Lucknow Desk: AAP सांसद अशोक मित्तल की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से जुड़े लवली ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से पहुंची ED की टीम ने पंजाब के जालंधर और फगवाड़ा में स्थित Lovely Professional University, Lovely Autos, Lovely Sweets और Lovely Distance Education Centre सहित कई ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया।
बताया जा रहा है कि यह छापेमारी वित्तीय लेनदेन और विदेशी निवेश से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। ED की टीम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रही है।
गौरतलब है कि अशोक मित्तल को हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता बनाया था, जहां उन्होंने राघव चड्ढा की जगह ली थी। ऐसे में यह कार्रवाई राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गई है।
फिलहाल ED की जांच जारी है और इस मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: गाजियाबाद के नवनीत विहार इलाके में बकरीद के दिन हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज हो गई है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी थी और अब प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना 28 मई को थाना खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार में हुई थी, जहां सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि असद नाम के युवक ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही। इसी दौरान 31 मई को पुलिस और मुख्य आरोपी असद के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें असद को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। अब इस पूरे मामले में प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मुख्य आरोपी असद के घर पर नोटिस चस्पा कराया है। इस कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने अपने हाथों से नोटिस चिपकाया। प्रशासन की टीम ने इस दौरान ढोल बजवाकर और लाउडस्पीकर के जरिए पूरे इलाके में अनाउंसमेंट भी कराया, ताकि लोगों को इस कार्रवाई की जानकारी मिल सके। बताया गया कि असद का मकान अवैध कब्जे की जमीन पर बना हुआ है, जिसे लेकर अब कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि संबंधित मकान मालिक को 15 दिनों के भीतर उप जिलाधिकारी कार्यालय में अपना जवाब दाखिल करना होगा। अगर तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया या अवैध कब्जा खुद नहीं हटाया गया, तो प्रशासन अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण यानी बुलडोजर की कार्रवाई करेगा। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर प्रशासन को खुद से कार्रवाई करनी पड़ती है, तो उसका पूरा खर्च भी मकान मालिक से ही वसूला जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। ढोल और लाउडस्पीकर से हुई घोषणा के बाद इलाके में काफी हलचल देखने को मिली और मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी या अपराधी को सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस पूरी कार्रवाई को प्रशासन एक सख्त संदेश के रूप में देख रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं और अवैध कब्जों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
Lucknow Desk: कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं ने राज्य के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। इसी बीच एक नया फॉर्मूला सामने आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि राज्य में एक नहीं बल्कि चार उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व जातीय और सामाजिक संतुलन को साधने के लिए इस नए मॉडल पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित फॉर्मूले में दलित, ओबीसी, लिंगायत और अल्पसंख्यक—चारों वर्गों से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाने की बात सामने आ रही है। इसका मकसद सभी बड़े सामाजिक समूहों को सरकार में प्रतिनिधित्व देना बताया जा रहा है। अगर संभावित नामों की बात करें तो दलित कोटे से कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे का नाम चर्चा में है। ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया का नाम सामने आ रहा है। वहीं लिंगायत समुदाय से एम बी पाटिल और ईश्वर खंड्रे को संभावित माना जा रहा है। अल्पसंख्यक कोटे से के जे जॉर्ज, यू टी खादर और जामीर अहमद खान के नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सबसे अहम चर्चा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच होने वाली ब्रेकफास्ट मीटिंग को लेकर है। यह बैठक बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘कावेरी’ में होने वाली है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद दोनों नेता एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही सभी अटकलों पर स्थिति साफ की जा सकती है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’ देखने को मिल रही है। इससे पहले भी दिसंबर 2025 में दोनों नेताओं के बीच ऐसी बैठक हो चुकी है, जिसमें पार्टी ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की थी। उस समय भी मुख्यमंत्री पद की अदला-बदली को लेकर काफी चर्चा थी। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में इस मुद्दे पर गंभीर मंथन चल रहा है। कहा जा रहा है कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर चर्चा की है, ताकि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सके। साथ ही सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका और उनके बेटे यतींद्र को उपमुख्यमंत्री पद देने जैसे विकल्पों पर भी विचार हो रहा है। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक हलचल और नेताओं के बीच बढ़ती गतिविधियों ने यह साफ कर दिया है कि कर्नाटक की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Lucknow Desk: विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम साढ़े चार बजे दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं। इस बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि इसमें केंद्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल होंगे। इस बैठक की खास बात यह है कि यह ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बना हुआ है और उसके असर को लेकर भारत सरकार भी सतर्क नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में तेल की बढ़ती कीमतों, ईंधन आपूर्ति पर संभावित असर और महंगाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सरकार इस बात पर नजर बनाए हुए है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर कम से कम पड़े। साथ ही इस बैठक को कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मोदी सरकार 3.0 के एक साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव की अटकलें लगातार तेज हैं। सूत्रों की मानें तो जून के दूसरे सप्ताह में मंत्रिपरिषद में कुछ बदलाव संभव हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले सरकार मंत्रालयों के कामकाज और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी कर रही है। बैठक में मौजूदा परिस्थितियों का आकलन भी किया जाएगा। सरकार पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक समूह बना चुकी है, जो वैश्विक हालात और भारत पर उसके प्रभाव की निगरानी कर रहा है। इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। हाल ही में राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार चौबीसों घंटे हालात पर नजर रख रही है और देश में कच्चे तेल, ऊर्जा और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। करीब 11 महीने बाद हो रही इस मंत्रिपरिषद बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। बैठक लगभग चार से पांच घंटे चल सकती है। इसमें ऊर्जा, वित्त, रेलवे, वाणिज्य, श्रम, कृषि, वन एवं पर्यावरण, सड़क परिवहन, परमाणु ऊर्जा और डीपीआईआईटी समेत कई मंत्रालयों की ओर से प्रेजेंटेशन दिए जाने की संभावना है। जानकारी के अनुसार सभी मंत्रालय पहले ही पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों और उपलब्धियों की रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को सौंप चुके हैं। अब बैठक में आगे की रणनीति और आने वाले सुधारों का रोडमैप भी रखा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान सरकार के अगले एजेंडे और प्राथमिकताओं पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दे सकते हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बैठक पर टिकी है कि क्या यह सिर्फ समीक्षा बैठक होगी या फिर इसके बाद सरकार कोई बड़ा राजनीतिक या प्रशासनिक फैसला भी ले सकती है।