Lucknow Desk: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है।
हतनारा गांव में निकाला जा रहा था ताजिया जुलूस
जानकारी के अनुसार, यह हादसा रतलाम जिले के हतनारा गांव में हुआ। मुहर्रम के अवसर पर गांव में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल थे और धार्मिक श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ऊंचा ताजिया सड़क के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया।
करंट फैलते ही मची चीख-पुकार
ताजिया बिजली लाइन से टकराते ही उसमें तेज करंट दौड़ गया। ताजिया पकड़कर चल रहे लोग इसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करंट लगते ही कई लोग जमीन पर गिर पड़े और मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
तीन युवकों की मौत, कई की हालत गंभीर
इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई तुरंत बंद कराई गई ताकि कोई और हादसा न हो।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ताजिया काफी ऊंचा था और जुलूस मार्ग पर बिजली की लाइन नीचे से गुजर रही थी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से बिजली लाइन और जुलूस मार्ग की जांच होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
भविष्य में हादसे रोकने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में मुहर्रम जुलूसों के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि जुलूस मार्गों पर बिजली लाइनों की पहले से जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
अयोध्या: सावन के धार्मिक आयोजनों और बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए अयोध्या में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रशासन की ओर से जारी चरणबद्ध यातायात योजना के तहत 14 अगस्त 2026 सुबह 8 बजे से भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू किया गया है। यह व्यवस्था 17 अगस्त रात 11 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान मणिपर्वत मेला, झूला मेला, तीसरे सोमवार और नागपंचमी के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए फैसला श्रावण मास के दौरान अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों के समय प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 8 अगस्त से 28 अगस्त तक अलग-अलग चरणों में भारी वाहनों के लिए डायवर्जन की व्यवस्था बनाई है। मौजूदा दूसरा चरण 14 अगस्त से 17 अगस्त तक लागू रहेगा। भारी मालवाहक वाहनों पर रहेगा असर डायवर्जन के दौरान ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर और अन्य भारी मालवाहक वाहनों को अयोध्या के प्रमुख मार्गों से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें वैकल्पिक मार्गों से उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। हालांकि, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है। इन रास्तों से भेजे जाएंगे वाहन सुल्तानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को कूड़ेभार से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। रायबरेली की ओर से आने वाले वाहनों को हलियापुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भेजा जाएगा। आजमगढ़ और अंबेडकरनगर की तरफ से आने वाले वाहन गोहन्ना मोड़, दोस्तपुर होकर आगे बढ़ेंगे। वहीं, बाराबंकी की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए रामसनेही घाट और हैदरगढ़ की तरफ वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। बस्ती, गोंडा, गोरखपुर, संतकबीरनगर और आसपास के जिलों से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग डायवर्जन मार्ग निर्धारित किए गए हैं। यात्रियों को पहले से रूट देखने की सलाह अयोध्या आने-जाने वाले लोगों, खासकर भारी वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले बदले हुए रूट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कुछ मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना तथा शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति को रोकना है। 14 अगस्त सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह चरण 17 अगस्त 2026 रात 11 बजे तक लागू रहेगा। इसके बाद भी अगस्त में अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान अलग-अलग चरणों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बार फिर हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि 15 अगस्त के अवसर पर अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और इस अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। उन्होंने देशवासियों से तिरंगे के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया। स्वतंत्रता दिवस को लेकर बढ़ा उत्साह 15 अगस्त भारत के लिए बेहद खास दिन है। इसी दिन देश को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। हर साल स्वतंत्रता दिवस पर पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, निजी कार्यालय और सामाजिक संगठन ध्वजारोहण कार्यक्रम करते हैं। इस बार भी स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर तैयारियां तेज हो रही हैं। जगह-जगह तिरंगे, बैज और देशभक्ति से जुड़ी सामग्री दिखाई देने लगी है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद हर घर तिरंगा अभियान को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। घर-घर तिरंगा पहुंचाना अभियान का उद्देश्य हर घर तिरंगा अभियान का मकसद आम लोगों को राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ना है। इस अभियान के जरिए लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे स्वतंत्रता दिवस केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम नागरिक भी सीधे इस उत्सव का हिस्सा बनते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस अभियान के तहत तिरंगा यात्राएं, जागरूकता कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन भी किए जाते हैं। युवा, छात्र और सामाजिक संगठन इसमें बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का रखें ध्यान तिरंगा फहराते समय उसके सम्मान से जुड़े नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। राष्ट्रीय ध्वज देश की पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसे साफ और सम्मानजनक स्थान पर फहराया जाना चाहिए। लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि तिरंगा जमीन पर न गिरे और उसका उपयोग ऐसे तरीके से न किया जाए जिससे उसका अपमान हो। स्वतंत्रता दिवस के बाद भी झंडे को उचित तरीके से सुरक्षित रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी दिखेगा अभियान हर घर तिरंगा अभियान का असर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिलता है। लोग अपने घरों पर तिरंगा फहराकर तस्वीरें और वीडियो साझा करते हैं। इससे दूसरे लोगों को भी अभियान में शामिल होने की प्रेरणा मिलती है। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश तेजी से पहुंचता है। इस तरह यह अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बड़े स्तर पर जुड़ाव पैदा करता है। स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने का दिन नहीं है, बल्कि उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर भी है जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। प्रधानमंत्री मोदी की अपील का उद्देश्य भी लोगों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व से जोड़ना है। 15 अगस्त को घर-घर तिरंगा फहराने के साथ देश की एकता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा आरोप लगाया है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सपा सरकार के समय दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित किया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। योगी आदित्यनाथ का यह बयान शनिवार, 8 अगस्त 2026 को सामने आया और इसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। सपा सरकार पर सीधा निशाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली समाजवादी पार्टी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अपराध और दंगा करने वाले तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था। योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति अपनाई। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेकर दंगा या हिंसा करने की कोशिश करता है तो प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करता है। हालांकि, यह सपा सरकार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक आरोप है और इसे स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार का दावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करते रहे हैं। सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में माफिया, संगठित अपराध और दंगों पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का ऐसा माहौल तैयार किया गया है जहां आम नागरिक बिना डर के रह सके और व्यापारी बिना दबाव के अपना कारोबार कर सके। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि कानून-व्यवस्था में सुधार का सीधा संबंध राज्य में निवेश और विकास से है। भाजपा और सपा में फिर बढ़ी राजनीतिक गर्मी योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है। भाजपा की ओर से सपा सरकार के पुराने कार्यकाल को लेकर अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे बार-बार उठाए जाते रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी वर्तमान सरकार को बेरोजगारी, महंगाई, प्रशासनिक कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर घेरती रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह ताजा बयान आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है। सुशासन और सुरक्षा पर दिया जोर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सुशासन, सुरक्षा और विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है जहां कानून का पालन करने वाले नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें। सरकार का दावा है कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है। राजनीतिक रूप से अहम है बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। इसलिए योगी आदित्यनाथ का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। फिलहाल मुख्यमंत्री का यह बयान चर्चा में है और भाजपा इसे कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी सरकार की सख्ती से जोड़कर पेश कर रही है। खबर प्रकाशित करते समय यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि सपा सरकार को लेकर कही गई बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आरोप हैं, न कि किसी अदालत या जांच एजेंसी का स्थापित निष्कर्ष।