उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश के करीब 54 शहरों और आसपास के इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
गर्मी और उमस से मिल सकती है राहत
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा रखी है। तापमान बहुत अधिक न होने के बावजूद नमी बढ़ने के कारण गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है। बारिश होने से लोगों को इस उमस भरे मौसम से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या, बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में दिन के दौरान बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कई स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।
27 जुलाई से मजबूत हो सकता है मानसून
मौसम से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, 27 जुलाई के बाद उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं। इसके चलते बारिश का दायरा बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता में भी बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ जिलों में लगातार बारिश या भारी बौछारों की स्थिति बन सकती है।
मानसून के दोबारा सक्रिय होने से खरीफ फसलों की खेती कर रहे किसानों को फायदा हो सकता है। खासकर धान की रोपाई वाले क्षेत्रों में बारिश उपयोगी साबित होगी। हालांकि, जिन खेतों में पहले से पानी भरा है, वहां अधिक बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
शहरों में जलभराव का खतरा
तेज बारिश के दौरान प्रदेश के बड़े शहरों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। निचले इलाकों, खराब नालियों और कमजोर जल निकासी व्यवस्था वाले क्षेत्रों में सड़कों पर पानी जमा होने की आशंका है। इससे यातायात धीमा हो सकता है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ सकती है।
बारिश के समय दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सड़कों पर जमा पानी के नीचे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
बिजली गिरने से बचाव जरूरी
मौसम खराब होने और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और टीन की छत के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे लोगों को गरज सुनाई देने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
लोगों को नदी, नाले और पानी से भरे रास्तों को पार करने से भी बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
आने वाले दिनों में बदलता रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की संभावना कम है। कभी धूप, कभी बादल और अचानक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 27 जुलाई के बाद मानसून मजबूत होने पर कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसे में लोगों को यात्रा और दैनिक कार्यों की योजना मौसम की स्थिति देखकर बनानी चाहिए।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार, 7 सितंबर 2026 को बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। 7 से 9 सितंबर तक मौसम रहेगा सक्रिय पूर्वी यूपी में 7 से 9 सितंबर के बीच बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। बिजली गिरने को लेकर भी सावधानी जरूरी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कई इलाकों में जलभराव की आशंका लगातार तेज बारिश होने पर शहरों और कस्बों के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन की ओर से जल निकासी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। तापमान में भी आएगा बदलाव बारिश और बादल छाए रहने के कारण कई जिलों में दिन के तापमान में राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश का दौर कमजोर होने के बाद तापमान फिर बढ़ सकता है। मौसम में बदलाव का असर लोगों की दैनिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें। तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। वाहन चालकों को भी जलभराव वाली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों के लिए महत्वपूर्ण मौसम अपडेट बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश से खेतों में जलभराव होने पर फसलों को नुकसान भी हो सकता है। किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। अगले दिनों में भी बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। खासकर पूर्वी हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले नए अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार, 31 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने करीब 50 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। बारिश के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। पूर्वांचल में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। प्रयागराज, चित्रकूट, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, बहराइच, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली और रामपुर समेत कई जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट है। लखनऊ समेत कई जिलों में बदला मौसम राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी और कानपुर के आसपास भी बारिश देखने को मिल सकती है। पूर्वी यूपी में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती और सिद्धार्थनगर समेत अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। कई जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, लगातार तेज बारिश होने की स्थिति में सड़कों पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी जरूरी मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के समय खुले मैदान, खेत, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम की जानकारी लेते रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक यूपी में बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अलर्ट पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
ओडिशा में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। स्कूलों पर भी पड़ा असर खराब मौसम का सबसे बड़ा असर स्कूलों पर देखने को मिला है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। नबरंगपुर में प्रशासन का बड़ा फैसला भारी बारिश को देखते हुए नबरंगपुर जिले में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला किया गया है। जिले के कई इलाकों में बारिश के कारण स्थिति सामान्य नहीं है। प्रशासन की टीमें स्थानीय हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। भद्रक में भी बारिश का असर भद्रक जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई स्कूल प्रभावित हुए हैं। यहां बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद किए गए हैं। बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन आगे भी जरूरी फैसले ले सकता है। कई इलाकों में जलभराव लगातार बारिश के कारण शहरों और ग्रामीण इलाकों के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया है। सड़कों पर जलभराव के चलते वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों के पास जाने से बचें। अगर किसी इलाके में पानी तेजी से बढ़ रहा है तो वहां से सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव पर नजर बारिश से प्रभावित इलाकों में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव दलों को सक्रिय किया जा सकता है। स्थानीय अधिकारियों को संभावित जलभराव और अन्य समस्याओं से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता फिलहाल प्रशासन का मुख्य ध्यान लोगों की सुरक्षा पर है। स्कूल बंद करने का फैसला भी इसी दिशा में उठाया गया एहतियाती कदम है। मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद ही स्कूलों को सामान्य रूप से खोलने को लेकर फैसला लिया जाएगा।