अमेरिका ने भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लागू कर दिया है। यह फैसला जबरन मजदूरी यानी ‘फोर्स्ड लेबर’ से तैयार वस्तुओं की वैश्विक सप्लाई चेन को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। अमेरिका का कहना है कि जिन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने के लिए कानून या प्रभावी व्यवस्था बनाई है, उन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। वहीं, पर्याप्त कदम नहीं उठाने वाले कुछ देशों पर 12.5 प्रतिशत तक शुल्क लागू किया गया है।
क्या होता है टैरिफ?
टैरिफ एक प्रकार का आयात शुल्क होता है, जिसे किसी दूसरे देश से आने वाले सामान पर लगाया जाता है। इसके लागू होने के बाद आयातित वस्तु अमेरिकी बाजार में महंगी हो सकती है। आमतौर पर टैरिफ की रकम अमेरिका में सामान आयात करने वाली कंपनी को चुकानी होती है, लेकिन बाद में इसका बोझ कीमत बढ़ाकर ग्राहकों या निर्यातकों पर डाला जा सकता है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत भारत के साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और कई अन्य देशों से आने वाले सामान पर भी 10 प्रतिशत की दर लागू की गई है। अमेरिका ने कुल लगभग 60 अर्थव्यवस्थाओं को इस कार्रवाई के दायरे में रखा है।
अमेरिका ने यह फैसला क्यों लिया?
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने अमेरिकी ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत कई देशों की नीतियों की जांच की थी। जांच का विषय यह था कि संबंधित देश जबरन मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं या नहीं।
शुरुआत में भारत पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव सामने आया था। हालांकि, भारत द्वारा जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने के बाद अंतिम दर को 10 प्रतिशत रखा गया। भारत ने जुलाई 2026 में ऐसे सामान के आयात को प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी।
भारतीय निर्यात पर क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले का असर कपड़ा, परिधान, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण तथा अन्य निर्यात क्षेत्रों पर पड़ सकता है। अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है। टैरिफ बढ़ने से भारतीय वस्तुएं अमेरिकी बाजार में पहले की तुलना में महंगी हो सकती हैं।
यदि किसी भारतीय उत्पाद की कीमत 100 डॉलर है, तो उस पर 10 प्रतिशत शुल्क लगने से आयातक की लागत करीब 110 डॉलर हो सकती है। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारत के बजाय किसी अन्य देश से सस्ता सामान खरीदने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, दूसरे कई देशों पर भी समान या अधिक टैरिफ लगाए जाने के कारण भारतीय निर्यातकों को मिलने वाली प्रतिस्पर्धा पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।
व्यापार समझौते पर भी पड़ सकता है प्रभाव
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों पक्ष बाजार तक पहुंच बढ़ाने और व्यापारिक बाधाओं को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार समझौता लगभग तैयार है, लेकिन धारा 301 से जुड़ी जांचों के कारण इसमें देरी हुई है। यह समझौता अगले तीन से चार महीनों में पूरा हो सकता है।
कुल मिलाकर, अमेरिका का नया 10 प्रतिशत टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए लागत और प्रतिस्पर्धा की चुनौती बढ़ा सकता है। हालांकि, भारत को कई अन्य देशों की तुलना में कम दर वाले समूह में रखा गया है। अब भारतीय कंपनियों को उत्पादन लागत कम करने, श्रम नियमों में पारदर्शिता बढ़ाने और नए निर्यात बाजार तलाशने पर ध्यान देना होगा।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
अमेरिका ने भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लागू कर दिया है। यह फैसला जबरन मजदूरी यानी ‘फोर्स्ड लेबर’ से तैयार वस्तुओं की वैश्विक सप्लाई चेन को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। अमेरिका का कहना है कि जिन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने के लिए कानून या प्रभावी व्यवस्था बनाई है, उन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। वहीं, पर्याप्त कदम नहीं उठाने वाले कुछ देशों पर 12.5 प्रतिशत तक शुल्क लागू किया गया है। क्या होता है टैरिफ? टैरिफ एक प्रकार का आयात शुल्क होता है, जिसे किसी दूसरे देश से आने वाले सामान पर लगाया जाता है। इसके लागू होने के बाद आयातित वस्तु अमेरिकी बाजार में महंगी हो सकती है। आमतौर पर टैरिफ की रकम अमेरिका में सामान आयात करने वाली कंपनी को चुकानी होती है, लेकिन बाद में इसका बोझ कीमत बढ़ाकर ग्राहकों या निर्यातकों पर डाला जा सकता है। नई व्यवस्था के अंतर्गत भारत के साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और कई अन्य देशों से आने वाले सामान पर भी 10 प्रतिशत की दर लागू की गई है। अमेरिका ने कुल लगभग 60 अर्थव्यवस्थाओं को इस कार्रवाई के दायरे में रखा है। अमेरिका ने यह फैसला क्यों लिया? अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने अमेरिकी ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत कई देशों की नीतियों की जांच की थी। जांच का विषय यह था कि संबंधित देश जबरन मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं या नहीं। शुरुआत में भारत पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव सामने आया था। हालांकि, भारत द्वारा जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने के बाद अंतिम दर को 10 प्रतिशत रखा गया। भारत ने जुलाई 2026 में ऐसे सामान के आयात को प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी। भारतीय निर्यात पर क्या असर पड़ेगा? इस फैसले का असर कपड़ा, परिधान, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण तथा अन्य निर्यात क्षेत्रों पर पड़ सकता है। अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है। टैरिफ बढ़ने से भारतीय वस्तुएं अमेरिकी बाजार में पहले की तुलना में महंगी हो सकती हैं। यदि किसी भारतीय उत्पाद की कीमत 100 डॉलर है, तो उस पर 10 प्रतिशत शुल्क लगने से आयातक की लागत करीब 110 डॉलर हो सकती है। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारत के बजाय किसी अन्य देश से सस्ता सामान खरीदने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, दूसरे कई देशों पर भी समान या अधिक टैरिफ लगाए जाने के कारण भारतीय निर्यातकों को मिलने वाली प्रतिस्पर्धा पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। व्यापार समझौते पर भी पड़ सकता है प्रभाव भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों पक्ष बाजार तक पहुंच बढ़ाने और व्यापारिक बाधाओं को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार समझौता लगभग तैयार है, लेकिन धारा 301 से जुड़ी जांचों के कारण इसमें देरी हुई है। यह समझौता अगले तीन से चार महीनों में पूरा हो सकता है। कुल मिलाकर, अमेरिका का नया 10 प्रतिशत टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए लागत और प्रतिस्पर्धा की चुनौती बढ़ा सकता है। हालांकि, भारत को कई अन्य देशों की तुलना में कम दर वाले समूह में रखा गया है। अब भारतीय कंपनियों को उत्पादन लागत कम करने, श्रम नियमों में पारदर्शिता बढ़ाने और नए निर्यात बाजार तलाशने पर ध्यान देना होगा।
भारत में Amazon की बहुप्रतीक्षित Prime Day Sale 2026 की शुरुआत 4 जुलाई से हो गई है। यह सेल 6 जुलाई तक चलेगी और केवल Amazon Prime सदस्यों के लिए उपलब्ध है। इस तीन दिवसीय मेगा सेल में स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, हेडफोन, स्मार्टवॉच, टैबलेट, होम अप्लायंसेज़ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर आकर्षक छूट दी जा रही है। इसके साथ ही बैंक ऑफर्स, एक्सचेंज बोनस, नो-कॉस्ट EMI और कैशबैक जैसी सुविधाओं का लाभ भी ग्राहकों को मिल रहा है। स्मार्टफोन श्रेणी में Samsung Galaxy S25 Ultra, OnePlus, iQOO, Redmi, Oppo, Realme और अन्य प्रमुख ब्रांड्स के कई मॉडल रियायती कीमतों पर उपलब्ध हैं। वहीं गेमिंग और प्रोफेशनल उपयोगकर्ताओं के लिए HP, ASUS और अन्य कंपनियों के लैपटॉप पर भी शानदार ऑफर्स दिए जा रहे हैं। स्मार्ट टीवी, वायरलेस ईयरबड्स, ब्लूटूथ स्पीकर और स्मार्ट होम डिवाइस पर भी बड़े डिस्काउंट देखने को मिल रहे हैं। Amazon ने इस सेल में भुगतान को और अधिक किफायती बनाने के लिए SBI और Axis Bank कार्डधारकों को इंस्टेंट डिस्काउंट की सुविधा दी है। वहीं Amazon Pay ICICI Bank Credit Card उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त कैशबैक भी मिल रहा है। कई उत्पादों पर 12 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI उपलब्ध है, जिससे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना आसान हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्राहक नया स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Prime Day Sale उनके लिए बेहतर अवसर साबित हो सकती है। हालांकि खरीदारी से पहले अलग-अलग ब्रांड्स की कीमतों और ऑफर्स की तुलना करना तथा अपनी आवश्यकता के अनुसार उत्पाद का चयन करना हमेशा बेहतर रहेगा। Amazon Prime Day Sale 2026 सीमित समय के लिए आयोजित की जा रही है। ऐसे में लोकप्रिय उत्पादों का स्टॉक जल्दी समाप्त हो सकता है। इसलिए जो ग्राहक इन ऑफर्स का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें समय रहते खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।
Lucknow Desk: मई महीने के पहले ही दिन आम लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। कमर्शियल सिलेंडर के बाद अब 5 किलो वाले छोटे LPG सिलेंडर की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम में ₹261 प्रति सिलेंडर का इजाफा हुआ है। इसके बाद यह सिलेंडर ₹549 से बढ़कर ₹810 तक पहुंच गया है। इससे पहले 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी ₹993 की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। इंडियन ऑयल द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50 के बजाय ₹3,071.50 में मिलेगा। मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी कीमतों में इसी तरह का उछाल देखने को मिला है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों, डेली वेज वर्कर्स, स्टूडेंट्स और छोटे दुकानदारों पर पड़ने वाला है, क्योंकि 5 किलो वाला सिलेंडर इन्हीं वर्गों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। कीमत बढ़ने से उनके घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ेगा और रोजमर्रा का खर्च बढ़ेगा। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। 28 फरवरी के बाद से LPG सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में मई की शुरुआत में ही गैस सिलेंडर की कीमतों में आई यह बढ़ोतरी आम लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है और आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।