रक्षाबंधन से पहले नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खराब और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत अधिकारियों ने करीब 300 किलोग्राम ऐसा पनीर जब्त किया, जिसे खाने के लिए अनुपयुक्त पाया गया। कार्रवाई के बाद पूरे पनीर को नष्ट करा दिया गया। यह कार्रवाई 24 अगस्त 2026 को सामने आई।
गढ़ी चौखंडी में पकड़ा गया पनीर
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नोएडा के गढ़ी चौखंडी इलाके में जांच अभियान चलाया। टीम को पनीर की एक बड़ी खेप के बारे में जानकारी मिली थी। जांच के दौरान पनीर की गुणवत्ता पर सवाल उठे। अधिकारियों ने पनीर को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की और बाद में उसे नष्ट करा दिया।
हरियाणा के मेवात से आई थी खेप
अधिकारियों के अनुसार, यह पनीर हरियाणा के मेवात क्षेत्र से नोएडा लाया गया था। त्योहार के समय दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी वजह से बाहर से आने वाले पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की जांच पर खाद्य विभाग विशेष ध्यान दे रहा है।
खाने योग्य नहीं था पनीर
जांच के दौरान जब्त पनीर को अधिकारियों ने मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त बताया। ऐसे खाद्य पदार्थों को बाजार में बेचने से उपभोक्ताओं की सेहत पर खतरा पैदा हो सकता है। इसी कारण विभाग ने कार्रवाई करते हुए पनीर को नष्ट करा दिया, ताकि यह दोबारा बाजार में न पहुंच सके।
8 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए
अभियान के दौरान केवल पनीर की ही जांच नहीं हुई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों से दूध, पनीर, दही और मिठाइयों के 8 नमूने भी लिए। इन सभी सैंपलों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
रक्षाबंधन पर बढ़ती है मिठाई और पनीर की मांग
रक्षाबंधन के मौके पर मिठाइयों, दूध, पनीर और दही की बिक्री बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बाजार में आने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए खाद्य विभाग ने त्योहार से पहले निरीक्षण और सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज कर दी है।
लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें। खुले में रखे या संदिग्ध गुणवत्ता वाले पनीर और मिठाइयों से बचना चाहिए। पैक्ड उत्पाद खरीदते समय पैकेट की स्थिति, तारीख और अन्य जरूरी जानकारी भी देखना जरूरी है।
आगे भी जारी रह सकता है अभियान
नोएडा में हुई यह कार्रवाई त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता को दिखाती है। 24 अगस्त 2026 को सामने आई इस कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग की नजर अब अन्य बाजारों और खाद्य कारोबारियों पर भी है। आने वाले दिनों में दूध, पनीर, मिठाई और दूसरे खाद्य उत्पादों के नमूनों की जांच का अभियान जारी रहने की संभावना है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के किनारे कटाव की समस्या ने एक बार फिर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नवगछिया क्षेत्र के राघोपुर में नदी के तेज बहाव के कारण बजरंगबली मंदिर समेत पांच घरों के नदी में समा जाने की सूचना सामने आई है। इस घटना से क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के सामने सुरक्षा और आवास से जुड़ी चिंताएं पैदा हो गई हैं। नदी किनारे बसे परिवारों पर संकट गंगा के किनारे स्थित राघोपुर इलाके में नदी कटाव के कारण जमीन का क्षरण ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। नदी का बहाव किनारे की मिट्टी को कमजोर करता है, जिससे जमीन का हिस्सा अचानक टूटकर पानी में गिर सकता है। ऐसी स्थिति में नदी के पास बने मकानों और दूसरी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। बजरंगबली मंदिर और पांच घरों के बहने की खबर से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय परिवारों को आशंका है कि यदि कटाव आगे बढ़ा, तो आसपास की अन्य संपत्तियां भी इसकी चपेट में आ सकती हैं। सड़क और रेलवे तटबंध पर जरूरी हैं नजर रखना कटाव प्रभावित क्षेत्र में आसपास के रास्तों और रेलवे तटबंध की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। नदी का कटाव यदि इन संरचनाओं के नजदीक पहुंचता है, तो लोगों के आवागमन और रेल व्यवस्था पर असर पड़ने का खतरा हो सकता है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक आशंका का आकलन संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही किया जा सकता है। ऐसे इलाकों में नदी के किनारे की स्थिति पर नियमित नजर रखना जरूरी होता है। कमजोर स्थानों की पहचान करके समय पर सुरक्षा उपाय किए जाएं, तो संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीणों के सामने रहने और संपत्ति की सुरक्षा की चुनौती नदी कटाव से प्रभावित परिवारों को केवल मकान खोने का ही डर नहीं रहता, बल्कि घरेलू सामान, जमीन और आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों की रोटी खेती और स्थानीय संसाधनों पर निर्भर होती है। ऐसे में जमीन का नुकसान उनके भविष्य को लेकर चिंता पैदा करता है। प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन करना और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी के किनारे कमजोर जमीन से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। कटाव रोकने के लिए जरूरी कदम राघोपुर की घटना गंगा किनारे बसे गांवों में कटाव की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता को सामने लाती है। प्रभावित स्थानों का निरीक्षण, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और उचित तकनीकी उपाय इस समस्या से निपटने में मददगार हो सकते हैं। फिलहाल, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। नदी के बहाव में बदलाव के साथ कटाव की स्थिति भी बदल सकती है। इसलिए नियमित निगरानी और समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण रहेगा।
