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सरकारी स्कूलों से 86 लाख छात्रों का घटा नामांकन, निजी स्कूलों की ओर बढ़ा रुझान

TV 24 Network July 8, 2026 0
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सरकारी स्कूलों से 86 लाख छात्रों का घटा नामांकन, निजी स्कूलों की ओर बढ़ा रुझान

देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। नवीनतम UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में लगभग 86 लाख की कमी दर्ज की गई है। वहीं, इसी अवधि में निजी स्कूलों में करीब 88 लाख छात्रों का नया नामांकन हुआ है। यह बदलाव शिक्षा के क्षेत्र में अभिभावकों की बदलती प्राथमिकताओं और निजी स्कूलों की बढ़ती लोकप्रियता की ओर इशारा करता है।

 

दो वर्षों में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2023-24 से 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में कुल नामांकन लगभग 12.8 करोड़ से घटकर 11.9 करोड़ के करीब पहुंच गया। दूसरी ओर, निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगभग 9 करोड़ से बढ़कर 9.9 करोड़ तक पहुंच गई। इससे स्पष्ट होता है कि बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

 

क्यों बढ़ रहा है निजी स्कूलों की ओर रुझान?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निजी स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धति, डिजिटल कक्षाएं और नियमित शैक्षणिक गतिविधियां अभिभावकों को आकर्षित कर रही हैं। इसके अलावा कई निजी स्कूल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अतिरिक्त गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देते हैं, जिससे छात्रों का समग्र विकास होता है।

 

सरकारी स्कूलों के सामने चुनौती

हालांकि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। स्मार्ट क्लास, मिड-डे मील, निःशुल्क पुस्तकें, यूनिफॉर्म और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी, आधारभूत सुविधाओं का अभाव और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान नहीं किया गया तो सरकारी स्कूलों में नामांकन और घट सकता है।

 

क्या 86 लाख छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी?

रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक बातें भी सामने आईं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि 86 लाख छात्रों ने पढ़ाई नहीं छोड़ी है। इसका अर्थ केवल इतना है कि सरकारी स्कूलों में नामांकन कम हुआ है। इनमें से बड़ी संख्या निजी स्कूलों में स्थानांतरित हुई है, इसलिए इसे ड्रॉपआउट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

सरकारी स्कूलों से छात्रों का कम होता नामांकन शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। यदि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों को और बेहतर बनाया जाए तो अभिभावकों का भरोसा दोबारा मजबूत किया जा सकता है। आने वाले वर्षों में सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वह सरकारी स्कूलों को अधिक प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण बनाए, ताकि हर बच्चे को समान और बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके।

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सरकारी-स्कूल शिक्षा-समाचार स्कूल-नामांकन प्राइवेट-स्कूल
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Shahrukh Khan ने मनाया 60वां जन्मदिन, विदेशों से भी जुटे फैंस

Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।

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