Lucknow Desk: सोशल मीडिया पर कब, क्या वायरल हो जाए इसे लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है, कभी हंसने वाला, तो कभी हैरान करने वाला वीडियो वायरल होता रहता है। इसी तरह एक मजेदार डायलॉग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। डायलॉग में ’10 रुपये वाला बिस्किट का पैकेट कितने का दिया जी’ रील्स वायरल हो रहा है। इस वाक्या को जिस तरह शख्स ने बोला उसकी वजह से इसने धूम मचा रखी है। मगर, जिसका डायलॉग इतना वायरल है, वह आज सलाखों के पीछे पहुंच गया है, हालांकि, जज साहब ने तुरंत जमानत भी दे दी है। दरअसल, मेरठ के इंचौली के रहने वाले सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर शादाब जकाती के खिलाफ इंचौली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जमानत मिल गई। उन पर वीडियो में अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा है।
कौन है शादाब जकाती?
शादाब जकाती एक यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर्स हैं। मेरठ के इंचौली गांव के रहने वाले हैं। एक वीडियो की वजह से इन्हें जेल जाना पड़ा। फिलहाल इस गिरफ्तारी से पता चलता है कि सोशल मीडिया, यूट्यूब और इंटाग्राम पर भी कानून, सार्वजनिक नैतिकता, सामाजिक शांति और संवेदनाशीलता की सीमाएं माननी पड़ेंगी।
शादाब जकाती क्यों हुए गिरफ्तार?
फेमस हुए यूट्यूबर शादाब जकाती को बीते गुरुवार को वल्गर कंटेंट बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने शादाब को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद वह पत्रकारों के सामने आए और वीडियो के बारे में सफाई भी दिए। शादाब जकाती ने कहा, वीडियो मैंने अपनी बच्ची को लेकर बनाई थी, उस वीडियो में मैंने बस इतना बोला है कि आप इतनी क्यूट हैं, प्यारी बच्ची हैं या खूबसूरत हैं तो आपकी मां भी इतनी खूबसूरत होंगी। उस वीडियो में तो मैंने तारीफ की। कोई बुराई वाली बात मुझे नहीं लगी।
उन्होंने आगे कहा कि मैंने सोच समझकर वीडियो बनाई थी, लेकिन बाद में मैंने उसे डिलीट कर दिया। अगर किसी को भी उस वीडियो से नुकसान हुआ है, उसका दिल दुखा है तो उसके लिए हम सॉरी बोलते हैं।
वहीं, अधिवक्ता सैय्यद मौहम्मद जामिर ने कहा कि शादाब जकाती ने अपनी बच्ची के साथ रील बनाई थी और अपनी पत्नी की तारीफ की थी। किसी अन्य महिला को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा। इसलिए उन्हें जमानत मिल गई।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 होने वाले हैं, चुनाव से पहले यहां वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर बवाल चल रहा है। इस विवाद के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। सुप्रीम कोर्ट आज स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मामले की सुनवाई करेगा। इस बार कोर्ट में सबकी नजरें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर होगी, क्योंकि ममता लगभग 3 दशक बाद किसी केस की पैरवी करती नजर आएंगी। इससे पहले 32 साल पहले सीएम ममता एक केस में जीत हासिल की थी। दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ लगातार सुर्खियों में है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए एसआईआर को लेकर वह विरोध जता चुकी हैं। अब वह अपने ही राज्य में SIR प्रक्रिया के खिलाफ लगातार बागी तेवर अपनाए हुए हैं। ममता और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पेशे से वकील भी थीं सीएम ममता आज SIR की सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी कोर्ट में मौजूद रहेंगी। इससे पहले 10 फरवरी, 1994 को ममता आखिरी बार कोर्ट में वकील के रूप में पेश हुई थीं। तब वह पश्चिम बंगाल की एक जिला अदालत में वकील के तौर पर पेश हुई थीं। इस सुनवाई के दौरान उन्हें जीत हासिल मिली थी, उन्होंने 33 आरोपियों को जमानत दिलवाया था। मिली जानकारी के अनुसार, सीएम ममता के पास LLB की डिग्री है, वह अपनी दलीलें भी पेश कर सकती हैं। अगर वह कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखती हैं तो यह 32 साल बाद ऐसा होगा जब वह किसी केस में कोर्ट के सामने बतौर वकील पेश होंगी। बता दें कि बंगाल की सिएम ममता बनर्जी कलकत्ता यूनिवर्सिटी के जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री (LLB) हासिल की है, वह एक वकील के तौर पर क्वालिफाइड भी हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कुछ साल तक वकालत की थीं।
