भारतीय मौसम विभाग ने अगस्त 2026 के दौरान देश में सामान्य से कम मानसूनी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने यह पूर्वानुमान 31 जुलाई 2026 को जारी किया था। इसके अनुसार अगस्त में पूरे देश की औसत बारिश दीर्घावधि औसत यानी LPA के 94 प्रतिशत से कम रह सकती है। इस पूर्वानुमान ने किसानों, कृषि विशेषज्ञों और जल प्रबंधन से जुड़े विभागों की चिंता बढ़ा दी है।
अगस्त और सितंबर में भी कम बारिश की आशंका
मौसम विभाग ने केवल अगस्त ही नहीं, बल्कि अगस्त और सितंबर 2026 की संयुक्त अवधि के दौरान भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है। IMD के अनुसार अगस्त से सितंबर के बीच देश में होने वाली बारिश दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से कम रह सकती है।
वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर अगस्त और सितंबर के दौरान पूरे देश की औसत बारिश लगभग 422.8 मिलीमीटर मानी जाती है। इस बार बारिश इससे कम रहने की आशंका जताई गई है। हालांकि देश के सभी हिस्सों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश भी हो सकती है।
किन क्षेत्रों में कम बारिश की संभावना?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार देश के कई हिस्सों में अगस्त और सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी हिस्सों तथा पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।
इसका अर्थ यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर बारिश कम रहने के बावजूद कुछ राज्यों में भारी बारिश या बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। मानसून की बारिश का वितरण असमान रहने से कहीं सूखे जैसी स्थिति और कहीं अत्यधिक वर्षा का सामना करना पड़ सकता है।
खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर
अगस्त का महीना खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, बाजरा और दाल जैसी फसलों को इस समय पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। यदि अगस्त में लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो खेतों में नमी कम हो सकती है और फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
जिन किसानों के पास सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं है, उनके लिए कम बारिश अधिक परेशानी पैदा कर सकती है। बारिश की कमी से दोबारा सिंचाई करने का खर्च बढ़ सकता है। इसका असर किसानों की उत्पादन लागत और फसलों की पैदावार पर भी पड़ने की आशंका है।
रिपोर्ट के अनुसार जून के अंत तक गर्मी के मौसम की फसलों की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत पीछे थी। जुलाई में बारिश सुधरने के बाद यह अंतर घटकर पांच प्रतिशत से कम रह गया। इसके बावजूद अगस्त में कम बारिश होने पर हाल में बोई गई फसलों पर दबाव बढ़ सकता है।
जुलाई में सामान्य रही मानसूनी बारिश
जुलाई 2026 के दौरान देश में मानसूनी बारिश लगभग सामान्य रही। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई की बारिश दीर्घावधि औसत से करीब एक प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। इससे जून में बनी बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने और खरीफ फसलों की बुवाई तेज करने में मदद मिली।
हालांकि जुलाई में बारिश अच्छी रहने के बाद भी मौसम विभाग ने अगस्त को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार कई दिनों तक बारिश नहीं होने या बारिश के असमान वितरण से कृषि गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
जलाशयों और पानी की उपलब्धता पर असर
भारत में मानसून की बारिश खेती के साथ-साथ नदियों, तालाबों, बांधों और भूजल स्तर के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। देश की वार्षिक बारिश का बड़ा हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्राप्त होता है।
यदि अगस्त और सितंबर में बारिश सामान्य से कम रहती है तो कुछ क्षेत्रों में जलाशयों का जलस्तर अपेक्षा के अनुसार नहीं बढ़ पाएगा। इससे आने वाले महीनों में सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
अल नीनो को माना जा रहा प्रमुख कारण
इस बार मानसून कमजोर रहने के पीछे अल नीनो की परिस्थितियों को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। अल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिसका असर भारत सहित कई देशों के मौसम पर पड़ता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो की स्थिति मजबूत होने पर भारत में मानसूनी बारिश कमजोर या असमान हो सकती है। हालांकि इसका प्रभाव हर क्षेत्र और हर वर्ष समान नहीं होता।
कुल मिलाकर अगस्त में सामान्य से कम बारिश का अनुमान किसानों और जल प्रबंधन विभागों के लिए चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में बारिश का वास्तविक वितरण कैसा रहता है, इस पर खरीफ फसलों की पैदावार, जलाशयों की स्थिति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था काफी हद तक निर्भर करेगी।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
केरल में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने से निचले क्षेत्रों में जलभराव, सड़कों पर पानी और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग ने 1 अगस्त 2026 को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट? 1 अगस्त को इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन, यातायात और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ी चिंता केरल के इडुक्की, वायनाड और कोझिकोड जैसे जिलों में कई पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्र हैं। लगातार बारिश के कारण मिट्टी गीली और कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन, पत्थर गिरने और मिट्टी धंसने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने पहाड़ी ढलानों, कमजोर मकानों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। जमीन में दरार, पेड़ों का अचानक झुकना, पहाड़ से पत्थर गिरना या पानी के बहाव में बदलाव जैसे संकेत दिखाई देने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। बाढ़ और जलभराव का भी खतरा भारी बारिश के कारण छोटी नदियों, नालों और जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अचानक बाढ़ या घरों में पानी घुसने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। शहरी क्षेत्रों में खराब जल निकासी के