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FSSAI ने दी चेतावनी, क्या आप भी अखबार में खाते हैं समोसे-कचौड़ी?

TV 24 Network June 7, 2026 0
FSSAI bans serving food in newspapers.
FSSAI bans serving food in newspapers.

Lucknow Desk: अगर आप बाजार में समोसे, कचौड़ी या जलेबी खरीदते समय उन्हें अखबार में पैक करवाते हैं, या घर में पराठे और स्नैक्स अखबार में लपेटकर रखते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसी वजह से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने अखबार में खाना परोसने और पैक करने के खिलाफ चेतावनी जारी की है।

 

दरअसल, अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में कई तरह के हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं। जब गर्म या तेलयुक्त खाना सीधे अखबार के संपर्क में आता है, तो ये केमिकल खाने में मिल सकते हैं। इसके बाद यही जहरीले तत्व हमारे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और धीरे-धीरे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने लगते हैं।

 

FSSAI का कहना है कि अखबार या किसी भी तरह के प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल खाने की पैकेजिंग के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह नियम नया नहीं है। इससे पहले भी साल 2016 और 2019 में खाद्य सुरक्षा एजेंसी ने लोगों को इस खतरे के प्रति आगाह किया था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 के तहत भी खाने को अखबार में रखना या लपेटना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, अखबार की स्याही में कुछ ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो लंबे समय तक शरीर में जाने पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। इनमें कुछ ऐसे केमिकल भी शामिल हैं जो रंगाई, पेंट, प्लास्टिक और रबर उद्योगों में इस्तेमाल किए जाते हैं। यही वजह है कि लगातार ऐसे दूषित भोजन का सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा माना जाता है।

 

सिर्फ कैंसर ही नहीं, अखबार में पैक खाना आपके पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकता है। पुराने अखबारों पर धूल, गंदगी और कई तरह के सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। जब ये खाने के संपर्क में आते हैं तो फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य संक्रमण की समस्या पैदा हो सकती है।

 

इसके अलावा इन रसायनों का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जहरीले तत्वों के लगातार संपर्क से दिमाग और किडनी भी प्रभावित हो सकती हैं। शरीर में विषैले पदार्थों के जमा होने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय में यह गंभीर समस्या का रूप ले सकता है।

 

बच्चों, बुजुर्गों, किशोरों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा है। ऐसे लोगों में इन रसायनों का असर तेजी से दिखाई दे सकता है और गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

 

इसलिए अगली बार जब आप कोई खाद्य पदार्थ खरीदें या पैक करें, तो अखबार की जगह फूड-ग्रेड पेपर, बटर पेपर, एल्युमिनियम फॉयल या सुरक्षित पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल करें। छोटी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को बड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचा सकती है।

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