Lucknow Desk: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष Maulana Mahmood Madani के बयान से राजनीति में हंगामा खड़ा हो गया है। दरअसल, भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी काउंसिल की मीटिंग में Maulana Mahmood Madani ने सुप्रीम कोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा उन्होंने जिहाद शब्द को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी आपत्ति जताई है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में उन्होंने कहा कि जिहाद, इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसे इस्लाम के पवित्र विचारों को गलत इस्तेमाल, गड़बड़ी और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है।
जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद: Maulana
Maulana Mahmood Madani ने आगे कहा कि लव जिहाद, लैंड जिहाद, एजुकेशन जिहाद और थूक जिहाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है उससे मुसलमानों को बहुत दुख होता है। मुसलमानों के धर्म का अपमान होता है। सरकार और मीडिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और मीडिया जिम्मेदार पदों पर बैठे है फिर भी ये लोग ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें ऐसा कहने में न कोई शर्म नहीं आती है। हमारे धर्म को ऐसा बोलकर दुख पहुंचाते हैं। इसी दौरान विवादित टिप्पणी करते हुए मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद जरूर होगा।
बुलडोजर एक्शन पर भड़के Maulana
Maulana Mahmood Madani ने आगे कहा कि देश के मौजूदा हालात बहुत संवेदनशील और चिंताजनक हैं। दुख की बात है कि एक समुदाय को कानूनी तौर पर कमजोर, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से बेदखल किया जा रहा है। उनके धर्म, पहचान और वजूद को कमजोर करने के लिए मॉब लिंचिंग, बुलडोजर एक्शन, वक्फ प्रॉपर्टी पर कब्जा और धार्मिक मदरसों और सुधारों के खिलाफ निगेटिव कैंपेन जैसी कोशिशें हो रही हैं।
मुसलमान असुरक्षित: Maulana
Maulana Mahmood Madani ने कहा कि आज के समय में मुसलमान खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हर जगह उन्हें नफरत का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए अब हम लोग को तैयार होना पड़ेगा। घर वापसी के नाम पर किसी खास धर्म में शामिल करने वालों को खुली छूट हासिल है। उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता है। न ही कानूनी कार्रवाई होती है। यह पूरी तरह से दोहरा रवैया है।
‘बाबरी मस्जिद और तलाक पर भड़के Maulana
Maulana Mahmood Madani ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘बाबरी मस्जिद और तलाक जैसे मामलों में अदालतों पर सरकार का प्रभाव साफ दिखता था। कानून को नजरअंदाज करते हुए ज्ञानवापी और मथुरा विवादों की सुनवाई हुई। ‘सुप्रीम कोर्ट को तभी ‘सुप्रीम’ कहलाने का हकदार है जब वह संविधान की पाबंदी करे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो सुप्रीम होने पर ही सवाल खड़ा होता है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
बिहार की राजधानी पटना में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक घर में चल रही नकली विदेशी शराब बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है। यह कार्रवाई गोपालपुर थाना क्षेत्र के जकरियापुर इलाके में की गई। विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई सामान और उपकरण बरामद किए हैं। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। घर में चल रहा था अवैध कारोबार उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि जकरियापुर इलाके में एक घर से अवैध तरीके से शराब तैयार करने और उसकी पैकिंग का काम किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की। जांच के दौरान वहां शराब तैयार करने और पैकिंग से जुड़े सामान मिले। अधिकारियों के अनुसार मौके पर बड़ी संख्या में खाली बोतलें, नकली लेबल और अन्य सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी टीम के हाथ लगे हैं। बरामद सामान को विभाग ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी मौके से फरार छापेमारी के दौरान अवैध फैक्ट्री से जुड़े लोग मौके पर मौजूद नहीं मिले। कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपियों के फरार होने की बात सामने आई है। उत्पाद विभाग अब इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने और उनकी तलाश में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान की जांच की जा रही है। इसके आधार पर अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि तैयार की गई नकली शराब की सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी। बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री मिली छापेमारी के दौरान मिली खाली बोतलों और नकली लेबल से यह संकेत मिला है कि यहां शराब की पैकिंग का काम भी किया जा रहा था। टीम ने मौके से तैयार नकली शराब भी बरामद की है। बरामद सामग्री की मात्रा और अन्य विवरणों की जांच विभाग द्वारा की जा रही है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन और उत्पाद विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बावजूद अलग-अलग इलाकों में अवैध शराब बनाने और उसकी बिक्री से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की ओर से छापेमारी और जांच की कार्रवाई की जाती है। नेटवर्क की जांच में जुटा विभाग पटना में सामने आए इस मामले में अब उत्पाद विभाग का मुख्य फोकस अवैध फैक्ट्री संचालकों और शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने पर है। अधिकारियों द्वारा बरामद सामान की जांच के साथ-साथ संबंधित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ है कि अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए विभाग की निगरानी जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और कार्रवाई होने की संभावना है। फिलहाल उत्पाद विभाग ने बरामद सामान को सुरक्षित रखकर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