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अभिनेता ने गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उन्हें अचानक तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में उन्हें करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया था। सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत रिपोर्टों के अनुसार नाना पाटेकर को तड़के तबीयत खराब महसूस हुई थी। उन्होंने एक दोस्त को संदेश भेजकर अस्वस्थ होने की जानकारी दी थी। बाद में उन्हें उनके गोवा स्थित आवास पर बेहोशी की हालत में पाया गया। उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। 5:20 बजे घोषित किया गया मृत अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने भी की। मौत के सटीक कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई। पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार महाराष्ट्र सरकार ने नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ कराने का फैसला किया है। उनके पार्थिव शरीर को पुणे के डोंजे स्थित फार्महाउस ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाना है। सरकार ने यह निर्णय मराठी रंगमंच के साथ-साथ हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके लंबे योगदान को देखते हुए लिया है। करीब पांच दशक का शानदार फिल्मी सफर नाना पाटेकर का फिल्मी करियर करीब पांच दशक लंबा रहा। उन्होंने रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की और 1978 में फिल्म ‘गमन’ से सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी संवाद अदायगी और दमदार अभिनय ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग कलाकारों में शामिल किया। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री नाना पाटेकर को उनके अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से भी सम्मानित किया था। गंभीर, सामाजिक और हास्य भूमिकाओं में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और कई पीढ़ियों के दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे। सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। वे Naam Foundation से जुड़े रहे, जो किसानों और जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर काम करता है। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म जगत और राजनीतिक क्षेत्र से लगातार श्रद्धांजलियां दी जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई लोगों ने उनके योगदान को याद किया।
देश में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और साइबर अपराधों की बदलती चुनौतियों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण में भी बदलाव किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने All India Services के अधिकारियों के लिए iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर Artificial Intelligence (AI), Cyber Security और आधुनिक डिजिटल तकनीकों से जुड़े courses को प्रशिक्षण व्यवस्था में शामिल किया है। इसका उद्देश्य अधिकारियों को नई तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना है। डिजिटल दौर में अधिकारियों के लिए नई स्किल जरूरी सरकारी कामकाज में डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। पुलिस और प्रशासन से जुड़े विभाग भी अब डेटा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल तकनीकों पर काफी निर्भर हैं। दूसरी ओर साइबर अपराधी भी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों के लिए केवल पारंपरिक प्रशासनिक जानकारी पर्याप्त नहीं रह गई है। AI और साइबर सिक्योरिटी की जानकारी अधिकारियों को डिजिटल मामलों को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकती है। खासतौर पर पुलिस अधिकारियों के लिए साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा जैसे मामलों की समझ महत्वपूर्ण होती जा रही है। iGOT Karmayogi पर उपलब्ध होंगे प्रशिक्षण iGOT Karmayogi सरकार का डिजिटल learning platform है, जहां सरकारी अधिकारियों को अलग-अलग विषयों पर online training उपलब्ध कराई जाती है। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों और जरूरत के अनुसार कई courses पूरे करने होते हैं। AI और Cyber Security से जुड़े courses के जरिए अधिकारियों को तकनीक के बुनियादी पहलुओं के साथ-साथ इसके व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी देने पर जोर है। इससे अधिकारी अपने विभागीय काम में डिजिटल टूल्स का ज्यादा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे। साइबर अपराध से निपटने में मिलेगी मदद देश में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड, डेटा चोरी और अन्य साइबर अपराधों के मामले लगातार चर्चा में रहते हैं। इन मामलों की जांच में तकनीकी समझ की जरूरत होती है। ऐसे में पुलिस अधिकारियों का लगातार upskilling करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। AI से जुड़े प्रशिक्षण से अधिकारियों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि नई तकनीक प्रशासन और पुलिसिंग में किस तरह उपयोगी हो सकती है। साथ ही इसके संभावित जोखिमों और जिम्मेदार इस्तेमाल को समझना भी प्रशिक्षण का हिस्सा है। अधिकारियों की लगातार Learning पर फोकस केंद्र सरकार सरकारी अधिकारियों में continuous learning की व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। iGOT के जरिए अधिकारी अपनी नौकरी के साथ-साथ अलग-अलग विषयों पर ऑनलाइन प्रशिक्षण ले सकते हैं। AI और Cyber Security को प्रशिक्षण में जगह मिलना इस बात का संकेत है कि सरकारी सेवाओं में तकनीकी क्षमता को पहले की तुलना में अधिक महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में डिजिटल तकनीक से जुड़े skills अधिकारियों के कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।