Lucknow Desk: बिहार के सीएम नीतीश कुमार फिर से सुर्खियों हैं। इस बार उन्होंने एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींच दिया जिसके बाद से बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर बिहार सरकार और सीएम नीतीश पर हमला बोल रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियां सीएम नीतीश के इस्तीफे की मांग भी उठा रही हैं और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये मामला पहली बार नहीं है जब किसी राज्य के सीएम ने सार्वजनिक रूप से किसी महिला के चेहरे से हिजाब खींचा है। सीएम नीतीश से पहले कांग्रेस के सीएम एक कार्यक्रम में महिला का घूंघट हटा दिया था।
कांग्रेस ने नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग
सीएम नीतीश कुमार के इस हरकत पर कांग्रेस ने सवाल उठाया और अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में इसे ‘बेशर्म हरकत’ बताते हुए नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की और कहा कि जब राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह का व्यवहार करेगा तो महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है।
कांग्रेस के हमले के जवाब में बीजेपी ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक पुराना वीडियो शेयर कर दिया। इस वीडियो में गहलोत एक महिला का घूंघट हटाते हुए यह कहते नजर आते हैं कि घूंघट प्रथा खत्म हो चुकी है।
नीतीश कुमार के बाद अशोक गहलोत का वीडियो वायरल
हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश 1,200 से अधिक आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांटे थे। इसी दौरान एक महिला डॉक्टर हिजाब पहने नीतीश से पत्र लेने पहुंची। डॉक्टर को पत्र देने के बाद नीतीश ने उनके चेहरे से हिजाब नीचे खींच दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया। वहीं इस वीडियो के बाद बिहार सीएम की जमकर आलोचना होने लगी। विपक्ष इसे महिला सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा बताकर नीतीश के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का दावा करने लगा। इसी बीच कांग्रेस सरकार में राजस्थान के सीएम रहे अशोक गहलोत का भी एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में गहलोत एक कार्यक्रम के दौरान एक हिंदू महिला से बात करते हैं। इसके बाद खुद अपने हाथों से उसका घूंघट हटा देते हैं। महिला का घूंघट हटाने के साथ ही गहलोत उसे यह भी कहते हैं कि घूंघट प्रथा अब खत्म हो चुकी है। फिल्हाल यह वीडियो कुछ साल पुराने एक कार्यक्रम का है लेकिन नीतीश के हिजाब हटाने वाली घटना के बाद यह अब फिर से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है।
फिलहाल सीएम नीतीश कुमार के बुर्का हटाने के विवाद के बाद राजस्थान की यह पुरानी घटना फिर से चर्चा में आ गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या बुर्का और घूंघट जैसे विषयों को राजनीतिक मंचों से इस तरह उठाना सही है?
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: केंद्र सरकार ने बुधवार को मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया है, जिससे युमनाम खेमचंद सिंह की अगुवाई में एनडीए सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। आज खेमचंद सिंह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह शाम 6 बजे लोक भवन में आयोजित होगा। बता दें, मणिपुर में 13 फरवरी, 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। 60 सदस्यों वाली विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद यह निलंबित कर दी गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एक अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें कहा गया है, संविधान के अनुच्छेद 356 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, द्रौपदी मुर्मू, भारत की राष्ट्रपति, मणिपुर राज्य के संबंध में उक्त अनुच्छेद के तहत 13 फरवरी, 2025 को मेरे द्वारा जारी की गई उद्घोषणा को 4 फरवरी, 2026 से निरस्त करती हूं। युमनाम खेमचंद सिंह ने सरकार बनाने से पहले राज्यपाल अजय भल्ला से मुलाकात कर बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनाने का दावा पेश किया है। वहीं मणिपुर BJP के अध्यक्ष ए शारदा देवी ने बताया कि खेमचंद सिंह के नेतृत्व में NDA नेताओं ने इंफाल में लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात करने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया। कुकी-जो बहुल जिलों चुराचांदपुर और फेरजावल के दो विधायक उन प्रतिनिधियों में शामिल थे जिन्होंने राज्यपाल भल्ला से मुलाकात की। बता दें कि मणिपुर में 13 फरवरी, 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था। कुकी और मैतेई जातीय समूहों के बीच तनाव और हिंसा के बाद एन बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल, युमनाम खेमचंद सिंह राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभालेंगे।
