उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार, 6 अगस्त 2026 की सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई। हादसे में कार में सवार उनके एक साथी की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अबान अहमद अपने साथियों के साथ एक SUV में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान झांसी जिले में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने सीमेंट के डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में दो लोगों की मौत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में लगभग 21 वर्षीय अबान अहमद और उनके साथी सोनू की मौत हुई है। कार में मौजूद तीन अन्य यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है और उनकी स्थिति पर नजर रखी है।
झांसी पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में वाहन के तेज गति में होने और डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और क्षतिग्रस्त वाहन की जांच कर रही है।
भाई से मुलाकात से जुड़ी थी यात्रा
रिपोर्टों के मुताबिक, अबान अहमद की यह यात्रा झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात से जुड़ी थी। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि वह भाई से मिलने जा रहे थे, जबकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार मुलाकात के बाद प्रयागराज लौट रहे थे। यात्रा की दिशा को लेकर अलग-अलग सूचनाएं सामने आई हैं, इसलिए पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
हादसा झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र में होने की बात सामने आई है। दुर्घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्षतिग्रस्त SUV को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया।
प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद SUV बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों की मदद करने की कोशिश की। हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के समय वाहन कौन चला रहा था, उसकी गति कितनी थी और क्या चालक को अचानक किसी वाहन या अन्य बाधा से बचने के लिए गाड़ी मोड़नी पड़ी थी। पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आ सकती है।
एक बार फिर चर्चा में आया अतीक अहमद का परिवार
अबान अहमद की मौत के बाद अतीक अहमद का परिवार फिर एक बार चर्चा में आ गया है। अप्रैल 2023 में अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की झांसी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हुई थी। इसके कुछ दिनों बाद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
अब परिवार के सबसे छोटे बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत से परिवार को एक और बड़ा झटका लगा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन और परिचित अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस हादसे के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट दावों और सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में गुरुवार, 6 अगस्त 2026 की सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई। हादसे में कार में सवार उनके एक साथी की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अबान अहमद अपने साथियों के साथ एक SUV में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान झांसी जिले में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने सीमेंट के डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे में दो लोगों की मौत मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में लगभग 21 वर्षीय अबान अहमद और उनके साथी सोनू की मौत हुई है। कार में मौजूद तीन अन्य यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है और उनकी स्थिति पर नजर रखी है। झांसी पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में वाहन के तेज गति में होने और डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और क्षतिग्रस्त वाहन की जांच कर रही है। भाई से मुलाकात से जुड़ी थी यात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, अबान अहमद की यह यात्रा झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात से जुड़ी थी। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि वह भाई से मिलने जा रहे थे, जबकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार मुलाकात के बाद प्रयागराज लौट रहे थे। यात्रा की दिशा को लेकर अलग-अलग सूचनाएं सामने आई हैं, इसलिए पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। हादसा झांसी जिले के पूंछ थाना क्षेत्र में होने की बात सामने आई है। दुर्घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्षतिग्रस्त SUV को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ जारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद SUV बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों की मदद करने की कोशिश की। हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के समय वाहन कौन चला रहा था, उसकी गति कितनी थी और क्या चालक को अचानक किसी वाहन या अन्य बाधा से बचने के लिए गाड़ी मोड़नी पड़ी थी। पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आ सकती है। एक बार फिर चर्चा में आया अतीक अहमद का परिवार अबान अहमद की मौत के बाद अतीक अहमद का परिवार फिर एक बार चर्चा में आ गया है। अप्रैल 2023 में अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की झांसी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हुई थी। इसके कुछ दिनों बाद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब परिवार के सबसे छोटे बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत से परिवार को एक और बड़ा झटका लगा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन और परिचित अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस हादसे के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट दावों और सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।
