Lucknow Desk: लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रेलवे कॉलोनी बालागंज में बीते रविवार को 14 साल की किशोरी का शव फंदे से लटका मिला। परिजनों ने दुष्कर्म के विरोध में किशोरी की हत्या का करने का आरोप लगाया है। मिली जानकारी के अनुसार, किशोरी पिछले एक साल से राघव नामक व्यक्ति के घर में घरेलू सहायिका का काम करती थी। घटना के बाद परिजनों ने मकान मालिक पर दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाते हुए मायापुरम और बालागंज इलाके में सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने प्रदर्शन शांत कराया।
मिली जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत का कारण हैगिंग सामने आया है। डॉक्टरों ने दुष्कर्म की जांच के लिए स्लाइड बनाई है और उसे परीक्षण के लिए भेजा गया है। फिलहाल, पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर मकान मालिक के बेटे को हिरासत में ले लिया है।
किशोरी मूल रूप से सीतापुर की रहने वाली थी। वह परिवार के साथ रहती थी। किशोरी के पिता ने बताया कि बेटी बीते एक साल से बालागंज की रेलवे कॉलोनी में रहने वाले बोकारो स्टील प्लांट से रिटायर्ड बुजुर्ग के मकान में रहकर घरेलू काम करती थी। होली के मौके पर वह दो दिन के लिए घर भी आई थी। होली के बाद वह वापस काम पर लौट गई। इसके बाद रविवार दोपहर बुजुर्ग की पत्नी ने फोन कर बताया कि किशोरी ने फंदा लगा लिया है, तभी परिजन मौके पर पहुंचे।
वहीं किशोरी की मां ने बताया कि रविवार दोपहर किशोरी से ऊपर वाले कमरे में जाकर काम करने के लिए कहा था। काफी देर तक जब वह नहीं लौटी तो उन्होंने बेटे को ऊपर के कमरे में जाकर देखने के लिए कहा। वह जब वहां पहुंचा तो उसने किशोरी को पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ देखा। फिर मौके पर पुलिस पहुंची तो किशोरी को ट्रामा सेंटर ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र को आधिकारिक तौर पर क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम की निगरानी, पूर्वानुमान और आपदा संबंधी चेतावनियों का काम पहले से ज्यादा तेज और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज के समय में मौसम की सटीक जानकारी सिर्फ यह बताने तक सीमित नहीं है कि बारिश होगी या धूप निकलेगी, बल्कि यह किसानों की फसल बचाने, लोगों की जान-माल की सुरक्षा करने और प्रशासन को समय रहते सतर्क करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक में हुए बदलावों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। पहले मौसम विभाग की भविष्यवाणियों को लेकर लोगों में भरोसा कम था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि करीब 12 साल पहले अगर मौसम विभाग बारिश की संभावना जताता था तो लोग अक्सर उल्टा सोचते थे। लेकिन आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों की मदद से आज मौसम संबंधी पूर्वानुमान कहीं ज्यादा भरोसेमंद और सटीक हो गए हैं। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अब आंधी, बारिश और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर अलर्ट कई घंटे पहले लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच जाता है। इससे लोगों को सुरक्षित रहने और जरूरी सावधानी बरतने का पर्याप्त समय मिल जाता है। उन्होंने हाल ही में 13 मई को प्रदेश में आए आंधी-तूफान और बारिश का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस घटना में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। बाद में हुई समीक्षा बैठकों में यह सामने आया कि कई जगहों पर अगर समय रहते सतर्कता बरती जाती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मजबूत किए गए अर्ली वार्निंग सिस्टम की भी सराहना की। उन्होंने सहारनपुर की एक घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी मिलने के बाद मंदिर परिसर में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने कहा कि पहले मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली जैसे जिलों में हर साल मौसम संबंधी घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती थी, लेकिन अब ऐसी घटनाओं में कमी आई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौसम का चक्र लगातार बदल रहा है और लगभग हर मौसम अपने निर्धारित समय से देरी से आ रहा है। अगर यही स्थिति आगे भी बनी रही तो इसका असर कृषि और खाद्यान्न उत्पादन पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत योगदान देता है, इसलिए किसानों तक समय पर और सटीक मौसम जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के दायरे को बढ़ाते हुए बंटाईदार किसानों और उनके परिवारों को भी शामिल किया गया है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में मौसम विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में लोगों को अगले तीन घंटे के मौसम की और भी सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अब तकनीक इतनी उन्नत हो रही है कि घर से निकलने से पहले यह आसानी से पता चल जाएगा कि छतरी लेकर निकलना है या नहीं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश में केवल एक डॉप्लर मौसम रडार था, जबकि आज तीन रडार काम कर रहे हैं और छह नए रडार लगाए जा रहे हैं। देशभर