Lucknow Desk:राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी यानी RSSP के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर अपने विवादित बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। इस बार स्वामी प्रसाद मौर्य अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तंज कसा है। उन्होंने इस फॉर्मूले को कुछ और ही बता दिया है, जिसकी चर्चा जोरो पर हो रही है इसके साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्य का ये बयान खूब वायरल हो रहा है। दरअसल, संत रविदास जयंती के मौके पर पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य लखीमपुर खीरी पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले पर तंज कसते हुए डिंपल यादव पर टिप्पणी की है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए फॉर्मूला समय-समय पर बदलता रहता है। कभी ‘P’ को पिछड़ा और पंडित बताया जाता है, तो कभी ‘A’ को अगड़ा और अल्पसंख्यक और कभी ‘D’ को दलित या फिर डिंपल यादव बना दिया जाता है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि पीडीए फॉर्मूला सिर्फ धोखा और जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे महिलाओं का सम्मान ठेस पहुंचाने वाला बताया है। फिलहाल, अखिलेश यादव या डिंपल यादव की तरफ से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस बयान के बाद से यूपी की राजनीतिक गलियारों में चर्चा खूब हो रही है।
Lucknow Desk: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। इसी बीच एक बात लोगों के मन में हलचल पैदा कर दी है कि अब अजित पवार की जगह कौन लेगा? वहीं NCP सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी के कई बड़े नेता चाहते हैं कि अजित पवार का पद सुनेत्रा पवार संभालें। वहीं एनसीपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी प्रफुल्ल पटेल को दी जाए। हालांकि, एनसीपी की तरह से अभी तक इस पर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सुनेत्रा पवार से मिले प्रफुल पटेल मिली जानकारी के अनुसार, एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की है। एनसीपी नेता चाहते हैं कि प्रफुल पटेल अध्यक्ष, सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बनें। जिसका प्रस्ताव जल्द से जल्द सीएम देवेंद्र फडणवीस भेजे। फिलहाल, अभी सुनेत्रा पवार की और से कोई फैसला नहीं लिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि सुनेत्रा पवार अगर उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार होती हैं तो फिर BJP के शीर्ष नेताओं के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करेंगी। फिलहाल सुनेत्रा पवार बारामती में ही हैं। वह 12 दिनों तक वहीं रहेंगी। बारामती से कौन लड़ेगा चुनाव? अजित पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री पद के अलावा बारामती सीट खाली हो गई है। ऐसे में बारामती सीट से पार्थ पवार या सुनेत्रा पवार में से किसे चुनावी मैदान में उतारा जाए? एनसीपी को भी इसका फैसला लेगा होगा। बता दें कि बारामती सीट पवार परिवार का गढ़ मानी जाती है। साल 1967 से शरद पवार बारामती सीट पर जीते थे। वहीं 1991 में उनके लोकसभा जाने के बाद अजित पवार ने यह विरासत संभाल रखी थी। एनसीपी के दो धड़ों में बंटने के बावजूद अजित पवार बारामती सीट से जीते थे। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिरकार पवार परिवार की विरासत को कौन संभालता है? विमान हादसे में अजित पवार का निधन गौरतलब है कि बीते बुधवार को पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार और चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने उनके असामयिक निधन पर गहरा दुख जताया और संवेदनाएं प्रकट कीं। नेताओं ने कहा कि अजित पवार का योगदान राजनीति और समाज सेवा में अमूल्य था। उनका जाना केवल परिवार और पार्टी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है।