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Akhilesh की बेटी Aditi पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ Yogi सख्त, जानें क्या बोलीं सांसद Dimple Yadav?

TV 24 Network June 14, 2026 0
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Dimple Yadav

Lucknow Desk:  इन दिनों सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट वायरल है। इस पोस्ट से राजनीति में हलचल मची है। वहीं अब इस मामले पर अदिति यादव की मां और सपा सासंद डिंपल यादव ने प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा, मेरी बेटी के खिलाफ बीजेपी वालों ने बयानबाजी करवाई है। क्योंकि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा भटकाने की कोशिश है। हमें ध्यान नहीं भटकाना है।

डिंपल यादव ने कहा, ये सरकार ध्यान भटकाने का काम करती हैं। हाथरथ की बेटियों का जला दिया जाता है तो ये लोग सामने नहीं आता है। कानपुर में बेटी के पिता को थाने में मार दिया जाता है तो कोई सामने नहीं आता है। इतनी बड़ी जघन्य घटनाओं में एक भी भाजपा का इंसान सामने नहीं आता है।

अदिति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर योगी ने उठाया कदम

सोशल मीडिया पर चल रहे अदिति यादव के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिन सख्त कदम उठाया। उन्होंने कहा, मैं पिछले दिनों देख रहा था कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थी। ये जैसे ही मेरे संज्ञान में आया, मैंने पुलिस से कहा कि इसमें एफआईआर दर्ज कराओ। बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं होनी चाहिए।

बेटियों के सम्मान में गरजे सीएम योगी

बता दें कि बीते शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 955.40 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा,  "बेटी तो बेटी होती है और हम तो संस्कार में भले बसे हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन। हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो। अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा पर संयम रखें। कोई भी बेटियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी नहीं कर सकता। आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हमने राज्य में बेटियो के जन्म लेने से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए हमने व्यवस्था दी है।

क्या है मामला?

इन दिनों उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज है। बता दें कि समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाई गई है कि अदिति ने घर से 7 करोड़ चोरी कर अपने मुस्लिम दोस्त के साथ भाग गईं हैं। इस अफवाह के बाद से सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों में नाराजगी देखी गई। वही सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह के खिलाफ कई लोगों पर FIR लिखा जा चुका है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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Bihar Chunav से पहले Anant Singh की बढ़ी मुश्किलें, दुलार चंद यादव के हत्या मामले में फंसे बाहुबली

Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।

नाती अगस्त्य की Ikkis का ट्रेलर देखकर इमोशनल हुए Amitabh Bachchan!

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति

Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।

Brijbhushan Sharan Singh के हेलीकॉप्टर की खेत में इमरजेंसी लैंडिंग! इस वजह से बिगड़ा संतुलन

Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद

Shahrukh Khan ने मनाया 60वां जन्मदिन, विदेशों से भी जुटे फैंस

Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।

उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद पहाड़ी सड़क
उत्तराखंड में भारी बारिश से 111 रास्ते बंद, आठ जिलों में अलर्ट जारी

देहरादून, 29 जुलाई 2026: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने के कारण प्रदेश के 111 रास्तों पर आवाजाही प्रभावित होने की खबर है। कई ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य शहरों और बाजारों से संपर्क टूट गया है। मौसम विभाग ने देहरादून और नैनीताल समेत राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।   सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बारिश के बाद जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिर रहा है। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, यात्रियों और पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।   प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी तथा अन्य मशीनों की सहायता से सड़कों पर जमा मलबा हटाने का काम कर रही हैं। हालांकि, लगातार बारिश होने के कारण रास्तों को खोलने के बाद दोबारा मलबा आने का खतरा बना हुआ है। संवेदनशील मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है।   आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 29 जुलाई को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के जिला स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।   इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गरज के साथ बिजली चमकने का खतरा है।   मालदेवता क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में 233 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कुछ क्षेत्रों में पानी और मलबा घरों के आसपास पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी, नाले और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।   ग्रामीण क्षेत्रों पर सबसे अधिक असर सड़कें बंद होने का सबसे अधिक प्रभाव दूर-दराज के गांवों पर पड़ रहा है। कई इलाकों में दूध, सब्जी, दवाइयां और दूसरी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने में भी परेशानी होने की आशंका है।   रास्ते बंद होने से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। जिन गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है, वहां प्रशासन द्वारा स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।   प्रशासन ने जारी की सावधानी की सलाह राज्य प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। पहाड़ी रास्तों पर रात के समय यात्रा करने, भूस्खलन संभावित स्थानों पर वाहन रोकने और उफनती नदी या नाले को पार करने से बचने को कहा गया है।   चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी मौसम तथा सड़क की स्थिति देखकर ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों से प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी यातायात निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।   मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में बंद रास्तों की संख्या बढ़ सकती है और पहले से खुले मार्ग दोबारा प्रभावित हो सकते हैं। लोगों को आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

TV 24 Network July 29, 2026 0
असम में बाढ़ प्रभावित गांव में नाव से लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाती बचाव टीम

असम बाढ़ 2026: 75 लोगों की मौत, कई गांव जलमग्न, राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

CJP ने FIR वापसी और छात्रों की रिहाई के लिए दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी

CJP ने दोबारा आंदोलन शुरू करने की दी चेतावनी, FIR वापसी और छात्रों की रिहाई की मांग

