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कुत्तों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए नियमित देखभाल क्यों जरूरी है?

TV 24 Network June 11, 2026 0
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Dog Health Awareness

कुत्ते केवल पालतू जानवर नहीं होते, बल्कि हमारे परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा और सच्चे साथी होते हैं। इसलिए उनकी सही देखभाल, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद आवश्यक है।

 

RR Pet Clinic, Gomti Nagar, Lucknow – आपके पालतू साथी की भरोसेमंद देखभाल

 

यदि आप लखनऊ में अपने डॉग के लिए अनुभवी और विश्वसनीय पशु चिकित्सक की तलाश कर रहे हैं, तो RR Pet Clinic, Gomti Nagar, Lucknow नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, डी-वॉर्मिंग, डेंटल केयर और सामान्य उपचार जैसी सेवाएं प्रदान करता है। समय पर जांच से कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है।

 

संतुलित आहार का महत्व

कुत्तों के भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज होने चाहिए। असंतुलित भोजन या अत्यधिक जंक फूड मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। आवश्यकता होने पर RR Pet Clinic में आपके पालतू की उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार डाइट संबंधी सलाह भी ली जा सकती है।

 

नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवन

रोजाना टहलना, दौड़ना और खेलना कुत्तों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। इससे उनका वजन नियंत्रित रहता है और वे अधिक खुश एवं ऊर्जावान बने रहते हैं।

 

समय पर Vaccination और Preventive Care

रेबीज, पार्वो वायरस, डिस्टेंपर और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण आवश्यक है। साथ ही नियमित डी-वॉर्मिंग और पिस्सू एवं टिक नियंत्रण भी जरूरी है। RR Pet Clinic, Gomti Nagar में निर्धारित वैक्सीनेशन शेड्यूल के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

 

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

यदि आपका कुत्ता खाना कम खा रहा हो, अत्यधिक सुस्त हो, बार-बार उल्टी या दस्त हो रहे हों, सांस लेने में कठिनाई हो या उसके व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर उपचार कई गंभीर समस्याओं से बचा सकता है।

 

डेंटल और मानसिक स्वास्थ्य

दांतों की नियमित सफाई और जांच मसूड़ों की बीमारी तथा संक्रमण से बचाती है। वहीं प्यार, सामाजिक संपर्क और सुरक्षित वातावरण कुत्तों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

 

निष्कर्ष

एक स्वस्थ कुत्ता पूरे परिवार में खुशियां और सकारात्मक ऊर्जा लाता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और समय पर चिकित्सा देखभाल के माध्यम से आप अपने प्रिय साथी को लंबा और स्वस्थ जीवन दे सकते हैं।

RR Pet Clinic, Gomti Nagar, Lucknow का उद्देश्य पालतू जानवरों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं और उनके मालिकों को सही मार्गदर्शन प्रदान करना है, ताकि हर पालतू स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सके।

 

अपने पालतू कुत्ते के स्वास्थ्य की नियमित जांच और विशेषज्ञ सलाह के लिए आज ही RR Pet Clinic, Gomti Nagar, Lucknow से अपॉइंटमेंट बुक करें। मोबाइल नंबर:- +91 94555 47779

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Shahrukh Khan ने मनाया 60वां जन्मदिन, विदेशों से भी जुटे फैंस

Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।

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16 दवाओं पर सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं होगी बिक्री