भुवनेश्वर, 3 अगस्त 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से ओडिशा के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगी। उनका यह दौरा 3 अगस्त से 5 अगस्त 2026 तक निर्धारित है। इस दौरान राष्ट्रपति शिक्षा, धार्मिक आस्था और जनसंपर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए कटक, भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर और तप्तपानी सहित संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा तथा प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कटक में विश्वविद्यालय का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 3 अगस्त को कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन करेंगी। यह उनके दौरे का प्रमुख कार्यक्रम है। विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े लोगों, अधिकारियों, अतिथियों और विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है। राष्ट्रपति की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन सेवाओं और अतिथियों की आवाजाही के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं। भुवनेश्वर से ब्रह्मपुर तक ट्रेन यात्रा दौरे के दूसरे दिन यानी 4 अगस्त को राष्ट्रपति भुवनेश्वर से ब्रह्मपुर तक रेल यात्रा करेंगी। राष्ट्रपति की यह ट्रेन यात्रा उनके कार्यक्रम का विशेष हिस्सा मानी जा रही है। यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशनों और रेल मार्ग से जुड़े क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। रेलवे प्रशासन, राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की जांच, प्लेटफॉर्म की निगरानी और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त व्यवस्था किए जाने की संभावना है। राष्ट्रपति की यात्रा के समय कुछ मार्गों पर सामान्य यातायात भी नियंत्रित किया जा सकता है। मंदिरों में करेंगी दर्शन और आरती ब्रह्मपुर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मां कंधुनी देवी मंदिर और तप्तपानी स्थित शिव मंदिर में दर्शन तथा आरती करेंगी। इन धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की आवाजाही और राष्ट्रपति के स्वागत से जुड़ी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। राष्ट्रपति के धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। उनके दौरे से इन क्षेत्रों की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक महत्व मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। कार्यक्रम स्थलों, रेलवे स्टेशनों, प्रमुख सड़कों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ रास्तों पर अस्थायी बदलाव किए जा सकते हैं। अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति का यह तीन दिवसीय दौरा ओडिशा के लिए शिक्षा, संस्कृति और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को कानूनी सुरक्षा देने के उद्देश्य से राज्यसभा में एक नया संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया है। ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026’ नाम का यह प्रस्ताव 24 जुलाई 2026 को राज्यसभा में पेश हुआ। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या उसमें व्यवधान उत्पन्न करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता तैयार करना है। यह विधेयक अभी संसदीय प्रक्रिया के शुरुआती चरण में है। इसे फिलहाल पारित कानून नहीं कहा जा सकता। लागू होने से पहले इसे संसद की आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करनी होंगी। 1971 के कानून में बदलाव का प्रस्ताव भारत में राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ लागू है। इस कानून में राष्ट्रीय ध्वज, भारत के संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से संबंधित अपराधों और दंड का उल्लेख किया गया है। नए संशोधन विधेयक में कानून के दायरे को बढ़ाकर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी शामिल करने की बात कही गई है। प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रगान के गायन में बाधा डालने से जुड़े मौजूदा प्रावधान को राष्ट्रीय गीत के लिए भी लागू किया जा सकता है। किस तरह का व्यवहार अपराध माना जाएगा? प्रस्तावित बदलाव मुख्य रूप से दो प्रकार के कार्यों से संबंधित है। पहला, किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का गायन रोकना। दूसरा, राष्ट्रीय गीत गा रहे लोगों की सभा में इरादतन व्यवधान उत्पन्न करना। सिर्फ किसी कार्यक्रम में उपस्थित न होना या सामान्य असहमति व्यक्त करना अपने आप इस प्रावधान के अंतर्गत अपराध नहीं बताया गया है। कानूनी कार्रवाई के लिए यह देखना आवश्यक होगा कि संबंधित व्यक्ति ने जानबूझकर गायन रोका या सभा में बाधा पहुंचाई थी। किसी घटना में अपराध बना है या नहीं, इसका निर्णय शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। अधिकतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान विधेयक में राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या उसमें बाधा डालने पर अधिकतम तीन वर्ष तक कारावास का प्रस्ताव है। दोषी व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जा सकता है या अदालत जेल और जुर्माना दोनों की सजा सुना सकती है। बार-बार अपराध करने वालों के लिए अधिक कठोर व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। दूसरी या उसके बाद की दोषसिद्धि पर कम से कम एक वर्ष के कारावास का प्रावधान हो सकता है। ये प्रावधान राष्ट्रगान से संबंधित मौजूदा दंड व्यवस्था के आधार पर राष्ट्रीय गीत तक कानूनी सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से शामिल किए गए हैं। विधेयक लाने के पीछे क्या कारण बताया गया? विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि ‘वंदे मातरम्’ ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद वर्तमान कानून में राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या सभा में बाधा डालने से संबंधित अलग प्रावधान नहीं है। इसी कानूनी कमी को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव सामने लाया गया है। इसके समर्थकों का मानना है कि राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान के समान उचित सम्मान और कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है ‘वंदे मातरम्’ ‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। यह रचना उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा बनी और बाद में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता की पहचान बन गई। आजादी की लड़ाई में आंदोलनकारियों ने इसका प्रयोग प्रेरणा और विरोध के स्वर के रूप में किया। स्वतंत्र भारत में इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है, जबकि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान है। अभी लागू नहीं हुए प्रस्तावित नियम विधेयक का राज्यसभा में पेश होना और कानून बन जाना दो अलग स्थितियां हैं। वर्तमान आधिकारिक रिकॉर्ड में इसकी स्थिति केवल प्रस्तुत किए गए विधेयक की है। इसलिए अभी इसके प्रस्तावित दंड को लागू नियम नहीं माना जाएगा। संसदीय प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही इसके प्रावधान प्रभावी हो सकते हैं। ऐसे में खबर प्रकाशित करते समय इसे “राज्यसभा में पेश विधेयक” लिखना सही होगा। “संसद से पारित” या “नया कानून लागू” जैसे शब्दों का प्रयोग फिलहाल नहीं किया जाना चाहिए।