उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक होटल की दसवीं मंजिल से गिरकर 24 वर्षीय युवती की मौत हो गई। घटना सोमवार, 12 अक्टूबर की शाम सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के ओमेक्स न्यू हजरतगंज स्थित होटल सेलेस्टियल मैन्योर में हुई। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना के समय युवती होटल के एक कमरे में ठहरी हुई थी। पुलिस मौत की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।
होटल की दसवीं मंजिल पर ठहरी थी युवती
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान समरीन के रूप में हुई है। वह लखनऊ के चौक क्षेत्र की रहने वाली थी। बताया गया है कि युवती सोमवार सुबह सुल्तानपुर निवासी अवनीश नाम के युवक के साथ होटल पहुंची थी। दोनों होटल की दसवीं मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 1037 में ठहरे थे।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, युवती शाम करीब छह बजे होटल की इमारत से नीचे गिर गई। होटल के सुरक्षा प्रभारी ने शाम करीब 6:34 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। जांच के तहत घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो भी तैयार किए गए, ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सके।
पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
घटना के बाद युवक के होटल से जाने की जानकारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद युवती के साथ होटल में ठहरा युवक वहां से चला गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और घटना से संबंधित जानकारी जुटा रही है। हालांकि, युवती की मौत के पीछे क्या कारण रहा, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
जांच में होटल में मौजूद लोगों की जानकारी, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की अहम भूमिका हो सकती है। पुलिस सभी तथ्यों का मिलान कर घटना का क्रम समझने का प्रयास कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
इस मामले में फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
लखनऊ में हुई इस घटना के बाद मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मौत की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़ी स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश में मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बिक्री बढ़ने के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाइयों की गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग से जुड़ा निर्देश जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से दुकानदारों को खुली मिठाइयों पर भी ‘यूज बाय डेट’ यानी उपयोग की अंतिम तारीख प्रदर्शित करनी होगी। इसका उद्देश्य ग्राहकों को मिठाई की उपयोग अवधि के बारे में जानकारी देना और खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाना है। 15 अक्टूबर से लागू होगा निर्देश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 27 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसके तहत 15 अक्टूबर से खुली मिठाइयों पर उपयोग की अंतिम तारीख बताना जरूरी होगा। खुली मिठाइयों पर भी लागू होगा नियम अक्सर मिठाई की दुकानों पर लड्डू, पेड़ा, बर्फी, रसगुल्ला और अन्य मिठाइयां खुली ट्रे या काउंटर में रखी जाती हैं। ऐसी मिठाइयों को खरीदते समय ग्राहकों को उनकी उपयोग अवधि की जानकारी आसानी से नहीं मिल पाती। नए निर्देश का उद्देश्य इस जानकारी को ग्राहकों तक पहुंचाना है, ताकि वे मिठाई खरीदते समय अधिक जागरूक फैसला ले सकें। ग्राहकों को क्या होगा फायदा? मिठाइयों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उनका सही तरीके से भंडारण और निर्धारित अवधि में उपयोग महत्वपूर्ण है। उपयोग की अंतिम तारीख प्रदर्शित होने से ग्राहकों को मिठाई की ताजगी और सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी। हालांकि, केवल तारीख देखकर ही मिठाई की गुणवत्ता की पूरी गारंटी नहीं मानी जा सकती। उसकी स्थिति और भंडारण का तरीका भी महत्वपूर्ण है। दुकानदारों को करनी होगी तैयारी नियम लागू होने से पहले मिठाई विक्रेताओं को अपने काउंटर और बिक्री व्यवस्था में जरूरी बदलाव करने पड़ सकते हैं। उन्हें संबंधित मिठाइयों के लिए निर्धारित उपयोग अवधि की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। खाद्य कारोबारियों को विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए और नियमों को लेकर किसी तरह का भ्रम होने पर स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से जानकारी लेनी चाहिए। त्योहारों में खाद्य सुरक्षा पर जोर नवरात्रि और आने वाले त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ग्राहकों को भी मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, उत्पाद की स्थिति और उपलब्ध जानकारी की जांच करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में खुली मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ प्रदर्शित करने का निर्देश खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्राहकों को मिठाइयों की उपयोग अवधि के बारे में जानकारी मिलने में मदद मिल सकती है। दुकानदारों को 15 अक्टूबर से लागू होने वाले निर्देश का पालन करना चाहिए और ग्राहकों को भी मिठाई खरीदते समय सतर्क रहना चाहिए।
बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के किनारे कटाव की समस्या ने एक बार फिर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नवगछिया क्षेत्र के राघोपुर में नदी के तेज बहाव के कारण बजरंगबली मंदिर समेत पांच घरों के नदी में समा जाने की सूचना सामने आई है। इस घटना से क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के सामने सुरक्षा और आवास से जुड़ी चिंताएं पैदा हो गई हैं। नदी किनारे बसे परिवारों पर संकट गंगा के किनारे स्थित राघोपुर इलाके में नदी कटाव के कारण जमीन का क्षरण ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। नदी का बहाव किनारे की मिट्टी को कमजोर करता है, जिससे जमीन का हिस्सा अचानक टूटकर पानी में गिर सकता है। ऐसी स्थिति में नदी के पास बने मकानों और दूसरी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। बजरंगबली मंदिर और पांच घरों के बहने की खबर से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय परिवारों को आशंका है कि यदि कटाव आगे बढ़ा, तो आसपास की अन्य संपत्तियां भी इसकी चपेट में आ सकती हैं। सड़क और रेलवे तटबंध पर जरूरी हैं नजर रखना कटाव प्रभावित क्षेत्र में आसपास के रास्तों और रेलवे तटबंध की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। नदी का कटाव यदि इन संरचनाओं के नजदीक पहुंचता है, तो लोगों के आवागमन और रेल व्यवस्था पर असर पड़ने का खतरा हो सकता है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक आशंका का आकलन संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही किया जा सकता है। ऐसे इलाकों में नदी के किनारे की स्थिति पर नियमित नजर रखना जरूरी होता है। कमजोर स्थानों की पहचान करके समय पर सुरक्षा उपाय किए जाएं, तो संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीणों के सामने रहने और संपत्ति की सुरक्षा की चुनौती नदी कटाव से प्रभावित परिवारों को केवल मकान खोने का ही डर नहीं रहता, बल्कि घरेलू सामान, जमीन और आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों की रोटी खेती और स्थानीय संसाधनों पर निर्भर होती है। ऐसे में जमीन का नुकसान उनके भविष्य को लेकर चिंता पैदा करता है। प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन करना और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के किनारे कमजोर जमीन से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। कटाव रोकने के लिए जरूरी कदम राघोपुर की घटना गंगा किनारे बसे गांवों में कटाव की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता को सामने लाती है। प्रभावित स्थानों का निरीक्षण, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और उचित तकनीकी उपाय इस समस्या से निपटने में मददगार हो सकते हैं। फिलहाल, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। नदी के बहाव में बदलाव के साथ कटाव की स्थिति भी बदल सकती है। इसलिए नियमित निगरानी और समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण रहेगा।
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अभिनेता ने गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उन्हें अचानक तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में उन्हें करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया था। सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत रिपोर्टों के अनुसार नाना पाटेकर को तड़के तबीयत खराब महसूस हुई थी। उन्होंने एक दोस्त को संदेश भेजकर अस्वस्थ होने की जानकारी दी थी। बाद में उन्हें उनके गोवा स्थित आवास पर बेहोशी की हालत में पाया गया। उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। 5:20 बजे घोषित किया गया मृत अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने भी की। मौत के सटीक कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई। पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ कराने का फैसला किया है। उनके पार्थिव शरीर को पुणे के डोंजे स्थित फार्महाउस ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाना है। सरकार ने यह निर्णय मराठी रंगमंच के साथ-साथ हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके लंबे योगदान को देखते हुए लिया है। करीब पांच दशक का शानदार फिल्मी सफर नाना पाटेकर का फिल्मी करियर करीब पांच दशक लंबा रहा। उन्होंने रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की और 1978 में फिल्म ‘गमन’ से सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी संवाद अदायगी और दमदार अभिनय ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग कलाकारों में शामिल किया। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री नाना पाटेकर को उनके अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से भी सम्मानित किया था। गंभीर, सामाजिक और हास्य भूमिकाओं में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और कई पीढ़ियों के दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे। सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। वे Naam Foundation से जुड़े रहे, जो किसानों और जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर काम करता है। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म जगत और राजनीतिक क्षेत्र से लगातार श्रद्धांजलियां दी जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई लोगों ने उनके योगदान को याद किया।