Lucknow Desk: सरकार ने 16 दवाओं पर लगाया प्रतिबंध केंद्र सरकार ने देशभर में इस्तेमाल होने वाली 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन दवाओं का इस्तेमाल लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। सरकार ने कहा कि इन दवाओं का कोई स्पष्ट चिकित्सीय लाभ नहीं मिला, इसलिए इनके निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगाई गई है।   क्या होती हैं FDC दवाएं फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन यानी FDC दवाएं वे होती हैं जिनमें दो या उससे अधिक दवाओं को मिलाकर एक दवा तैयार की जाती है। कई मामलों में ये कॉम्बिनेशन मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन कुछ दवाओं के मिश्रण से शरीर पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों की जांच में पाया गया कि प्रतिबंधित दवाओं के कॉम्बिनेशन वैज्ञानिक मानकों पर सही नहीं उतरे।   स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्यों लिया फैसला सरकार ने यह फैसला विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया है। जांच में सामने आया कि इन दवाओं के सेवन से एलर्जी, लीवर डैमेज, पेट संबंधी समस्याएं और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।   कौन-कौन सी दवाएं हुईं बैन प्रतिबंधित दवाओं में कई दर्द निवारक, एंटीबायोटिक और स्किन प्रोडक्ट कॉम्बिनेशन शामिल हैं। इनमें “Amoxicillin + Serratiopeptidase”, “Paracetamol + Lignocaine” और “Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide” जैसे कॉम्बिनेशन शामिल बताए गए हैं। सरकार ने मेडिकल स्टोरों को इन दवाओं की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है।   डॉक्टरों ने फैसले का किया स्वागत स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि कई बार मरीज बिना सही सलाह के ऐसी दवाओं का सेवन कर लेते हैं, जिससे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी दवा का उपयोग वैज्ञानिक जांच और मेडिकल रिसर्च के आधार पर ही होना चाहिए।   बिना डॉक्टर सलाह दवा लेना खतरनाक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग छोटी-मोटी बीमारी में सीधे मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लेते हैं। यह आदत कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।   फार्मा कंपनियों पर पड़ेगा असर सरकार के इस फैसले का असर दवा कंपनियों पर भी पड़ सकता है। जिन कंपनियों की बिक्री इन दवाओं पर निर्भर थी, उन्हें आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। हालांकि सरकार का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है और किसी भी जोखिम वाली दवा को बाजार में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।   मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री तुरंत बंद की जाए। यदि किसी दुकान में ये दवाएं पाई जाती हैं तो कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही लोगों से कहा गया है कि यदि उनके पास ऐसी दवाएं मौजूद हैं तो उनका इस्तेमाल बंद कर डॉक्टर से सलाह लें।   पहले भी लग चुके हैं कई बैन यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसी दवा पर प्रतिबंध लगाया हो। इससे पहले भी कई फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं पर रोक लगाई जा चुकी है। सरकार लगातार दवा बाजार पर निगरानी बढ़ा रही है ताकि लोगों को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं मिल सकें।   स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों के अनुसार सरकार का यह फैसला लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे दवा कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी और मरीजों में भी जागरूकता आएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि सुरक्षित दवाओं का इस्तेमाल ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी जरूरत है।

TV 24 Network June 21, 2026 0
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आखिर क्यों निकल आता है ? भारतीय पुरुषों का पेट

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FSSAI bans serving food in newspapers.
FSSAI ने दी चेतावनी, क्या आप भी अखबार में खाते हैं समोसे-कचौड़ी?

Lucknow Desk: अगर आप बाजार में समोसे, कचौड़ी या जलेबी खरीदते समय उन्हें अखबार में पैक करवाते हैं, या घर में पराठे और स्नैक्स अखबार में लपेटकर रखते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसी वजह से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने अखबार में खाना परोसने और पैक करने के खिलाफ चेतावनी जारी की है।   दरअसल, अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में कई तरह के हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं। जब गर्म या तेलयुक्त खाना सीधे अखबार के संपर्क में आता है, तो ये केमिकल खाने में मिल सकते हैं। इसके बाद यही जहरीले तत्व हमारे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और धीरे-धीरे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने लगते हैं।   FSSAI का कहना है कि अखबार या किसी भी तरह के प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल खाने की पैकेजिंग के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह नियम नया नहीं है। इससे पहले भी साल 2016 और 2019 में खाद्य सुरक्षा एजेंसी ने लोगों को इस खतरे के प्रति आगाह किया था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 के तहत भी खाने को अखबार में रखना या लपेटना पूरी तरह प्रतिबंधित है।   विशेषज्ञों के मुताबिक, अखबार की स्याही में कुछ ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो लंबे समय तक शरीर में जाने पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। इनमें कुछ ऐसे केमिकल भी शामिल हैं जो रंगाई, पेंट, प्लास्टिक और रबर उद्योगों में इस्तेमाल किए जाते हैं। यही वजह है कि लगातार ऐसे दूषित भोजन का सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा माना जाता है।   सिर्फ कैंसर ही नहीं, अखबार में पैक खाना आपके पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकता है। पुराने अखबारों पर धूल, गंदगी और कई तरह के सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। जब ये खाने के संपर्क में आते हैं तो फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य संक्रमण की समस्या पैदा हो सकती है।   इसके अलावा इन रसायनों का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जहरीले तत्वों के लगातार संपर्क से दिमाग और किडनी भी प्रभावित हो सकती हैं। शरीर में विषैले पदार्थों के जमा होने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय में यह गंभीर समस्या का रूप ले सकता है।   बच्चों, बुजुर्गों, किशोरों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा है। ऐसे लोगों में इन रसायनों का असर तेजी से दिखाई दे सकता है और गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।   इसलिए अगली बार जब आप कोई खाद्य पदार्थ खरीदें या पैक करें, तो अखबार की जगह फूड-ग्रेड पेपर, बटर पेपर, एल्युमिनियम फॉयल या सुरक्षित पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल करें। छोटी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचा सकती है।

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