लखनऊ, 25 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में शाम करीब 4 बजे होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में प्रदेश के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था, रोजगार और विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और संभावित निर्णय लिए जा सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक के एजेंडे में 19 से अधिक प्रस्ताव शामिल किए जाने की संभावना है।
कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में अलग-अलग विभागों की ओर से तैयार किए गए प्रस्तावों को रखा जाएगा। इनमें विकास योजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों, प्रशासनिक फैसलों और अन्य नीतिगत मामलों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। हालांकि, बैठक शुरू होने और प्रस्तावों पर चर्चा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है।
सरकार की कैबिनेट बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई विभाग अपने स्तर पर तैयार किए गए प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति के लिए मंत्रिपरिषद के सामने रखते हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई शुरू करते हैं।
पुलिस भर्ती और रोजगार से जुड़े मुद्दे अहम
बैठक में पुलिस भर्ती और युवाओं से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं की लगातार नजर रहती है। ऐसे में यदि भर्ती से संबंधित कोई प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर होता है तो इसका सीधा असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है।
हालांकि, किसी प्रस्ताव की वास्तविक स्थिति बैठक में लिए गए फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए बैठक से पहले संभावित प्रस्तावों को अंतिम निर्णय मानना उचित नहीं होगा।
औद्योगिक विकास पर भी नजर
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ऐसे में कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। नए निवेश, उद्योगों को सुविधाएं देने और प्रदेश में कारोबारी माहौल बेहतर बनाने से संबंधित नीतिगत फैसले राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम माने जाते हैं।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करना भी है। यदि बैठक में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में इनके आधार पर नई योजनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।
बैठक के फैसलों पर रहेगी नजर
कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। आम लोगों, कर्मचारियों, युवाओं, कारोबारियों और विभिन्न विभागों से जुड़े लोगों की नजर बैठक के परिणामों पर रहेगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंगलवार 25 अगस्त 2026 को होने वाली बैठक में 19 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है। इनमें से कौन-कौन से प्रस्ताव स्वीकृत होते हैं और किन मामलों में सरकार क्या निर्णय लेती है, इसकी आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद ही सामने आएगी।
इसलिए वर्तमान समय में इस खबर को “योगी कैबिनेट की बैठक आज, 19 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना” के रूप में प्रकाशित करना अधिक सटीक रहेगा। बैठक के बाद जारी आधिकारिक फैसलों के आधार पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
लखनऊ, 25 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में शाम करीब 4 बजे होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में प्रदेश के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था, रोजगार और विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और संभावित निर्णय लिए जा सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक के एजेंडे में 19 से अधिक प्रस्ताव शामिल किए जाने की संभावना है। कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में अलग-अलग विभागों की ओर से तैयार किए गए प्रस्तावों को रखा जाएगा। इनमें विकास योजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों, प्रशासनिक फैसलों और अन्य नीतिगत मामलों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। हालांकि, बैठक शुरू होने और प्रस्तावों पर चर्चा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है। सरकार की कैबिनेट बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई विभाग अपने स्तर पर तैयार किए गए प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति के लिए मंत्रिपरिषद के सामने रखते हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई शुरू करते हैं। पुलिस भर्ती और रोजगार से जुड़े मुद्दे अहम बैठक में पुलिस भर्ती और युवाओं से जुड़े मामलों पर भी चर्चा होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं की लगातार नजर रहती है। ऐसे में यदि भर्ती से संबंधित कोई प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर होता है तो इसका सीधा असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। हालांकि, किसी प्रस्ताव की वास्तविक स्थिति बैठक में लिए गए फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए बैठक से पहले संभावित प्रस्तावों को अंतिम निर्णय मानना उचित नहीं होगा। औद्योगिक विकास पर भी नजर उत्तर प्रदेश सरकार लगातार राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ऐसे में कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। नए निवेश, उद्योगों को सुविधाएं देने और प्रदेश में कारोबारी माहौल बेहतर बनाने से संबंधित नीतिगत फैसले राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम माने जाते हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करना भी है। यदि बैठक में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में इनके आधार पर नई योजनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। बैठक के फैसलों पर रहेगी नजर कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। आम लोगों, कर्मचारियों, युवाओं, कारोबारियों और विभिन्न विभागों से जुड़े लोगों की नजर बैठक के परिणामों पर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंगलवार 25 अगस्त 2026 को होने वाली बैठक में 19 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है। इनमें से कौन-कौन से प्रस्ताव स्वीकृत होते हैं और किन मामलों में सरकार क्या निर्णय लेती है, इसकी आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद ही सामने आएगी। इसलिए वर्तमान समय में इस खबर को “योगी कैबिनेट की बैठक आज, 19 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना” के रूप में प्रकाशित करना अधिक सटीक रहेगा। बैठक के बाद जारी आधिकारिक फैसलों के आधार पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