उत्तरी अरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसेना से जुड़ी एक घटना के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है। 15 सितंबर की शाम अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज की भारतीय नौसेना के एक पोत से टक्कर हो गई। भारत ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को नई दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। उत्तरी अरब सागर में हुआ हादसा रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय नौसेना का पोत उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का जहाज उसके करीब आया और दोनों पोतों के बीच टक्कर हो गई। भारतीय अधिकारियों के अनुसार घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारतीय पोत को कोई बड़ी क्षति नहीं हुई और वह अपना मिशन जारी रखने में सक्षम रहा। भारतीय रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी जहाज तेज गति से भारतीय पोत के करीब आया था। भारतीय पक्ष ने इस दौरान अपनाए गए समुद्री संचालन के तरीके को असुरक्षित बताया है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तकनीकी और परिचालन विवरण अभी सामने नहीं आए हैं। भारत ने दर्ज कराया विरोध घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया। भारत ने पाकिस्तानी नौसैनिक इकाई के व्यवहार को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताते हुए औपचारिक विरोध दर्ज कराया। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उसकी सैन्य इकाइयां समुद्र में पर्याप्त सावधानी बरतें और दोनों देशों के बीच लागू समझौतों का पालन करें। भारत ने इस मामले को केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं रखा है। विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में तैनात भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने इसी तरह का विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया है। 1991 के समझौते का भी उल्लेख भारत ने इस घटना के संदर्भ में अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य गतिविधियों से संबंधित समझौते के अनुच्छेद 10 का उल्लेख किया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों के बीच गलतफहमी और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, समुद्र में सैन्य इकाइयों को संबंधित प्रावधानों और सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करना चाहिए। फिलहाल घटना में किसी बड़ी क्षति की सूचना नहीं है। पाकिस्तान की ओर से इस घटना पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। दोनों देशों के अधिकारियों की ओर से सामने आने वाली आगे की जानकारी से घटना के कारण और परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। भारत ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सैन्य इकाइयों द्वारा सावधानी बरतने और मौजूदा समझौतों का सम्मान करने पर जोर दिया है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और कोयला खदानों में जलभराव का असर बिजली उत्पादन पर दिखाई देने लगा है। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर कोयले के उत्पादन और परिवहन में परेशानी आई है। इसका सीधा असर प्रदेश के तापीय बिजलीघरों पर पड़ा है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के मुताबिक, कोयले की कमी और गीले कोयले की वजह से कुछ बिजली उत्पादन इकाइयों की क्षमता प्रभावित हुई है। स्थिति को संभालने के लिए कुछ क्षेत्रों में रात के समय सीमित बिजली रोस्टरिंग की गई है। बारिश और जलभराव से कोयले की सप्लाई प्रभावित देश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश के कारण कोयला खदानों में पानी भर गया है। इससे कोयले का उत्पादन और उसकी ढुलाई प्रभावित हुई है। बिजलीघरों तक पर्याप्त मात्रा में कोयला नहीं पहुंच पाने से कुछ तापीय संयंत्रों में उपलब्ध उत्पादन क्षमता कम हुई है। गीला कोयला बिजली उत्पादन की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है। ऐसे में बिजली कंपनियों के सामने मांग के अनुसार आपूर्ति बनाए रखना चुनौती बन गया है। रात में बिजली की मांग बढ़ने से परेशानी दिन के समय सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली के कारण स्थिति को कुछ हद तक संभालने में मदद मिल रही है। लेकिन शाम और रात में सौर ऊर्जा उपलब्ध नहीं रहती, जबकि बिजली की मांग बनी रहती है। इसी वजह से रात के समय आपूर्ति और मांग के बीच अंतर बढ़ जाता है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कुछ ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में रात के समय सीमित रोस्टरिंग की गई है। कई बिजली उत्पादन इकाइयों पर असर बारिश और कोयले की समस्या के अलावा कुछ बिजली उत्पादन इकाइयों में तकनीकी कारणों से भी उपलब्धता प्रभावित हुई है। इससे प्रदेश में कुल बिजली उत्पादन पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। पहले से चल रही कुछ इकाइयों को उपलब्ध संसाधनों के अनुसार संचालित किया जा रहा है। बिजली विभाग की कोशिश है कि उपलब्ध बिजली का बेहतर तरीके से प्रबंधन करते हुए जरूरी क्षेत्रों में आपूर्ति बनाए रखी जाए। सरकार और बिजली विभाग की नजर स्थिति पर UPPCL के अनुसार प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली की उपलब्धता, मांग और उत्पादन की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का प्रबंधन किया जा रहा है। अधिकारियों का ध्यान कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और प्रभावित बिजली उत्पादन इकाइयों को सामान्य क्षमता पर लाने पर है। बारिश कम होने पर स्थिति में सुधार की उम्मीद कोयला खदानों में पानी कम होने और परिवहन व्यवस्था सामान्य होने के बाद कोयले की सप्लाई में सुधार आने की उम्मीद है। केंद्र सरकार की ओर से भी कोयला उत्पादन और आपूर्ति को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में कोयला खदानों में पानी निकालने और उत्पादन बढ़ाने की गतिविधियों में सुधार दर्ज किया गया था। फिलहाल यूपी में बिजली विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती रात के पीक समय में मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना है। मौसम और कोयले की सप्लाई में सुधार होने पर बिजली उत्पादन बढ़ने और रात की सीमित रोस्टरिंग में कमी आने की उम्मीद है।