Lucknow Desk: देशभर में आज री-NEET परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर प्रशासन और परीक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आ रही हैं। इस बार परीक्षा भारत के 551 शहरों में आयोजित की जा रही है, जहां सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
आधे घंटे पहले बंद हो जाएगी एंट्री
री-NEET परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। परीक्षा केंद्रों पर एंट्री एग्जाम शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले बंद कर दी जाएगी। ऐसे में छात्रों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।
51 हजार जैमर्स से होगी निगरानी
परीक्षा में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार बड़े स्तर पर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर करीब 51 हजार जैमर्स लगाए गए हैं। इन जैमर्स की मदद से मोबाइल नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन को ब्लॉक किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की चीटिंग की संभावना खत्म हो सके।
परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की गई है। कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए जहां से परीक्षा प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाएगी।
88 हजार कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी
री-NEET परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए करीब 88 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें केंद्र अधीक्षक, पर्यवेक्षक, सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं।
हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। कई राज्यों में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है।
ड्रेस कोड और जांच में भी सख्ती
इस बार परीक्षा में ड्रेस कोड को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। छात्रों को हल्के और साधारण कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने पर पूरी तरह रोक है।
एंट्री से पहले छात्रों की फ्रिस्किंग और जांच की जाएगी। साथ ही एडमिट कार्ड और वैध फोटो आईडी दिखाना अनिवार्य होगा।
छात्रों में उत्साह के साथ तनाव भी
री-NEET परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह के साथ-साथ दबाव भी देखने को मिल रहा है। दोबारा परीक्षा आयोजित होने के कारण कई छात्र मानसिक तनाव में हैं। हालांकि अभ्यर्थियों और अभिभावकों का कहना है कि वे चाहते हैं कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो ताकि मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिल सके।
निष्पक्ष परीक्षा कराने पर प्रशासन का फोकस
सरकार और परीक्षा एजेंसियों का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
री-NEET को लेकर की गई व्यापक तैयारियां यह दिखाती हैं कि प्रशासन परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब देशभर के लाखों छात्रों की नजरें इस परीक्षा के सफल आयोजन पर टिकी हुई हैं।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: देशभर में आज री-NEET परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर प्रशासन और परीक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आ रही हैं। इस बार परीक्षा भारत के 551 शहरों में आयोजित की जा रही है, जहां सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। आधे घंटे पहले बंद हो जाएगी एंट्री री-NEET परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। परीक्षा केंद्रों पर एंट्री एग्जाम शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले बंद कर दी जाएगी। ऐसे में छात्रों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। 51 हजार जैमर्स से होगी निगरानी परीक्षा में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार बड़े स्तर पर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर करीब 51 हजार जैमर्स लगाए गए हैं। इन जैमर्स की मदद से मोबाइल नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन को ब्लॉक किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की चीटिंग की संभावना खत्म हो सके। परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की गई है। कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए जहां से परीक्षा प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाएगी। 88 हजार कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी री-NEET परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए करीब 88 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें केंद्र अधीक्षक, पर्यवेक्षक, सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। कई राज्यों में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। ड्रेस कोड और जांच में भी सख्ती इस बार परीक्षा में ड्रेस कोड को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। छात्रों को हल्के और साधारण कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने पर पूरी तरह रोक है। एंट्री से पहले छात्रों की फ्रिस्किंग और जांच की जाएगी। साथ ही एडमिट कार्ड और वैध फोटो आईडी दिखाना अनिवार्य होगा। छात्रों में उत्साह के साथ तनाव भी री-NEET परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह के साथ-साथ दबाव भी देखने को मिल रहा है। दोबारा परीक्षा आयोजित होने के कारण कई छात्र मानसिक तनाव में हैं। हालांकि अभ्यर्थियों और अभिभावकों का कहना है कि वे चाहते हैं कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो ताकि मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिल सके। निष्पक्ष परीक्षा कराने पर प्रशासन का फोकस सरकार और परीक्षा एजेंसियों का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। री-NEET को लेकर की गई व्यापक तैयारियां यह दिखाती हैं कि प्रशासन परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब देशभर के लाखों छात्रों की नजरें इस परीक्षा के सफल आयोजन पर टिकी हुई हैं।