Lucknow Desk: आगरा के पिनाहट थाना क्षेत्र के अतैयापुरा गांव से चौंका देने वाला मामला सामने आया है। वहां कुत्ते के काटने से रेबीज का टीका लगने के बावजूद पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। यह मौत सिर्फ घटना नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल है। क्या है पूरा मामला? पिनाहट थाना क्षेत्र के गांव अतैयापुरा के कुंवर सिंह मजदूर हैं। उनका छोटा बेटा पांच साल का अनीस नर्सरी में पढ़ता था। 9 जनवरी घर के बाहर खेलते समय आवारा कुत्ते ने उसके सिर में काट लिया। जिसके बाद परिजन तुरंत उसे पिनाहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। परिजनों का कहना है कि बच्चे को 9, 12 और 16 जनवरी को रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए थे। अगली खुराक की तारीख 7 फरवरी तय की गई थी। कुंवर सिंह ने आगे बताया कि 26 जनवरी को अनीस को तेज बुखार आ गया। तब पिनाहट से ही निजी चिकित्सक से दवा ली गई। रात में अनीस की तबियत बिगड़ गई। वह कुत्तों जैसी हरकतें करने लगा था। परिजन 27 जनवरी की सुबह अनीस को लेकर आगरा के अस्पताल पहुंचे। यहां भी निराशा मिलने पर अनीस को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया। जहां एक फरवरी को सुबह अनीस की मौत हो गई। अनीस की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। इलाज पर उठा सवाल सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब नियमानुसार रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए थे, तो फिर बच्चे की मौत कैसे हो गई? क्या इंजेक्शन की गुणवत्ता में कोई कमी थी? या फिर इलाज के दौरान कोई चूक हुई? फिलहाल, ग्रामीणों और परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज को लेकर सवाल उठाया है। परिजनों का कहना है कि अगर इंजेक्शन लगने के बाद भी मौत हो रही है, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? यह मौत सिर्फ घटना नहीं है, बल्कि पूरे रेबीज टीकाकरण तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने क्या कहा? अनीस की मौत पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमोद कुशवाहा का कहना है कि बच्चे को नियमानुसार रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए थे। फिलहाल, मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस पर जांच की जा रही है।
Lucknow Desk: बरेली से निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वह वाराणसी विद्या मठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पहुंचे है। दरअसल, अलंकार ने UGC विवाद और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान की वजह से अपने पद से इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए थे। 26 जनवरी को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इस्तीफे के बाद वह शंकराचार्य से फोन पर बात किए थे, इस दौरान शंकराचार्य ने उनसे फोन पर बात कर धर्म क्षेत्र में उनकी नौकरी के मुताबिक बड़ा पद देने की बात कही थी। जानकारी के अनुसार, रविवार यानी 1 फरवरी को अलंकार अग्निहोत्री ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की है। 26 जनवरी यानी गणतंत्रण दिवस के मौके पर अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे के पीछे दो वजह बताई थी। पहली शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई और दूसरी वजह UGC का नया कानून होना। UGC के विरोध में दिल्ली कूच का ऐलान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने UGC को लेकर सरकार पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो वो 6 फरवरी को दिल्ली कूच करेंगे, इसके विरोध में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। यह ऐसा कानून हैं जिसके वजह से किसी भी व्यक्ति को बिना सोचे-समझे परेशान किया जा सकता है। इसके 95 फीसद केस झूठे होते हैं। सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी पार्लियामेंट का सेशन चल रहा है। अब ये सरकार अल्पमत में आ चुकी है। यूजीसी के बिल के बाद सब इनसे नाराज़ हैं। 85 फ़ीसद जनरल और ओबीसी मिलाकर ये सब चाहते हैं इस बिल को खत्म किया जाए, अगर ये ऐसा नहीं करते हैं तो हमने तय किया है कि सात तारीख से आंदोलन पर बैठे होंगे। गौरतलब है कि बरेली सीटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उन्होंने यूपी सरकार और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।