देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026, को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश का खतरा
गुजरात क्षेत्र में 31 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
तेज बारिश के दौरान कमजोर मकानों, पुराने पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने और अनजान जलभराव वाले रास्तों में प्रवेश नहीं करने की सलाह दी जाती है।
कर्नाटक में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
तटीय कर्नाटक में बहुत भारी बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना है। उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, तटीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और यातायात बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।
मछुआरों और समुद्र के पास रहने वाले लोगों को मौसम तथा समुद्री परिस्थितियों से जुड़ी आधिकारिक सूचना पर नजर रखने की जरूरत है। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिट्टी खिसकने या पत्थर गिरने के संकेत दिखाई देने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
भारत के उत्तर-पश्चिम में जारी रहेगा बारिश का दौर
उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए स्थानीय मौसम केंद्रों ने बारिश से संबंधित पूर्वानुमान जारी किए हैं।
बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहता है। खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और धातु की वस्तुओं के पास खड़ा होना जोखिम भरा हो सकता है।
भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
लगातार भारी बारिश के कारण शहरों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों को नुकसान, खेतों में पानी भरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाता है।
रेल और सड़क यातायात में देरी हो सकती है। हवाई सेवाओं पर भी खराब दृश्यता और तेज हवाओं का प्रभाव पड़ सकता है। लोगों को यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय मौसम और यातायात की जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। तैयार फसल और कृषि सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है। बिजली चमकने के दौरान खेतों या खुले स्थानों में काम करने से बचना चाहिए।
पशुओं को खुले मैदान में बांधने के बजाय सुरक्षित और मजबूत स्थान पर रखना चाहिए। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव जैसे कार्य मौसम साफ होने तक टाले जा सकते हैं।
खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
बारिश और बिजली चमकने के दौरान घर या किसी सुरक्षित इमारत में रहें। जलभराव वाले रास्तों, नदियों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने का प्रयास न करें। मोबाइल फोन चार्ज रखें और स्थानीय प्रशासन की आपातकालीन सूचनाओं पर ध्यान दें।
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए लोगों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय प्रशासन की नवीनतम चेतावनियां नियमित रूप से देखते रहने की सलाह दी गई है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
लखनऊ में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी के कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। आसमान में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है। चक्रवात से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव के बीच मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लखनऊ में बारिश से बदला मौसम शुक्रवार को लखनऊ के कई हिस्सों में बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण धूप का असर कम दिखाई दे रहा है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम में आए बदलाव का असर शहर की सड़कों पर भी देखने को मिल सकता है। बारिश के दौरान कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात की परेशानी होने की आशंका है। ऐसे में कार्यालय जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। शाम को फिर बारिश की संभावना मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार शाम को भी लखनऊ में बारिश की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से शाम 7 से 8 बजे के बीच बारिश की संभावना अधिक बताई गई है। इसके बाद आसमान में बादल बने रह सकते हैं। शहर में अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बादल और बारिश के कारण मौसम सामान्य दिनों की तुलना में ठंडा बना रह सकता है। तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। कुछ स्थानों पर हवा की गति बढ़ सकती है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को भी मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। बारिश और तेज हवाओं का असर खुले में रखी फसलों और कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। 31 अक्टूबर से मौसम में सुधार के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर से राजधानी के मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है। आसमान में बादल कम हो सकते हैं और बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है। इसके बाद नवंबर की शुरुआत में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को बारिश के दौरान धीमी गति से गाड़ी चलानी चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल लखनऊ में बारिश के कारण मौसम में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले घंटों में मौसम की स्थिति पर लोगों की नजर बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के मध्य मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, पूरे प्रदेश में एक साथ बारिश होने की संभावना नहीं है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए मौसम का पूर्वानुमान अलग-अलग है। पश्चिमी यूपी में बारिश की संभावना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में 14 से 16 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बारिश की तीव्रता और समय अलग-अलग स्थानों पर अलग हो सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। 15 अक्टूबर को तेज हवाओं का अनुमान मौसम विभाग के 14 अक्टूबर के आधिकारिक उपमंडल-स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं जैसी मौसमी गतिविधियों की चेतावनी है। पूर्वी यूपी में कैसा रहेगा मौसम? पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 14, 15 और 16 अक्टूबर को मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर जिले में मौसम बिल्कुल एक जैसा रहेगा, लेकिन फिलहाल पूर्वी हिस्से में पश्चिमी यूपी जैसी चेतावनी नहीं है। लखनऊ सहित आसपास के जिलों के निवासियों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान देखना चाहिए। किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनाने की जरूरत है। खेतों में कटी हुई फसल रखी हो तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखने या ढकने की व्यवस्था की जा सकती है। तेज हवा के दौरान छोटे पौधों और बागवानी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक इंतजाम करना उपयोगी रहेगा। आम लोगों के लिए जरूरी सलाह गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में रहने से बचें। बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे शरण न लें और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें। दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को भी तेज हवा और बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम विभाग के अपडेट पर रखें नजर मौसम का पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है। इसलिए बारिश या तेज हवाओं को लेकर किसी एक सामान्य खबर पर निर्भर रहने के बजाय भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की जिला-स्तरीय चेतावनियां देखना जरूरी है। प्रदेश में 14 से 16 अक्टूबर के दौरान मौसम का असर मुख्य रूप से पश्चिमी हिस्सों में देखने को मिल सकता है। 15 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 7 अक्टूबर को उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए 7 और 8 अक्टूबर को मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश में दो दिन मौसम रहेगा बदला उत्तर प्रदेश में आज मौसम सामान्य से अलग रह सकता है। IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। यही स्थिति 8 अक्टूबर को भी बनी रह सकती है। हालांकि 9 अक्टूबर से प्रदेश के लिए इस तरह की कोई विशेष चेतावनी नहीं है। बारिश और तेज हवा के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली चमकने के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। दिल्ली-NCR में भी मौसम में बदलाव दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए भी 7 और 8 अक्टूबर को आंधी-तूफान तथा बिजली से जुड़ी चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में बारिश की संभावना हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम में बदलाव का असर अधिक महसूस हो सकता है। बिहार समेत कई राज्यों पर असर बिहार, पंजाब और देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां होने की संभावना है। वहीं दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। 9 अक्टूबर के बाद राहत की उम्मीद मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर से फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं है। इसका मतलब है कि 7 और 8 अक्टूबर के मुकाबले मौसम की स्थिति कुछ सामान्य हो सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश और बादलों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को अगले दो दिनों में मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। खासकर बारिश और तेज हवाओं के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।