लखनऊ अग्निकांड के बाद चार मंजिला अवैध इमारत पर बुलडोजर चलाता LDA

लखनऊ अग्निकांड: 15 मौतों के बाद जागा प्रशासन, अवैध इमारत पर चला बुलडोजर

पेपर लीक मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
पेपर लीक पर केंद्र सरकार सख्त, जल्द सुनवाई के लिए बनेंगे विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इन अदालतों के माध्यम से दोषियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई पूरी करने और उन्हें सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।   प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 23 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं का भविष्य और उनका कल्याण सरकार के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने का निर्णय लिया है।   पेपर लीक से प्रभावित होते हैं लाखों छात्र भारत में हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरियों, मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। छात्र इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। बहुत से परिवार बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग पर अपनी जमा पूंजी तक खर्च कर देते हैं।   ऐसे में जब किसी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है, तो छात्रों की मेहनत और परीक्षा की निष्पक्षता दोनों पर सवाल उठने लगते हैं। पेपर लीक की पुष्टि होने पर कई बार परीक्षा रद्द करनी पड़ती है। इसके बाद छात्रों को दोबारा तैयारी करने, परीक्षा केंद्र तक जाने और परीक्षा देने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।   इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है। खासतौर पर उन छात्रों को ज्यादा परेशानी होती है, जो दूर-दराज के क्षेत्रों से शहरों में आकर परीक्षा देते हैं।   फास्ट-ट्रैक कोर्ट का क्या होगा काम? फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सामान्य अदालतों के मुकाबले किसी मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर तेजी से की जाती है। पेपर लीक से जुड़े मामलों के लिए अलग अदालतें बनने से जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमों को लंबे समय तक लंबित रहने से रोकने में मदद मिल सकती है।   इन अदालतों में पेपर लीक करने वाले गिरोहों, परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों, बिचौलियों और मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सुनवाई की जा सकेगी। दोष साबित होने पर आरोपियों को जल्द सजा मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि तेज और सख्त कार्रवाई से परीक्षा माफिया के बीच डर पैदा होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में सहायता मिलेगी।   छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।   पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं होता, बल्कि इससे लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा भी टूटता है। छात्र यह उम्मीद करते हैं कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हों। फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा को इसी भरोसे को वापस लाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।   परीक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी पेपर लीक के आरोपियों को सजा दिलाने के साथ-साथ ऐसी घटनाओं को पहले ही रोकना भी जरूरी है। इसके लिए प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना होगा।   प्रश्नपत्रों की छपाई और वितरण में शामिल कर्मचारियों का सत्यापन, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त नियंत्रण की भी आवश्यकता है। ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों को सुरक्षित सर्वर, डेटा एन्क्रिप्शन और साइबर सुरक्षा के बेहतर उपाय अपनाने होंगे।   अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो पेपर लीक के मामलों में केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों या छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। किसी परीक्षा एजेंसी, अधिकारी या निजी कंपनी की लापरवाही सामने आती है, तो उनकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।   जांच के दौरान यह पता लगाना जरूरी होगा कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर निकला और किस व्यक्ति या समूह ने उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय तथा कानूनी दोनों तरह की कार्रवाई होनी चाहिए।   युवाओं को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद सरकार की इस घोषणा के बाद छात्रों को उम्मीद है कि पेपर लीक के मामलों में अब वर्षों तक सुनवाई का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जांच और न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है।   हालांकि इस फैसले का असर अदालतों की स्थापना, मजबूत जांच और आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाने पर निर्भर करेगा। केवल घोषणा से समस्या खत्म नहीं होगी। इसे जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना भी आवश्यक होगा।   फास्ट-ट्रैक कोर्ट के साथ यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाई जाती है, तो पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है। इससे देश के लाखों युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा।

TV 24 Network July 24, 2026 0
गोरखपुर में ₹994 करोड़ की 14 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की

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CJP Protest के तीसरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद
CJP Protest: जंतर-मंतर पर तीसरे दिन भी आंदोलन जारी, नई मांग रखी; काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद

नई दिल्ली में CJP यानी Cockroach Janta Party का विरोध प्रदर्शन बुधवार, 22 जुलाई 2026 को तीसरे दिन भी जारी रहा। NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन लगातार बड़ा होता जा रहा है। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं और सरकार से अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।   जंतर-मंतर पर तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी CJP के प्रदर्शनकारी लगातार तीसरे दिन जंतर-मंतर पर डटे रहे। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई का प्रदर्शन सिर्फ एक शुरुआत थी। उन्होंने संकेत दिया कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा हो सकता है। प्रदर्शन के कारण दिल्ली में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद करने की खबर भी सामने आई।   CJP ने सरकार के सामने रखी नई मांग CJP ने अब अपनी मांगों में एक और मांग जोड़ दी है। संगठन का कहना है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही संगठन पहले से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।   काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद CJP के आंदोलन के बीच विपक्ष ने भी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। बुधवार को राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्ष ने इसे ‘ब्लैक डे’ के रूप में विरोध जताने का तरीका बनाया।   विपक्षी नेताओं का आरोप है कि NEET से जुड़े मामलों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार गंभीरता से जवाब नहीं दे रही है। इसी कारण सांसदों ने काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया।   राहुल गांधी भी आंदोलन के समर्थन में एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। पुलिस ने राहुल गांधी समेत कुछ नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था।   कांग्रेस लगातार छात्रों के मुद्दे को संसद के अंदर और बाहर उठा रही है। विपक्ष की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर संसद में चर्चा हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।   सरकार ने सुधार और चर्चा का दिया भरोसा बढ़ते विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का भरोसा दिया है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। हालांकि प्रदर्शनकारी अभी आंदोलन खत्म करने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैं।   आगे और तेज हो सकता है आंदोलन CJP के नेताओं के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज हो सकता है। वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है।   जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन और संसद में विपक्ष के विरोध के कारण NEET और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार CJP की नई मांगों और छात्रों की चिंताओं पर आगे क्या कदम उठाती है।

TV 24 Network July 22, 2026 0
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