिलाफ पूरा किया रिकॉर्ड भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट की दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अपना 100वां टेस्ट छक्का लगाया। पंत लंबे समय से अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी वह परिस्थितियों की परवाह किए बिना बड़े शॉट खेलने से पीछे नहीं हटते। इसी अंदाज ने उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया है। पहले भारतीय बने ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत की ओर से कई महान बल्लेबाज खेले हैं, लेकिन 100 छक्कों का आंकड़ा सबसे पहले ऋषभ पंत ने छुआ है। इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक नया इतिहास बना दिया। पंत ने यह मुकाम अपेक्षाकृत कम मैचों और पारियों में हासिल किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। पंत ने अपने टेस्ट करियर की 89वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की। वह गेंदबाजों पर दबाव बनाने और मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं। भारतीय टीम मजबूत स्थिति में गॉल टेस्ट के चौथे दिन भारतीय टीम की स्थिति मजबूत बनी हुई है। बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ अच्छी रणनीति के साथ खेलते हुए भारत की बढ़त को मजबूत करने का प्रयास किया। इसी दौरान ऋषभ पंत ने अपने अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए दर्शकों का मनोरंजन किया। पंत के छक्के ने न केवल भारत का स्कोर बढ़ाया बल्कि उनके नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज कर दिया। मैदान पर मौजूद दर्शकों और सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों ने उनकी इस उपलब्धि की जमकर तारीफ की। आक्रामक बल्लेबाजी है पंत की पहचान ऋषभ पंत की सबसे बड़ी ताकत उनकी निडर बल्लेबाजी है। वह स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं। कई बार उन्होंने टेस्ट मैचों में कठिन परिस्थितियों से भारतीय टीम को बाहर निकाला है। उनकी बल्लेबाजी शैली पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट से अलग दिखाई देती है। वह जरूरत पड़ने पर तेजी से मैच का रुख बदल सकते हैं। यही कारण है कि दुनिया के कई गेंदबाज पंत के सामने खास रणनीति बनाकर गेंदबाजी करते हैं। भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। ऋषभ पंत का यह रिकॉर्ड दिखाता है कि आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि पंत आने वाले मुकाबलों में अपने इस रिकॉर्ड को कितनी आगे तक ले जाते हैं। फिलहाल 18 अगस्त 2026 का दिन उनके टेस्ट करियर की खास तारीखों में शामिल हो गया है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज Jemimah Rodrigues ने टीम के अगले बड़े लक्ष्य को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की नजर अब ICC Women’s Champions Trophy 2027 पर है। 2025 में महिला वनडे विश्व कप जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और अब खिलाड़ी एक और बड़े ICC खिताब की तैयारी करना चाहती हैं। विश्व कप जीत से बढ़ा आत्मविश्वास Jemimah Rodrigues के अनुसार विश्व कप जीत ने भारतीय महिला टीम को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में सफलता मिलने के बाद टीम के खिलाड़ियों का भरोसा मजबूत हुआ है और अब सभी की सोच अगले बड़े लक्ष्य की ओर है। भारतीय महिला टीम ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में टीम का संतुलन बेहतर हुआ है। युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी क्रिकेटरों की मौजूदगी ने भी टीम को मजबूती दी है। Champions Trophy 2027 होगा अगला बड़ा मिशन ICC Women’s Champions Trophy 2027 महिला क्रिकेट के लिए एक नया और महत्वपूर्ण टूर्नामेंट होगा। यह प्रतियोगिता फरवरी 2027 में आयोजित होने वाली है। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट को लेकर पहले से तैयारी शुरू करना चाहती है ताकि बड़े मुकाबलों में दबाव को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। Jemimah ने संकेत दिया कि टीम केवल एक बड़ी जीत से संतुष्ट नहीं है। खिलाड़ियों का लक्ष्य लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और हर बड़े ICC टूर्नामेंट में खिताब के लिए चुनौती देना है। Jemimah Rodrigues की अहम भूमिका Jemimah Rodrigues भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में रन बनाने की क्षमता टीम के लिए काफी उपयोगी रही है। बड़े मैचों में उनका अनुभव Champions Trophy 2027 में भी भारत के लिए अहम साबित हो सकता है। टीम प्रबंधन की नजर भी उन खिलाड़ियों पर होगी जो आने वाले महीनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं। Champions Trophy से पहले टीम को अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग कॉम्बिनेशन तैयार करने का मौका मिलेगा। महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता भारत में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ICC टूर्नामेंट, महिला प्रीमियर लीग और द्विपक्षीय सीरीज में दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है। भारतीय टीम की बड़ी जीतों ने नई पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों को भी क्रिकेट की ओर आकर्षित किया है। विश्व कप की सफलता के बाद Champions Trophy 2027 को लेकर भी भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। लगातार सफलता पर टीम का फोकस भारतीय महिला टीम के सामने अब चुनौती यह होगी कि वह विश्व कप की सफलता को आगे भी जारी रखे। अगले कुछ महीनों में फिटनेस, टीम संयोजन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास ध्यान दिया जाएगा। Jemimah Rodrigues का बयान साफ करता है कि टीम का लक्ष्य अब सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि ICC Women’s Champions Trophy 2027 का खिताब जीतना है। भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यह टूर्नामेंट एक और बड़ा मौका होगा, जहां टीम दुनिया की मजबूत टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करना चाहेगी।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने Korea Masters 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में अश्मिता ने चीन की चौथी वरीय खिलाड़ी Han Qian Xi को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। यह मुकाबला लगभग 53 मिनट तक चला। इस जीत के साथ अश्मिता Korea Masters का महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी फाइनल मुकाबले की शुरुआत अश्मिता के लिए आसान नहीं रही। पहले गेम में Han Qian Xi ने तेज शुरुआत की और भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया। अश्मिता को पहला गेम 14-21 से गंवाना पड़ा। हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने खेल में बड़ा बदलाव किया और दूसरे गेम में आक्रामक रणनीति अपनाई। दूसरे गेम में अश्मिता ने बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए चीनी खिलाड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। उन्होंने यह गेम 21-14 से जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। निर्णायक तीसरे गेम में भी अश्मिता ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और एक बार फिर 21-14 से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। अश्मिता का पहला BWF World Tour खिताब Korea Masters की यह जीत अश्मिता चालिहा के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह उनका पहला BWF World Tour खिताब भी है। Korea Masters एक BWF World Tour Super 300 प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन 4 से 9 अगस्त 2026 के बीच दक्षिण कोरिया में हुआ। अश्मिता की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कुछ समय में उन्हें चोट के कारण मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा था। 2026 में चोट से वापसी के बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। इससे पहले Macau Open में भी वह महिला एकल के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि अश्मिता की इस जीत को भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से भारतीय महिला बैडमिंटन में पीवी सिंधु और साइना नेहवाल जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। अब अश्मिता जैसी खिलाड़ी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खिताब जीतकर भारत की नई बैडमिंटन प्रतिभा के रूप में उभर रही हैं। खास बात यह रही कि अश्मिता ने फाइनल में पहला गेम हारने के बावजूद दबाव में अपना संयम नहीं खोया। अगले दोनों गेम में उनकी रणनीति और कोर्ट कवरेज बेहतर नजर आई, जिससे वह मुकाबले में वापसी करने में सफल रहीं। भविष्य के लिए बढ़ी उम्मीदें Korea Masters 2026 का खिताब अश्मिता के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही अश्मिता अब आने वाली प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। 9 अगस्त 2026 को मिली यह ऐतिहासिक जीत भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए यादगार रही। Korea Masters चैंपियन बनकर अश्मिता चालिहा ने साबित किया कि वह आने वाले समय में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलताएं हासिल करने की क्षमता रखती हैं।