Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC ताश के पत्तों की तरह बिखरती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC प्रमुख ममता बनर्जी की बेहद करीबी और TMC की फायरब्रांड चेहरा सयानी घोष भी बागी हो गईं हैं। जानकारी मिल रही है कि बागी गुट में कुल 20 लोकसभा सांसद शामिल हैं। जिसमें सयानी घोष और सुदीप बंदोपाध्याय का भी नाम शामिल हैं। बता दें, इसके अलावा दो राज्यसभा सांसदों (सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव) ने भी इस्तीफा दे दिया है।
TMC में कैसे शुरु हुआ बगावत का सिलसिला?
तृणमूल कांग्रेस में बगावत का दौर ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के पार्टी से निकालने के बाद से शुरु हुआ है। पार्टी में विरोध की वजह से ममता ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निकाल दिया। जिसके बाद ऋतब्रत बनर्जी बागी होकर TMC के 58 विधायकों को अपने साथ ले गए। विधायकों के बाद पार्टी में सांसदों के भी टूटने की खबरे तेज हो गई है।
Saayoni Ghosh कौन हैं?
सयानी घोष ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाती थीं। सयानी घोष पश्चिम बंगाल की एक प्रसिद्ध बंगाली अभिनेत्री, गायिका और तृणमूल कांग्रेस की सांसद है। वह वर्तमान में जादवपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली लोकसभा सांसद हैं।
बयानों की वजह से सुर्खियों में सयानी घोष
सयानी घोष तब सुर्खियों में आईं जब बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार कर रही थीं तब उनका एक गाना 'मेरे दिल में है काबा और आंखों में मदीना’ काफी चर्चा में रहा। इसके साथ ही इस गाने पर उनको विवादों का सामना करना पड़ा था।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले राघव चड्ढा पर सयानी घोष ने एक चुनावी जनसभा के दौरान निशाना साधा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था, "मैं चड्ढा नहीं हूं जो 'चड्डी' बन जाऊंगी, घोष हमेशा घोष ही रहेगा।"
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। UP Home Guard भर्ती प्रक्रिया के तहत होने वाला Physical Efficiency Test यानी PET अब 14 सितंबर 2026 से शुरू होगा। परीक्षा की तारीख में बदलाव के बाद अभ्यर्थियों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार तैयारी करने को कहा गया है। 14 सितंबर से शुरू होगा PET होमगार्ड भर्ती के लिए फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना था, लेकिन बाद में इसकी तारीख में बदलाव किया गया। अब PET की शुरुआत 14 सितंबर 2026 से होगी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित केंद्र और समय की जानकारी एडमिट कार्ड के माध्यम से मिलेगी। संशोधित एडमिट कार्ड महत्वपूर्ण PET की तारीख बदलने के बाद अभ्यर्थियों के लिए संशोधित एडमिट कार्ड महत्वपूर्ण हो गया है। संशोधित एडमिट कार्ड 10 सितंबर 2026 से जारी किए जाने हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना एडमिट कार्ड समय पर डाउनलोड करें और उसमें दी गई सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र, तारीख, रिपोर्टिंग टाइम और जरूरी निर्देश जैसी जानकारी दी जा सकती है। परीक्षा केंद्र पर जाते समय अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के साथ आवश्यक पहचान पत्र भी रखना चाहिए। अभ्यर्थियों को तैयारी तेज करनी होगी PET में शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले अपनी तैयारी पर विशेष ध्यान देना होगा। दौड़ और अन्य निर्धारित शारीरिक गतिविधियों के लिए नियमित अभ्यास करना उपयोगी रहेगा। अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के साथ आराम और पर्याप्त नींद का भी ध्यान रखना चाहिए। परीक्षा से ठीक पहले अत्यधिक मेहनत करने के बजाय नियमित और संतुलित अभ्यास करना बेहतर रहेगा। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें PET के दिन अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना चाहिए। एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम और निर्देशों को पहले से पढ़ लेना जरूरी है। किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का रास्ता भी पहले से देख लेना बेहतर होगा। आधिकारिक अपडेट पर रखें नजर होमगार्ड भर्ती से जुड़ी तारीखों और निर्देशों में बदलाव संभव होने के कारण अभ्यर्थियों को भर्ती से संबंधित आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखनी चाहिए। किसी भी अपडेट के लिए केवल विश्वसनीय और आधिकारिक सूचना को ही आधार बनाना चाहिए। UP Home Guard भर्ती का PET अब 14 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। संशोधित एडमिट कार्ड 10 सितंबर से जारी होने की जानकारी है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड समय पर प्राप्त करके परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सोमवार, 7 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी एक बस डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। राजस्थान से बदायूं जा रहे थे यात्री जानकारी के अनुसार, बस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सवार थे। यह बस राजस्थान के बांगर क्षेत्र से बदायूं की ओर जा रही थी। यात्री धार्मिक यात्रा के लिए निकले थे। रात के समय सफर के दौरान बागपत क्षेत्र में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। डिवाइडर से टकराने के बाद पलटी बस बताया गया कि बस बड़ागांव कट के पास पहुंची थी, तभी वह सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि कई यात्री बस के अंदर फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची हादसे की सूचना मिलते ही बागपत पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ी हादसे के शुरुआती अपडेट में चार लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में सामने आई रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 होने की जानकारी दी गई। घायलों की संख्या भी 20 से अधिक बताई गई है। हादसे के आंकड़ों में शुरुआती तौर पर बदलाव हुआ है, इसलिए प्रशासन की अंतिम पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। हादसे की वजह की जांच जारी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बस दुर्घटना का मुख्य कारण क्या था। तेज रफ्तार, चालक की स्थिति, वाहन की तकनीकी खराबी और सड़क की परिस्थितियों समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। घायलों का इलाज प्राथमिकता प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। अस्पतालों में डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है। वहीं पुलिस मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी है। सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहनों में चालक की पर्याप्त नींद, वाहन की फिटनेस और निर्धारित गति सीमा का पालन बेहद जरूरी है। रात में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना भी महत्वपूर्ण है। बागपत हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन लोगों ने अपने परिजनों को इस हादसे में खोया, उनके लिए यह बेहद दुखद समय है। प्रशासन की ओर से राहत और सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार यानी 5 सितंबर 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक मस्जिद के खिलाफ प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। प्रशासन के अनुसार, यह ढांचा सरकारी जमीन पर बना था और इसे अवैध कब्जे के रूप में माना गया था। कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई। परिसर के प्रवेश द्वारों को भी बंद रखा गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। अदालत के फैसले के बाद हुई कार्रवाई मस्जिद को हटाने की कार्रवाई अचानक नहीं हुई। इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण मानते हुए बेदखली का आदेश दिया था। इस आदेश को मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत में चुनौती दी थी। जिला जज की अदालत ने भी मस्जिद पक्ष की अपील खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। जिला अदालत का फैसला 2 सितंबर 2026 को आया था। सरकारी जमीन को लेकर था विवाद इस पूरे मामले की मुख्य वजह जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद था। सरकारी पक्ष ने पुराने राजस्व रिकॉर्ड का हवाला देते हुए संबंधित जमीन को सरकारी बताया। दूसरी ओर, मस्जिद पक्ष की ओर से जमीन और मस्जिद के संबंध में अलग-अलग दावे तथा दस्तावेज अदालत के सामने रखे गए। सुनवाई के दौरान वक्फ संपत्ति और पूजा स्थल से जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर भी दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश कीं। जिला अदालत ने अपील की खारिज जिला अदालत में मामले की सुनवाई कई तारीखों तक चली। मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध दस्तावेज देखने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन के लिए मस्जिद को हटाने की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर में कड़ी सुरक्षा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। कलेक्ट्रेट परिसर के कई गेट बंद कर दिए गए और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रही। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौजूद रहे। प्रशासन का कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना था। इकरा हसन को लेकर भी सामने आया विवाद कार्रवाई के बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को लेकर भी मामला चर्चा में रहा। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें सहारनपुर जाने से पहले उनके आवास पर रोका गया। सांसद की ओर से इसे लेकर सवाल उठाए गए, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गईं। कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है। प्रशासन का पक्ष है कि कार्रवाई अदालत के आदेशों और सरकारी भूमि से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। वहीं, विपक्षी नेताओं और मस्जिद पक्ष की ओर से इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल प्रशासन ने क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा है। सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद विवाद में पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई को आदेश दिया, इसके बाद मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत का रुख किया। जिला अदालत ने भी अपील खारिज कर पहले के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद 5 सितंबर 2026 को प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस पूरे घटनाक्रम ने सहारनपुर में एक पुराने भूमि विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है।