में मौसम रडारों की संख्या भी 17 से बढ़कर 50 हो चुकी है और अगले दो वर्षों में इसे 100 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि अब तक उत्तर भारत के अधिकांश मौसम संबंधी कार्य दिल्ली से संचालित होते थे, लेकिन लखनऊ को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का दर्जा मिलने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की निगरानी यहीं से होगी। भविष्य में यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस बड़ा मुख्यालय विकसित किया जाएगा और पांच नए मौसम रडार भी स्थापित किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा किसानों और आम लोगों को मिलेगा। किसानों को समय पर मौसम की जानकारी मिलने से बुवाई, सिंचाई और फसल कटाई जैसे फैसले लेने में मदद मिलेगी। वहीं आंधी, तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश जैसी आपदाओं को लेकर पहले से चेतावनी मिलने पर जनहानि और आर्थिक नुकसान को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
Lucknow Desk: गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या के बाद से लोगों में भारी आक्रोश था। परिवार और स्थानीय लोग लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसी बीच रविवार सुबह एक बड़ी खबर सामने आई। सूर्या चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात उन्हें सूचना मिली थी कि हत्या के मामले में फरार चल रहा असद अपने एक साथी के साथ खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह किसी व्यक्ति से पैसे लेने पहुंच रहा था और इसके बाद इलाके से फरार होने की तैयारी में था। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी। कुछ देर बाद पुलिस को एक मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस का दावा है कि आरोपी ने रुकने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें असद गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं उसका एक साथी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सूर्या चौहान की हत्या के बाद से उसके परिवार का दर्द पूरे इलाके ने देखा था। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा था। सूर्या की मां ने कई बार मीडिया के सामने भावुक होकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना था कि उनके बेटे के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। असद की मौत के बाद अब इस मामले में अन्य आरोपियों और संभावित सहयोगियों की तलाश पर पुलिस का फोकस है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल और एक देसी पिस्तौल भी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि इसी हथियार का इस्तेमाल आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग के लिए किया था। बरामद हथियार और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। फिलहाल सूर्या चौहान हत्याकांड में मुख्य आरोपी की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और घटना से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं सूर्या के परिवार को उम्मीद है कि इस मामले में उन्हें पूरी तरह न्याय मिलेगा और सभी दोषियों को सजा मिलेगी।
Lucknow Desk: कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP, जो शुरुआत में एक मजाकिया सोशल मीडिया ट्रेंड के तौर पर शुरू हुई थी, अब बड़े विवाद का हिस्सा बन गई है। पिछले कुछ दिनों से यह नाम लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार, 23 मई को एक्स पर एक स्क्रीन रिकॉर्डिंग शेयर की। उनका दावा है कि अकाउंट “हैक” होने से पहले उनके इंस्टाग्राम ऑडियंस का बड़ा हिस्सा भारत से था। उन्होंने कहा कि पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया है। 94 फीसदी से ज्यादा ऑडियंस भारत से होने का दावा अभिजीत दीपके के मुताबिक, 22 अप्रैल से 21 मई के बीच CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट को करीब 1.6 बिलियन व्यूज मिले। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी दौरान लगभग 1.2 करोड़ नए फॉलोअर्स जुड़े। शेयर की गई स्क्रीन रिकॉर्डिंग में इंस्टाग्राम ऑडियंस का डेमोग्राफिक डेटा भी दिखाया गया। उनके अनुसार: 94.1% ऑडियंस भारत से थी 1% अमेरिका से 0.7% ब्रिटेन से करीब 0.6–0.6% कनाडा और यूएई से अभिजीत दीपके ने पोस्ट में कहा कि जब उनकी 94 फीसदी से ज्यादा ऑडियंस भारत से थी, तो भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी बताने जैसी टिप्पणी क्यों की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह डेटा अकाउंट “हैक” होने से पहले का है। किरेन रिजिजू के बयान से बढ़ी चर्चा इस पूरे मामले के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का एक पोस्ट भी चर्चा में आ गया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उन्हें उन लोगों पर तरस आता है जो सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और जॉर्ज सोरोस गैंग से फॉलोअर्स जुटाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर CJP का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे इसी विवाद से जोड़कर देखने लगे। फिलहाल, CJP की ओर से किए गए दावों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।