Lucknow Desk: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है।
हतनारा गांव में निकाला जा रहा था ताजिया जुलूस
जानकारी के अनुसार, यह हादसा रतलाम जिले के हतनारा गांव में हुआ। मुहर्रम के अवसर पर गांव में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल थे और धार्मिक श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ऊंचा ताजिया सड़क के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया।
करंट फैलते ही मची चीख-पुकार
ताजिया बिजली लाइन से टकराते ही उसमें तेज करंट दौड़ गया। ताजिया पकड़कर चल रहे लोग इसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करंट लगते ही कई लोग जमीन पर गिर पड़े और मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
तीन युवकों की मौत, कई की हालत गंभीर
इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई तुरंत बंद कराई गई ताकि कोई और हादसा न हो।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ताजिया काफी ऊंचा था और जुलूस मार्ग पर बिजली की लाइन नीचे से गुजर रही थी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से बिजली लाइन और जुलूस मार्ग की जांच होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
भविष्य में हादसे रोकने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में मुहर्रम जुलूसों के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि जुलूस मार्गों पर बिजली लाइनों की पहले से जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। हतनारा गांव में निकाला जा रहा था ताजिया जुलूस जानकारी के अनुसार, यह हादसा रतलाम जिले के हतनारा गांव में हुआ। मुहर्रम के अवसर पर गांव में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल थे और धार्मिक श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ऊंचा ताजिया सड़क के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। करंट फैलते ही मची चीख-पुकार ताजिया बिजली लाइन से टकराते ही उसमें तेज करंट दौड़ गया। ताजिया पकड़कर चल रहे लोग इसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करंट लगते ही कई लोग जमीन पर गिर पड़े और मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तीन युवकों की मौत, कई की हालत गंभीर इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई तुरंत बंद कराई गई ताकि कोई और हादसा न हो। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ताजिया काफी ऊंचा था और जुलूस मार्ग पर बिजली की लाइन नीचे से गुजर रही थी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से बिजली लाइन और जुलूस मार्ग की जांच होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। मुख्यमंत्री ने जताया दुख मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। भविष्य में हादसे रोकने की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में मुहर्रम जुलूसों के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि जुलूस मार्गों पर बिजली लाइनों की पहले से जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।
Lucknow Desk: उत्तराखंड में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें करीब 25 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हुआ है। इस मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से कारोबारी के बैंकिंग सिस्टम को निशाना बनाया और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। कारोबारी के खाते से उड़ाए लाखों रुपये जानकारी के अनुसार, देहरादून के एक व्यापारी ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बैंक खाते से करीब 24.95 लाख रुपये गायब हो गए हैं। शिकायत मिलने के बाद STF और साइबर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। जांच में पता चला कि साइबर ठगों ने पहले व्यापारी के मोबाइल फोन और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई। इसके बाद उन्होंने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को बदल दिया, जिससे असली खाताधारक को किसी भी लेनदेन की जानकारी नहीं मिल सकी। फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया। जांच टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल सबूतों की मदद से आरोपियों की पहचान की। तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची, जहां छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। बड़े साइबर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी एक बड़े साइबर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो देशभर में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम देता है। यह गिरोह लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बनाने के लिए फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल और मोबाइल हैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने लोगों को किया सतर्क एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें और मोबाइल या बैंक खाते में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें। मामले की जांच जारी फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
Lucknow Desk: पटना के लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की “कठोर कार्रवाई” नहीं करने का आदेश बरकरार रखते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है। इस फैसले के बाद फिलहाल खान सर के खिलाफ पुलिस या प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठा सकेगा। मामला उस विवाद से जुड़ा है जिसमें खान सर के एक वीडियो और कुछ बयानों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि उनके बयान से कुछ समुदायों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद मामले ने कानूनी रूप ले लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाने लगी। हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कठोर कदम उठाने से रोक लगा दी। सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल एक शिक्षक हैं और उनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना है, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं। बचाव पक्ष ने कहा कि वीडियो के कुछ हिस्सों को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया, जिससे विवाद पैदा हुआ। वकीलों ने यह भी कहा कि खान सर जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं है। दूसरी ओर शिकायतकर्ता पक्ष ने अदालत से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रभाव रखने वाले लोगों को अपने बयानों के प्रति अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी रहेगी, लेकिन जांच पूरी होने तक खान सर के खिलाफ कोई “coercive action” यानी कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम राहत है और अंतिम फैसला जांच और आगे की सुनवाई के बाद लिया जाएगा। कोर्ट के इस फैसले के बाद खान सर के समर्थकों में खुशी देखी गई। सोशल media पर उनके छात्रों और फॉलोअर्स ने राहत जताई और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है। कई छात्रों का कहना है कि खान सर ने लाखों युवाओं को कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराई है और वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में से एक हैं। Khan Sir अपने अनोखे पढ़ाने के अंदाज और समसामयिक मुद्दों को आसान भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं। उनके YouTube चैनल और ऑफलाइन कोचिंग संस्थान के जरिए देशभर के लाखों छात्र पढ़ाई करते हैं। हालांकि कई बार उनके कुछ बयानों और वीडियो को लेकर विवाद भी सामने आते रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत द्वारा “नो कोअर्सिव एक्शन” का आदेश देना यह दर्शाता है कि न्यायालय मामले की निष्पक्ष जांच चाहता है और बिना पर्याप्त आधार किसी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाना चाहता। ऐसे मामलों में अदालत आमतौर पर यह सुनिश्चित करती है कि जांच प्रभावित न हो और आरोपी के अधिकार भी सुरक्षित रहें। फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख का इंतजार किया जा रहा है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े तथ्यों और सबूतों की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में अदालत में फिर सुनवाई होगी, जिसके बाद यह तय होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, जिम्मेदार बयानबाजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर अगली अदालत की सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।