देश के कई हिस्सों में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों तक उत्तर, पश्चिम और पहाड़ी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर जारी है। IMD ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज और कुछ स्थानों पर रेड अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और दैनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मुंबई में रिकॉर्ड बारिश, प्रशासन अलर्ट पर
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में इस बार मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। बीते सात दिनों में शहर में रिकॉर्ड स्तर की बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। हालांकि कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता कम होने के संकेत हैं, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि अचानक तेज बारिश फिर से हालात बिगाड़ सकती है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई संवेदनशील जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। नदी-नालों के किनारे जाने से भी मना किया गया है।
इन राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी अगले सात दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
लोगों के लिए IMD की अहम सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। जलभराव वाले रास्तों से बचें, बिजली चमकने के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोग पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा सूचना अवश्य जांच लें।
देश के कई हिस्सों में मानसून का प्रभाव आने वाले दिनों में और तेज रहने की संभावना है। दिल्ली से लेकर मुंबई और हिमाचल तक भारी बारिश जनजीवन पर असर डाल सकती है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
राजधानी लखनऊ में गुरुवार, 8 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक आज शहर में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और एक-दो दौर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम में बदलाव के बीच तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। बादल छाए रहने की संभावना IMD के लखनऊ-हनुमान सेतु केंद्र के अनुसार 8 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिनभर आसमान में बादल रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं। तापमान में बदलाव के संकेत बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। हालांकि बारिश का असर पूरे शहर में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ इलाकों में केवल बादल छाए रह सकते हैं, जबकि दूसरे हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 9 अक्टूबर को लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 10 अक्टूबर को भी आंशिक बादल रह सकते हैं। 11 अक्टूबर से आसमान के धीरे-धीरे साफ होने की संभावना जताई गई है। आने वाले दिनों में तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। लोगों को गर्मी से मिल सकती है राहत अक्टूबर में दिन के समय तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बादल और हल्की बारिश होने पर लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस होने की संभावना है। बाहर निकलने वालों को सावधानी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को बाहर निकलते समय मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है। अचानक बारिश होने पर यातायात भी प्रभावित हो सकता है। फिलहाल भारी बारिश का अनुमान नहीं लखनऊ के लिए आज के पूर्वानुमान में मुख्य रूप से हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना बताई गई है। इसलिए इसे भारी बारिश की चेतावनी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव अलग-अलग इलाकों में अलग हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के बाद अब मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है। राजधानी लखनऊ समेत कुछ इलाकों में बारिश से राहत मिली है और कई स्थानों पर धूप भी निकली। हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी बादल और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी यूपी में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 29 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यहां बारिश का असर 30 सितंबर तक बने रहने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में भी कुछ स्थानों पर मौसम सक्रिय रह सकता है, लेकिन बारिश की तीव्रता पहले की तुलना में कम रहने का अनुमान है। लखनऊ में मिली राहत लगातार बारिश के बाद राजधानी लखनऊ में सोमवार को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। दिन के समय धूप निकलने से लोगों को बारिश से राहत मिली। हालांकि वातावरण में नमी के कारण कुछ इलाकों में उमस महसूस की जा सकती है। आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह साफ होने से पहले बादल और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी यूपी में भी बदल रहा मौसम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। अब बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। लोगों को मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए जरूरी सावधानी बारिश के बाद खेतों में पानी जमा होने की स्थिति में किसानों को जल निकासी पर ध्यान देने की जरूरत है। जिन क्षेत्रों में अभी बारिश की संभावना है, वहां खेती से जुड़े जरूरी काम मौसम की स्थिति देखकर करने की सलाह दी जाती है। खड़ी फसलों में अतिरिक्त पानी जमा होने से नुकसान हो सकता है, इसलिए खेतों की नियमित निगरानी जरूरी है। अगले दिनों में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बारिश का असर धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांकि पूर्वी हिस्सों में 30 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति अलग रहने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि यात्रा या बाहर निकलने से पहले अपने क्षेत्र का स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें। बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना और सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर रहेगा।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण स्थगित कर दिया गया है। यह चरण पहले 15 सितंबर से शुरू होना था, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रा को अब 20 सितंबर तक टालने का निर्णय लिया है। कई जगह सड़क मार्ग प्रभावित पिथौरागढ़ के सीमांत इलाकों में बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी मार्गों पर पत्थर और बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हो रहा है। आदि कैलाश यात्रा के प्रमुख मार्गों पर भी मौसम का असर देखा गया है। ऐसे में यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। धार्मिक यात्रा का विशेष महत्व आदि कैलाश उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु यहां भगवान शिव के दर्शन और धार्मिक यात्रा के लिए पहुंचते हैं। आदि कैलाश के साथ आसपास के कई धार्मिक स्थलों की यात्रा भी इस यात्रा का हिस्सा होती है। यात्रियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता प्रशासन ने खराब मौसम के बीच यात्रा शुरू करने के बजाय यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है और भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में यात्रा को कुछ दिनों के लिए रोकना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी माना गया है। 20 सितंबर तक इंतजार आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण अब 20 सितंबर तक स्थगित रहेगा। इसके बाद मौसम और सड़क की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। परिस्थितियां अनुकूल रहने पर यात्रा को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है। प्रशासन मौसम की स्थिति और यात्रा मार्गों पर लगातार नजर बनाए हुए है। यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और बिना अनुमति के जोखिम वाले पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचें। यात्रा की नई तारीख और आगे की व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्रशासन की ओर से दी जाएगी। मौसम सामान्य होने का इंतजार फिलहाल श्रद्धालुओं को मौसम में सुधार और प्रशासन के अगले निर्देश का इंतजार करना होगा। आदि कैलाश जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुरक्षित यात्रा के लिए मौसम और सड़क की स्थिति सामान्य होना बेहद जरूरी है। 20 सितंबर के बाद परिस्थितियों के आधार पर यात्रा को लेकर अगला फैसला लिया जाएगा।