Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 होने वाले हैं, चुनाव से पहले यहां वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर बवाल चल रहा है। इस विवाद के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। सुप्रीम कोर्ट आज स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मामले की सुनवाई करेगा। इस बार कोर्ट में सबकी नजरें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर होगी, क्योंकि ममता लगभग 3 दशक बाद किसी केस की पैरवी करती नजर आएंगी। इससे पहले 32 साल पहले सीएम ममता एक केस में जीत हासिल की थी।
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ लगातार सुर्खियों में है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए एसआईआर को लेकर वह विरोध जता चुकी हैं। अब वह अपने ही राज्य में SIR प्रक्रिया के खिलाफ लगातार बागी तेवर अपनाए हुए हैं। ममता और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।
पेशे से वकील भी थीं सीएम ममता
आज SIR की सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी कोर्ट में मौजूद रहेंगी। इससे पहले 10 फरवरी, 1994 को ममता आखिरी बार कोर्ट में वकील के रूप में पेश हुई थीं। तब वह पश्चिम बंगाल की एक जिला अदालत में वकील के तौर पर पेश हुई थीं। इस सुनवाई के दौरान उन्हें जीत हासिल मिली थी, उन्होंने 33 आरोपियों को जमानत दिलवाया था।
मिली जानकारी के अनुसार, सीएम ममता के पास LLB की डिग्री है, वह अपनी दलीलें भी पेश कर सकती हैं। अगर वह कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखती हैं तो यह 32 साल बाद ऐसा होगा जब वह किसी केस में कोर्ट के सामने बतौर वकील पेश होंगी।
बता दें कि बंगाल की सिएम ममता बनर्जी कलकत्ता यूनिवर्सिटी के जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री (LLB) हासिल की है, वह एक वकील के तौर पर क्वालिफाइड भी हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कुछ साल तक वकालत की थीं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब भारत के लोगों पर पड़ने लगा है। देश में अचानक पेट्रोल की कीमत 5.30 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी है। इस बढ़ोतरी से आम लोगों को बड़ा झटका लगा है। वहीं इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, खेती और रोजमर्रा के खर्चों पर भी पड़ेगा। यह बढ़ोतरी निजी तेल कंपनी Nayara Energy ने की है। कंपनी के देशभर में 6500 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं और सभी जगह एक साथ नए रेट लागू कर दिए गए हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि तेल बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। कीमतों की बात करें तो हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 107.46 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंची है, जबकि मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में भी यह 100 रुपये के पार बिक रहा है। पिछले कुछ समय से पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लगने की खबरें भी सामने आ रही थीं, जिससे पहले ही कीमत बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर भारत पर भी पड़ रहा है। कीमत बढ़ने की वजह क्या है? डीजल महंगा होने की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ना है। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल महंगा हो रहा है। ऐसे में कंपनियों के लिए पुराने रेट पर डीजल बेचना मुश्किल हो गया है। आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा? डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा। इसका सीधा असर सब्जियों, अनाज और जरूरी सामान की कीमतों पर पड़ेगा। यानी आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है। अब सभी की नजर बाकी निजी और सरकारी तेल कंपनियों पर है कि वे भी कीमतें बढ़ाती हैं या नहीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कच्चे तेल के दाम ऐसे ही ऊंचे बने रहे, तो डीजल आगे और महंगा हो सकता है, जिससे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
Lucknow Desk: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और जंग जैसे हालात के बीच भारत की कूटनीति एक बार फिर सक्रिय होती नजर आ रही है, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। इसी बीच अब इस युद्ध को शांत कराने के लिए भारत एक्टिव हो चुका है। गैस संकट और जहाजों के फंसे होने के संकट के बीच ईरान और भारत के बीच एक बार फिर बातचीत हुई है। पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। इस बात की जानकारी पीएम मोदी ने खुद दी है। पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति की बात दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से पीएम मोदी ने फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में पैदा हुए गंभीर हालात और मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से बातचीत की, जिसमें क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा हुई। तनाव बढ़ने, आम नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा, साथ ही सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता, भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएं बनी हुई हैं। शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और बातचीत तथा कूटनीति का आग्रह किया। ईरान के विदेश मंत्री से एस. जयशंकर ने की बात ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई है। बता दें, जयशंकर की ईरानी विदेश मंत्री से यह चौथी बातचीत है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से भारत के तेल और गैस वाले जहाज पार करने लगे हैं। एस जयशंकर और अराघची ने आज यानी शुक्रवार को फोन पर बातचीत की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की है। इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों को लेकर ताजा जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार रखता है। अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों से ईरान पर हुए सैन्य हमलों की निंदा करने की भी मांग की है। पहले भी तीन बार जयशंकर ने ईरान से की बातचीत इस बातचीत से पहले जयशंकर तीन बार अराघची से बातचीत कर चुके हैं। मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों को बचाने का प्रयास लगातार कर रही है। इसी के तहत ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तीन बार बात की है। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर की अपने ईरानी समकक्ष से पिछले कुछ दिनों में 3 बार बातचीत की है। आखिरी बातचीत में समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की है।
Lucknow Desk: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा के मुद्दे को लेकर अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत कर दी है। यह यात्रा 7 मार्च 2026 यानी आज वाराणसी से शुरू की गई है। यह यात्रा लखनऊ तक जाएगी। आज 7 मार्च को जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली में सभाएं की गई। यात्रा शुरू करने से पहले शंकराचार्य जमैथा आश्रम में मत्था टेके। फिर वह मछली शहर बायपास रोड से होते हुए स्वागत कार्यक्रम में पहुंचें। यात्रा की शुरुआत करते हुए शंकराचार्य ने सरकार पर तीखा हमला बोला और उन्होंने कहा कि अब गौ माता की रक्षा के लिए संघर्ष करना मजबूरी बन गया है। शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू समाज में गाय का विशेष स्थान है, लेकिन मौजूदा हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को अपनी ही चुनी हुई सरकारों के सामने गौ-रक्षा के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। यात्रा से पहले गणेश जी के दर्शन किए शंकराचार्य रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा शुरू करने से पहले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी में चिंतामणि गणेश जी के दर्शन किए। इसके बाद वह संकट मोचन मंदिर में प्रार्थना किए। शंकराचार्य यात्रा शुरू करते समय पालकी में बैठे और वहीं से उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि गौ माता की रक्षा के लिए एक धर्मयुद्ध की शुरुआत है। क्या है इस यात्रा का कार्यक्रम? 7 मार्च 2026 को जौनपुर, सुल्तानपुर में सभा करते हुए होते हुए रायबरेली में सभा के बाद रात्रि-विश्राम 8 मार्च 2026 को मोहनलालगंज- लालगंज- अचलगंज में सभा करते हुए उन्नाव पहुँचकर सभा फिर रात्रि-विश्राम 9 मार्च 2026 को बांगरमऊ और बघोली में सभा करते हुए नैमिषारण्य में सभा के बाद रात्रि-विश्राम 10 मार्च 2026 को सिंधौली और इजौटा में सभा करते हुए लखनऊ आगमन 11 मार्च 2026 को 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर पहुंच कर गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे लखनऊ में बड़ी सभा का आयोजन 11 मार्च को लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर एक बड़ी सभा का आयोजन किया जाएगा, जहां शंकराचार्य गौ-रक्षा को लेकर आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे। वहीं इस यात्रा को रोकने को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि अगर प्रशासन यात्रा को रोकने की कोशिश करेगा तो वे रुक जाएंगे, लेकिन उनका सवाल है कि आखिर इस यात्रा को रोका क्यों जाना चाहिए।