कारण सड़कों पर पानी जमा हो सकता है। इससे वाहन चालकों को परेशानी होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाली सड़कों को पार करने से बचने की सलाह दी है। कई बार सड़क पर जमा पानी कम गहरा दिखाई देता है, लेकिन तेज बहाव वाहन को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए लोगों को वैकल्पिक और सुरक्षित मार्गों का उपयोग करना चाहिए। तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखनी चाहिए। बिजली चमकने के समय घर के अंदर रहना अधिक सुरक्षित माना जाता है। मोबाइल फोन और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज रखने के साथ बिजली कटने की स्थिति के लिए टॉर्च और अन्य जरूरी सामान भी तैयार रखना चाहिए। मछुआरों और पर्यटकों के लिए चेतावनी समुद्र में तेज हवा और ऊंची लहरों की आशंका को देखते हुए मछुआरों को मौसम की आधिकारिक जानकारी लेने के बाद ही समुद्र में जाने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी लहरों और समुद्री कटाव से सावधान रहने को कहा गया है। बारिश के दौरान झरनों, नदियों और पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर जाना खतरनाक हो सकता है। अचानक जलस्तर बढ़ने या रास्ता बंद होने से पर्यटक फंस सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने पर उसका पालन करना जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से की अपील राज्य और जिला प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। राहत और बचाव टीमों को जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। लोगों को जरूरी दवाएं, पीने का पानी, सूखा भोजन और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रखने चाहिए। स्थानीय प्रशासन द्वारा घर खाली करने या राहत शिविर में जाने का निर्देश मिलने पर देरी नहीं करनी चाहिए। कुल मिलाकर केरल में भारी बारिश के कारण अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पहाड़ी, तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अफवाहों से बचते हुए मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
लखनऊ, 22 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश देखने को मिल रही है, जबकि मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 22 जुलाई को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई इलाकों में हो रही बारिश उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ समय से बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि, लगातार और तेज बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। 22 से 24 जुलाई के बीच भी कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में ज्यादा बारिश की संभावना मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश का अनुमान लगाया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 22 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना अधिक रह सकती है। बारिश के दौरान बिजली गिरने और गरज-चमक की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। तापमान में आएगी गिरावट बारिश की वजह से प्रदेश के तापमान में भी कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 22 जुलाई को उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अगले दिन भी बादल और बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश और बादलों के कारण गर्मी से राहत जरूर मिल रही है, लेकिन बढ़ी हुई नमी के कारण कुछ जगहों पर उमस महसूस हो सकती है। जलभराव और यातायात की समस्या बढ़ने की आशंका तेज बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और अन्य बड़े शहरों में निचले इलाकों तथा सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान बिजली के खंभों, तारों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज बारिश की स्थिति में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है बारिश मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। 24 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दिखाई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी लोगों को बारिश से राहत मिलने के बजाय कई क्षेत्रों में तेज बारिश का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल प्रदेश में बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है, लेकिन भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
देश के कई हिस्सों में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों तक उत्तर, पश्चिम और पहाड़ी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बढ़ सकती हैं मुश्किलें दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर जारी है। IMD ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज और कुछ स्थानों पर रेड अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मुंबई में रिकॉर्ड बारिश, प्रशासन अलर्ट पर मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में इस बार मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। बीते सात दिनों में शहर में रिकॉर्ड स्तर की बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। हालांकि कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता कम होने के संकेत हैं, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि अचानक तेज बारिश फिर से हालात बिगाड़ सकती है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल लगातार निगरानी कर रहे हैं। हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई संवेदनशील जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। नदी-नालों के किनारे जाने से भी मना किया गया है। इन राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी अगले सात दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। लोगों के लिए IMD की अहम सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। जलभराव वाले रास्तों से बचें, बिजली चमकने के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोग पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा सूचना अवश्य जांच लें। देश के कई हिस्सों में मानसून का प्रभाव आने वाले दिनों में और तेज रहने की संभावना है। दिल्ली से लेकर मुंबई और हिमाचल तक भारी बारिश जनजीवन पर असर डाल सकती है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।