25 अगस्त 2026, मंगलवार को देश के कुछ हिस्सों में बैंक अवकाश है। बैंक की छुट्टियां पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं, बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग रहती हैं। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने क्षेत्र की छुट्टी की जानकारी जांच लेना जरूरी है।
First Onam के कारण बैंक अवकाश
केरल में 25 अगस्त को First Onam के अवसर पर बैंक अवकाश रखा गया है। ओणम केरल का प्रमुख पारंपरिक त्योहार है और इसे राज्यभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। First Onam ओणम उत्सव की शुरुआत से जुड़ा महत्वपूर्ण दिन है। इस अवसर पर कई सरकारी और निजी संस्थानों में भी छुट्टी का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, बैंक अवकाश का असर पूरे देश के बैंकिंग नेटवर्क पर नहीं होता। जिन राज्यों या शहरों के लिए RBI के कैलेंडर में छुट्टी निर्धारित है, वहीं बैंक शाखाएं बंद रहती हैं।
ईद-ए-मिलाद के कारण भी छुट्टी
25 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में Milad-i-Sherif यानी ईद-ए-मिलाद के कारण भी बैंक बंद रहने का प्रावधान है। ईद-ए-मिलाद पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। अलग-अलग राज्यों में इस त्योहार की छुट्टी की तारीख और स्थानीय व्यवस्था अलग हो सकती है।
इसी वजह से 25 अगस्त को बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता शहर और राज्य के अनुसार बदल सकती है।
ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी जारी
बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद ग्राहकों को सामान्य डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने में आमतौर पर परेशानी नहीं होती। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, UPI और एटीएम जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं। हालांकि, किसी विशेष बैंक की तकनीकी समस्या या रखरखाव के कारण सेवा प्रभावित हो सकती है।
अगर आपको बैंक शाखा में चेक जमा करने, नकद निकासी, दस्तावेज जमा करने या किसी अधिकारी से मिलने जैसे जरूरी काम हैं, तो छुट्टी से पहले या अगले कार्यदिवस पर काम पूरा करना बेहतर रहेगा।
बैंक जाने से पहले जरूर करें जांच
बैंक की छुट्टियां राज्यवार और कभी-कभी शहरवार भी अलग होती हैं। इसलिए केवल राष्ट्रीय स्तर की छुट्टी देखकर बैंक जाने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। अपने बैंक की स्थानीय शाखा, आधिकारिक वेबसाइट या RBI के हॉलिडे कैलेंडर से जानकारी की पुष्टि करना बेहतर है।
25 अगस्त 2026 को First Onam और कुछ क्षेत्रों में ईद-ए-मिलाद के कारण बैंक अवकाश है। हालांकि, छुट्टी सभी राज्यों में लागू नहीं है। बैंक जाने से पहले अपने शहर की शाखा की स्थिति जरूर जांच लें।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
25 अगस्त 2026, मंगलवार को देश के कुछ हिस्सों में बैंक अवकाश है। बैंक की छुट्टियां पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं, बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग रहती हैं। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने क्षेत्र की छुट्टी की जानकारी जांच लेना जरूरी है। First Onam के कारण बैंक अवकाश केरल में 25 अगस्त को First Onam के अवसर पर बैंक अवकाश रखा गया है। ओणम केरल का प्रमुख पारंपरिक त्योहार है और इसे राज्यभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। First Onam ओणम उत्सव की शुरुआत से जुड़ा महत्वपूर्ण दिन है। इस अवसर पर कई सरकारी और निजी संस्थानों में भी छुट्टी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, बैंक अवकाश का असर पूरे देश के बैंकिंग नेटवर्क पर नहीं होता। जिन राज्यों या शहरों के लिए RBI के कैलेंडर में छुट्टी निर्धारित है, वहीं बैंक शाखाएं बंद रहती हैं। ईद-ए-मिलाद के कारण भी छुट्टी 25 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में Milad-i-Sherif यानी ईद-ए-मिलाद के कारण भी बैंक बंद रहने का प्रावधान है। ईद-ए-मिलाद पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। अलग-अलग राज्यों में इस त्योहार की छुट्टी की तारीख और स्थानीय व्यवस्था अलग हो सकती है। इसी वजह से 25 अगस्त को बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता शहर और राज्य के अनुसार बदल सकती है। ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी जारी बैंक शाखाएं बंद होने के बावजूद ग्राहकों को सामान्य डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने में आमतौर पर परेशानी नहीं होती। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, UPI और एटीएम जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं। हालांकि, किसी विशेष बैंक की तकनीकी समस्या या रखरखाव के कारण सेवा प्रभावित हो सकती है। अगर आपको बैंक शाखा में चेक जमा करने, नकद निकासी, दस्तावेज जमा करने या किसी अधिकारी से मिलने जैसे जरूरी काम हैं, तो छुट्टी से पहले या अगले कार्यदिवस पर काम पूरा करना बेहतर रहेगा। बैंक जाने से पहले जरूर करें जांच बैंक की छुट्टियां राज्यवार और कभी-कभी शहरवार भी अलग होती हैं। इसलिए केवल राष्ट्रीय स्तर की छुट्टी देखकर बैंक जाने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। अपने बैंक की स्थानीय शाखा, आधिकारिक वेबसाइट या RBI के हॉलिडे कैलेंडर से जानकारी की पुष्टि करना बेहतर है। 25 अगस्त 2026 को First Onam और कुछ क्षेत्रों में ईद-ए-मिलाद के कारण बैंक अवकाश है। हालांकि, छुट्टी सभी राज्यों में लागू नहीं है। बैंक जाने से पहले अपने शहर की शाखा की स्थिति जरूर जांच लें।
IN-SPACe के पास जमा किया नया आवेदन एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink ने भारत में अपने दूसरी पीढ़ी के सैटेलाइट नेटवर्क के लिए दोबारा आवेदन किया है। यह आवेदन भारतीय अंतरिक्ष नियामक IN-SPACe के पास जमा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी भारत में Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी सेवा उपलब्ध कराना चाहती है। हालांकि, Reuters ने स्पष्ट किया है कि वह इस रिपोर्ट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका है। Gen-2 सैटेलाइट नेटवर्क की तैयारी Economic Times की रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया गया है कि Starlink ने अपने Gen-2 सैटेलाइट नेटवर्क के लिए नया आवेदन दिया है। यह नेटवर्क कंपनी की पहली पीढ़ी के नेटवर्क से अधिक आधुनिक और शक्तिशाली हो सकता है। इसमें सामान्य मोबाइल फोन को सीधे सैटेलाइट से जोड़ने की क्षमता भी शामिल होगी। क्या है Direct-to-Device तकनीक? Direct-to-Device तकनीक के माध्यम से मोबाइल फोन बिना किसी नजदीकी मोबाइल टावर के सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़ सकता है। इसकी मदद से उन स्थानों पर भी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सकती है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता। यह सुविधा पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों, समुद्री इलाकों और दूरदराज के गांवों के लिए उपयोगी हो सकती है। इसके माध्यम से मैसेज, कॉल और इंटरनेट जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। हालांकि, शुरुआती चरण में इसकी सुविधाएं सीमित रह सकती हैं। Starlink को पहले मिल चुकी है मंजूरी Starlink को जुलाई 2025 में भारत में अपनी पहली पीढ़ी की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के लिए अंतिम नियामकीय मंजूरी मिली थी। यह अनुमति पांच वर्षों के लिए दी गई थी। लेकिन वह मंजूरी मुख्य रूप से सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा से संबंधित थी। कंपनी अब जिस Gen-2 सैटेलाइट नेटवर्क और D2D तकनीक को भारत में लाना चाहती है, उसके लिए अलग मंजूरी की आवश्यकता होगी। इसी कारण Starlink ने IN-SPACe के पास नया आवेदन जमा किया है। आवेदन का मतलब अंतिम मंजूरी नहीं Starlink द्वारा दोबारा आवेदन करने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी को सेवा शुरू करने की अनुमति मिल गई है। आवेदन की अभी नियामकीय और तकनीकी समीक्षा की जाएगी। कंपनी को सुरक्षा से जुड़ी शर्तों, नेटवर्क परीक्षण और स्पेक्ट्रम आवंटन जैसी प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। भारतीय एजेंसियां यह भी जांच सकती हैं कि Starlink का नया नेटवर्क देश के मौजूदा मोबाइल या सैटेलाइट नेटवर्क में किसी प्रकार का हस्तक्षेप तो नहीं करेगा। दूरदराज के क्षेत्रों को हो सकता है फायदा यदि Starlink को Direct-to-Device सेवा के लिए मंजूरी मिलती है, तो इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को मिल सकता है। देश में कई ऐसे इलाके हैं, जहां मोबाइल टावर लगाना कठिन या महंगा है। वहां सैटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सकती है। बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जमीन पर मौजूद संचार नेटवर्क बंद हो सकता है। ऐसी स्थिति में सैटेलाइट आधारित कनेक्टिविटी आपातकालीन सेवाओं और राहत कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। भारत में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा भारत के सैटेलाइट संचार बाजार में Reliance Jio, Eutelsat OneWeb और Amazon जैसी कंपनियां भी सक्रिय हैं। Starlink की नई सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। दूरसंचार कंपनियां D2D सेवाओं के नियमों, स्पेक्ट्रम की कीमत और समान प्रतिस्पर्धा की शर्तों पर नजर रख रही हैं। इस तकनीक के लिए सरकार को सुरक्षा, स्पेक्ट्रम और उपभोक्ता हितों से जुड़े कई मुद्दों पर निर्णय लेना होगा।
अमेरिका ने भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लागू कर दिया है। यह फैसला जबरन मजदूरी यानी ‘फोर्स्ड लेबर’ से तैयार वस्तुओं की वैश्विक सप्लाई चेन को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। अमेरिका का कहना है कि जिन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने के लिए कानून या प्रभावी व्यवस्था बनाई है, उन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। वहीं, पर्याप्त कदम नहीं उठाने वाले कुछ देशों पर 12.5 प्रतिशत तक शुल्क लागू किया गया है। क्या होता है टैरिफ? टैरिफ एक प्रकार का आयात शुल्क होता है, जिसे किसी दूसरे देश से आने वाले सामान पर लगाया जाता है। इसके लागू होने के बाद आयातित वस्तु अमेरिकी बाजार में महंगी हो सकती है। आमतौर पर टैरिफ की रकम अमेरिका में सामान आयात करने वाली कंपनी को चुकानी होती है, लेकिन बाद में इसका बोझ कीमत बढ़ाकर ग्राहकों या निर्यातकों पर डाला जा सकता है। नई व्यवस्था के अंतर्गत भारत के साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और कई अन्य देशों से आने वाले सामान पर भी 10 प्रतिशत की दर लागू की गई है। अमेरिका ने कुल लगभग 60 अर्थव्यवस्थाओं को इस कार्रवाई के दायरे में रखा है। अमेरिका ने यह फैसला क्यों लिया? अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने अमेरिकी ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत कई देशों की नीतियों की जांच की थी। जांच का विषय यह था कि संबंधित देश जबरन मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं या नहीं। शुरुआत में भारत पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव सामने आया था। हालांकि, भारत द्वारा जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने के बाद अंतिम दर को 10 प्रतिशत रखा गया। भारत ने जुलाई 2026 में ऐसे सामान के आयात को प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी। भारतीय निर्यात पर क्या असर पड़ेगा? इस फैसले का असर कपड़ा, परिधान, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण तथा अन्य निर्यात क्षेत्रों पर पड़ सकता है। अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है। टैरिफ बढ़ने से भारतीय वस्तुएं अमेरिकी बाजार में पहले की तुलना में महंगी हो सकती हैं। यदि किसी भारतीय उत्पाद की कीमत 100 डॉलर है, तो उस पर 10 प्रतिशत शुल्क लगने से आयातक की लागत करीब 110 डॉलर हो सकती है। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारत के बजाय किसी अन्य देश से सस्ता सामान खरीदने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, दूसरे कई देशों पर भी समान या अधिक टैरिफ लगाए जाने के कारण भारतीय निर्यातकों को मिलने वाली प्रतिस्पर्धा पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। व्यापार समझौते पर भी पड़ सकता है प्रभाव भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। दोनों पक्ष बाजार तक पहुंच बढ़ाने और व्यापारिक बाधाओं को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार समझौता लगभग तैयार है, लेकिन धारा 301 से जुड़ी जांचों के कारण इसमें देरी हुई है। यह समझौता अगले तीन से चार महीनों में पूरा हो सकता है। कुल मिलाकर, अमेरिका का नया 10 प्रतिशत टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए लागत और प्रतिस्पर्धा की चुनौती बढ़ा सकता है। हालांकि, भारत को कई अन्य देशों की तुलना में कम दर वाले समूह में रखा गया है। अब भारतीय कंपनियों को उत्पादन लागत कम करने, श्रम नियमों में पारदर्शिता बढ़ाने और नए निर्यात बाजार तलाशने पर ध्यान देना होगा।