7 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले का इंतजार कर रहे NEET UG अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, उत्तर प्रदेश (DGME UP) ने UP NEET UG 2026 के पहले चरण की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। रजिस्ट्रेशन 7 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है और उम्मीदवार 12 अगस्त 2026 दोपहर 2 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।
MBBS और BDS सीटों के लिए होगी काउंसलिंग
UP NEET UG काउंसलिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS पाठ्यक्रमों की सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों ने NEET UG 2026 परीक्षा पास की है और उत्तर प्रदेश की काउंसलिंग में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें तय समय के अंदर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना NEET Roll Number और Application Number दर्ज करना होगा। इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है?
काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को ₹2,000 रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी मनी जमा करने की प्रक्रिया 7 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक चलेगी। सिक्योरिटी मनी जमा करने की अंतिम समय सीमा 12 अगस्त को शाम 5 बजे बताई गई है।
सरकारी मेडिकल सीट के लिए सिक्योरिटी फीस ₹30,000, निजी मेडिकल कॉलेज की सीट के लिए ₹2 लाख और निजी डेंटल कॉलेज की सीट के लिए ₹1 लाख निर्धारित बताई गई है। उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
मेरिट लिस्ट के बाद होगी चॉइस फिलिंग
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद DGME UP की ओर से NEET UG मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट लिस्ट में आएगा, वे कॉलेज और कोर्स की अपनी पसंद के अनुसार Choice Filling और Choice Locking कर सकेंगे।
इसके बाद उम्मीदवारों की NEET रैंक, कैटेगरी, उपलब्ध सीटों और भरी गई पसंद के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा। हालांकि, राउंड-1 मेरिट लिस्ट, चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट रिजल्ट की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
उम्मीदवार समय रहते पूरा करें आवेदन
NEET UG 2026 में सफल अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें। रजिस्ट्रेशन के दौरान रोल नंबर, आवेदन संख्या और अन्य जानकारी सावधानी से भरें। साथ ही जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें।
UP NEET UG काउंसलिंग मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करना चाहिए और 12 अगस्त 2026 से पहले रजिस्ट्रेशन तथा जरूरी फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
7 अगस्त 2026: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे एक प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। प्रदर्शन के बीच यह घटना सामने आने के बाद छात्र संगठनों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। कई दिनों से जारी है छात्रों का आंदोलन JPSC-JSSC Reforms Manch के बैनर तले यह आंदोलन 25 जुलाई 2026 से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा है। 7 अगस्त तक आंदोलन अपने 14वें दिन में पहुंच गया। इस दौरान छह छात्र भूख हड़ताल जारी रखे हुए थे। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और आयोगों की व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना, परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराना और JPSC तथा JSSC की भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार शामिल है। इसके साथ ही JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े आरोपों की भी विस्तृत जांच की मांग उठाई जा रही है। सरकार से बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल तैयार आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत की पहल की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर चार मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जिसे आंदोलन कर रहे छात्रों से चर्चा करने की जिम्मेदारी दी गई है। शुरुआत में प्रदर्शनकारी छात्रों ने आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बात कही थी, जबकि बाद में छात्रों की ओर से 11 सदस्यीय टीम बनाकर सरकार से बातचीत की तैयारी की गई। रांची सदर के एसडीएम रजत कुमार और एडीएम धनंजय कुमार ने भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की। प्रशासन की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। विधानसभा तक पहुंचा भर्ती परीक्षाओं का मामला JPSC और JSSC परीक्षाओं का विवाद अब केवल सड़क तक सीमित नहीं है। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्षी BJP और NDA के विधायकों ने कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। विपक्ष ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं राज्य सरकार के मंत्रियों ने कहा है कि सरकार युवाओं की चिंताओं को लेकर गंभीर है और छात्रों के साथ पारदर्शी तरीके से बातचीत की जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि छात्रों की मांगों और उनके ज्ञापन के आधार पर जांच संबंधी मांगों पर विचार किया जाएगा। भूख हड़ताल से बढ़ी चिंता प्रदर्शन के दौरान एक भूख हड़ताली की तबीयत बिगड़ना आंदोलन की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। आंदोलन लंबा खिंचने के कारण छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन और सरकार पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर छात्रों और राज्य सरकार के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि बातचीत में कोई ठोस सहमति बनती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। नवीनतम UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में लगभग 86 लाख की कमी दर्ज की गई है। वहीं, इसी अवधि में निजी स्कूलों में करीब 88 लाख छात्रों का नया नामांकन हुआ है। यह बदलाव शिक्षा के क्षेत्र में अभिभावकों की बदलती प्राथमिकताओं और निजी स्कूलों की बढ़ती लोकप्रियता की ओर इशारा करता है। दो वर्षों में बड़ा बदलाव रिपोर्ट के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2023-24 से 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में कुल नामांकन लगभग 12.8 करोड़ से घटकर 11.9 करोड़ के करीब पहुंच गया। दूसरी ओर, निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगभग 9 करोड़ से बढ़कर 9.9 करोड़ तक पहुंच गई। इससे स्पष्ट होता है कि बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं। क्यों बढ़ रहा है निजी स्कूलों की ओर रुझान? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निजी स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धति, डिजिटल कक्षाएं और नियमित शैक्षणिक गतिविधियां अभिभावकों को आकर्षित कर रही हैं। इसके अलावा कई निजी स्कूल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अतिरिक्त गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देते हैं, जिससे छात्रों का समग्र विकास होता है। सरकारी स्कूलों के सामने चुनौती हालांकि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। स्मार्ट क्लास, मिड-डे मील, निःशुल्क पुस्तकें, यूनिफॉर्म और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी, आधारभूत सुविधाओं का अभाव और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान नहीं किया गया तो सरकारी स्कूलों में नामांकन और घट सकता है। क्या 86 लाख छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी? रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक बातें भी सामने आईं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि 86 लाख छात्रों ने पढ़ाई नहीं छोड़ी है। इसका अर्थ केवल इतना है कि सरकारी स्कूलों में नामांकन कम हुआ है। इनमें से बड़ी संख्या निजी स्कूलों में स्थानांतरित हुई है, इसलिए इसे ड्रॉपआउट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सरकारी स्कूलों से छात्रों का कम होता नामांकन शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। यदि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों को और बेहतर बनाया जाए तो अभिभावकों का भरोसा दोबारा मजबूत किया जा सकता है। आने वाले वर्षों में सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वह सरकारी स्कूलों को अधिक प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण बनाए, ताकि हर बच्चे को समान और बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके।