मध्य प्रदेश में सरकारी विमान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार के लिए लगभग ₹234 करोड़ की लागत से खरीदा गया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान जल्द भारत पहुंचने वाला है। विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी और इसके बाद इसे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल लाया जा सकता है। यह खबर 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के बाद सामने आई है। हालांकि, विमान के पहुंचने की वास्तविक तारीख और प्रक्रिया की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।
₹234 करोड़ की लागत से खरीदा गया विमान
रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 श्रेणी का विमान खरीदा है। इसकी कीमत करीब ₹234 करोड़ बताई गई है। यह एक बिजनेस जेट श्रेणी का विमान है, जिसका इस्तेमाल सरकारी यात्राओं और अन्य अधिकृत हवाई यात्राओं के लिए किया जा सकता है। विमान की खरीद से राज्य सरकार की हवाई यात्रा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
दिल्ली में पूरी होंगी जरूरी औपचारिकताएं
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान के भारत पहुंचने के बाद दिल्ली में कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेजों और संबंधित औपचारिकताओं का निपटारा किया जाता है। इसके बाद विमान को भोपाल लाने की योजना है। हालांकि, इन प्रक्रियाओं के पूरा होने और विमान की उड़ान संबंधी कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी जरूरी है।
क्या हैं बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 की खासियतें?
बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 एक आधुनिक बिजनेस जेट है। इस श्रेणी के विमानों को लंबी दूरी की यात्रा, आरामदायक केबिन और व्यावसायिक विमानन सुविधाओं के लिए जाना जाता है। हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार को मिले विमान के विशिष्ट कॉन्फिगरेशन, सीटों की संख्या और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों से सत्यापित की जानी चाहिए।
सरकारी विमान को लेकर क्यों है चर्चा?
सरकारी विमान का इस्तेमाल मुख्यमंत्री, अन्य अधिकृत सरकारी प्रतिनिधियों और प्रशासनिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है। इससे विभिन्न शहरों के बीच यात्रा करने में सुविधा मिल सकती है। दूसरी ओर, लगभग ₹234 करोड़ की लागत के कारण विमान की खरीद पर सरकारी खर्च, उपयोग और रखरखाव को लेकर भी लोगों की रुचि स्वाभाविक है। विमान के वास्तविक इस्तेमाल और इससे होने वाले लाभ का आकलन संबंधित सरकारी जानकारी के आधार पर किया जा सकेगा।
मध्य प्रदेश सरकार का लगभग ₹234 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान इन दिनों चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे भोपाल लाए जाने की उम्मीद है। विमान के आगमन, सुविधाओं और इस्तेमाल से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानपुर रोड पर चलती थार गाड़ी में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना बंथरा थाना क्षेत्र में हुई, जहां कार में सवार तीन दोस्तों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। चलते वाहन में अचानक भड़की आग जानकारी के अनुसार, थार गाड़ी कानपुर रोड से गुजर रही थी। इसी दौरान वाहन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने गाड़ी को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। वाहन में आग लगते ही उसमें सवार तीनों दोस्तों के बीच अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने स्थिति को समझते हुए तुरंत गाड़ी से बाहर निकलकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की। चलती गाड़ी में आग लगने की घटना से सड़क पर मौजूद लोगों का ध्यान भी इस ओर गया। वाहन से आग की लपटें उठने के कारण आसपास के लोगों में चिंता फैल गई। घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी गई, जिसके बाद आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की गई। बंथरा थाना क्षेत्र में हुई घटना यह घटना लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में कानपुर रोड पर हुई। बताया गया कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। टीम ने आग को बुझाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की। करीब 30 मिनट तक प्रयास करने के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। इस दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि गाड़ी में बैठे तीनों दोस्त समय रहते बाहर निकल गए। यदि वे आग फैलने के दौरान वाहन के अंदर ही रहते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि, घटना में किसी के घायल होने या अन्य नुकसान के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है। शॉर्ट सर्किट की आशंका वाहन में आग लगने की घटनाओं में तकनीकी खराबी, बिजली के तारों में समस्या या अन्य कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इस मामले में भी शुरुआती जानकारी के आधार पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन चलाते समय धुआं दिखाई देने या जलने की गंध आने पर चालक को सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोकनी चाहिए। सभी यात्रियों को वाहन से दूर सुरक्षित जगह पर पहुंचना चाहिए और आपात स्थिति में दमकल विभाग को सूचना देनी चाहिए। समय पर बाहर निकले टला बड़ा हादसा लखनऊ में हुई इस घटना में तीनों दोस्तों का समय रहते गाड़ी से बाहर निकलना महत्वपूर्ण रहा। दमकल विभाग की कार्रवाई से आग पर काबू पाया गया। घटना ने एक बार फिर चलते वाहनों में आग लगने की स्थिति में सतर्कता और तत्काल कार्रवाई के महत्व को सामने रखा है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित परीक्षा स्थगित होने की जानकारी सामने आई है। अब उम्मीदवारों को नई परीक्षा तिथि घोषित होने का इंतजार है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। पहले जुलाई में होनी थी परीक्षा BPSC 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर पहले जुलाई 2026 में परीक्षा आयोजित किए जाने की चर्चा थी। इसके बाद परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया गया और 25 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई। अब परीक्षा स्थगित होने की खबर के बाद अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। परीक्षा स्थगित होने का क्या है कारण? परीक्षा स्थगित होने के पीछे की परिस्थितियों और आधिकारिक कारणों की पुष्टि आयोग की अधिसूचना से की जानी चाहिए। उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं से बचना चाहिए और किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक नोटिस देखना चाहिए। कितने पदों पर होनी है भर्ती? BPSC 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती की जानी है। पदों की संख्या, पात्रता, आवेदन और चयन प्रक्रिया से संबंधित सही जानकारी के लिए उम्मीदवारों को भर्ती विज्ञापन और आयोग की नवीनतम अधिसूचना देखनी चाहिए। नई परीक्षा तारीख कैसे चेक करें? अभ्यर्थी बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर परीक्षा से संबंधित नोटिस देख सकते हैं। वेबसाइट के नोटिस और नवीनतम अपडेट वाले सेक्शन में परीक्षा कार्यक्रम, एडमिट कार्ड तथा अन्य जरूरी निर्देशों की जानकारी मिल सकती है। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह परीक्षा की तारीख बदलने के बावजूद उम्मीदवारों को अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। सामान्य अध्ययन, बिहार से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों, करेंट अफेयर्स और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करें। नई तारीख घोषित होने के बाद उसी के अनुसार अपनी तैयारी का समय निर्धारित करें।
राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के जलस्तर में गिरावट की खबर से नदी के आसपास रहने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश और नदियों के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच गोमती नदी की स्थिति पर स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों की नजर बनी रहती है। हालांकि, जलस्तर में कितनी गिरावट दर्ज की गई है और नदी का वर्तमान स्तर क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। जलस्तर में बदलाव से लोगों को राहत गोमती नदी लखनऊ की प्रमुख नदियों में शामिल है। नदी के किनारे कई आवासीय इलाके, घाट और सार्वजनिक स्थल स्थित हैं। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जलस्तर घटने से नदी के किनारे रहने वाले लोगों को संभावित जलभराव और बाढ़ की आशंका से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, केवल जलस्तर में गिरावट के आधार पर खतरा पूरी तरह समाप्त होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए नदी के मौजूदा स्तर, मौसम के पूर्वानुमान और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखना जरूरी है। बारिश और जल प्रवाह का पड़ता है असर गोमती नदी के जलस्तर में बदलाव के पीछे बारिश, नदी में आने वाले पानी की मात्रा और आसपास के क्षेत्रों से होने वाला जल प्रवाह जैसे कई कारण हो सकते हैं। लगातार बारिश होने पर नदी का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि बारिश कम होने और पानी का प्रवाह घटने पर इसमें गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, नदी के जलस्तर की स्थिति जानने के लिए संबंधित निगरानी केंद्रों से मिलने वाले आंकड़े महत्वपूर्ण होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर ही नदी में पानी की स्थिति और संभावित जोखिम का आकलन किया जा सकता है। प्रशासन की निगरानी जरूरी गोमती नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं का पालन करना महत्वपूर्ण है। नदी के आसपास जाने वाले लोगों को पानी के तेज बहाव और फिसलन वाले घाटों पर सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों को नदी के किनारे अकेले जाने से रोकना भी जरूरी है। यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है, तो जलस्तर में दोबारा बदलाव संभव है। ऐसे में संबंधित विभागों की निगरानी और समय पर सूचना उपलब्ध कराना लोगों की सुरक्षा के लिए अहम रहेगा। लखनऊ में गोमती नदी के जलस्तर में गिरावट की खबर के बीच अब आगे के मौसम और नदी के पानी की स्थिति पर नजर रहेगी। जलस्तर में वास्तविक गिरावट, वर्तमान माप और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।