भारत में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद केंद्र सरकार घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई अहम कदमों पर विचार कर रही है। इनमें सीमित मात्रा में ड्यूटी-फ्री चीनी आयात, बड़े व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा में बदलाव और चीनी मिलों की मासिक बिक्री सीमा को समायोजित करना शामिल है। Reuters की 18 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का उद्देश्य आगामी त्योहारी सीजन से पहले बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर नियंत्रण रखना है। अगस्त में तेजी से बढ़ीं चीनी की कीमतें महाराष्ट्र का कोल्हापुर देश के प्रमुख चीनी व्यापार केंद्रों में शामिल है। यहां अगस्त की शुरुआत से थोक चीनी की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमत लगभग 5,350 रुपये प्रति 100 किलोग्राम तक पहुंच गई, जो रिकॉर्ड स्तर बताया जा रहा है। इससे पहले 5 अगस्त को Reuters ने बताया था कि कोल्हापुर में चीनी की कीमत लगभग 4,716 रुपये प्रति 100 किलोग्राम तक पहुंची थी। उस समय पिछले एक महीने में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। त्योहारी सीजन में बढ़ती है मांग भारत में अगस्त से नवंबर के बीच चीनी की खपत सामान्य रूप से बढ़ जाती है। गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ती है। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़े। भारत दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। इसलिए यदि भारत कई वर्षों बाद बड़े स्तर पर आयात की ओर जाता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय चीनी बाजार और वैश्विक कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। सरकार किन विकल्पों पर कर रही विचार? सरकार के सामने केवल ड्यूटी-फ्री आयात का विकल्प नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार बड़े व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट को और सख्त करने, मौजूदा आयात शुल्क में कटौती करने और चीनी मिलों को घरेलू बाजार में ज्यादा चीनी बेचने की अनुमति देने जैसे उपाय भी विचाराधीन हैं। हालांकि फिलहाल ड्यूटी-फ्री चीनी आयात का कोई अंतिम सरकारी फैसला नहीं हुआ है। सरकार बाजार की स्थिति और घरेलू उपलब्धता का आकलन करने के बाद निर्णय ले सकती है। Ethanol उत्पादन पर भी पड़ सकता है असर सरकार चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए गन्ने से बनने वाले ethanol की मात्रा को सीमित करने पर भी विचार कर रही है। Reuters की 10 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा वर्ष में लगभग 30 लाख मीट्रिक टन चीनी के बराबर गन्ना ethanol उत्पादन में लगाया गया था। इसे कम करने से अगले सीजन में घरेलू बाजार के लिए अतिरिक्त चीनी उपलब्ध हो सकती है। कुल मिलाकर आने वाले त्योहारी महीनों में चीनी की कीमतें सरकार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बनी रह सकती हैं। यदि कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो सरकार आयात शुल्क में कटौती या सीमित ड्यूटी-फ्री आयात जैसे कदम उठा सकती है।
उत्तर प्रदेश में ₹100 करोड़ से अधिक के GST फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिस पर फर्जी कंपनियां बनाकर Input Tax Credit (ITC) का गलत तरीके से लाभ लेने का आरोप है। इस पूरे नेटवर्क के तार नेपाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है। बरेली से सामने आया बड़ा मामला यह मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आया है। जांच के दौरान अधिकारियों को कई ऐसी फर्मों और दस्तावेजों की जानकारी मिली, जिनके जरिए बड़े स्तर पर GST से जुड़ी गड़बड़ी किए जाने का संदेह है। आरोप है कि गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर बिल तैयार करता था और उन्हीं बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जाता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितनी कंपनियां जुड़ी थीं और कितने राज्यों में इसका असर फैला हुआ था। कैसे किया जाता था GST फ्रॉड GST सिस्टम में किसी कारोबारी को खरीद पर चुकाए गए टैक्स के बदले Input Tax Credit का लाभ मिलता है। लेकिन फर्जीवाड़े के मामलों में आरोपी बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के कागजों पर कारोबार दिखाकर टैक्स क्रेडिट का दावा करते हैं। इस मामले में भी आरोप है कि फर्जी कंपनियों, नकली बिलों और दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये का ITC बनाया गया। इस तरह सरकार को बड़े राजस्व नुकसान का खतरा पैदा हुआ। नेपाल से संचालन का आरोप जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि इस गिरोह का एक हिस्सा नेपाल से संचालित किया जा रहा था। इससे मामला और गंभीर हो गया है। अधिकारियों के सामने अब यह चुनौती भी है कि सीमा पार से जुड़े संपर्कों और लेनदेन की पूरी जानकारी जुटाई जाए। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर सकती हैं ताकि नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाया जा सके। पांच आरोपी गिरफ्तार, कई अन्य की तलाश मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों के नाम भी जांच में सामने आने की खबर है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी भी की जा सकती है। अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि गिरोह का मुख्य संचालक कौन था और फर्जी कंपनियां बनाने में किन लोगों की भूमिका रही। ₹100 करोड़ से ज्यादा के फर्जीवाड़े की आशंका प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पूरे नेटवर्क के जरिए ₹100 करोड़ से अधिक का GST फ्रॉड किए जाने का संदेह है। जांच आगे बढ़ने के बाद यह आंकड़ा और बदल सकता है। अधिकारियों को कई खातों और लेनदेन की जांच करनी पड़ सकती है। अगर फर्जी ITC का पूरा नेटवर्क सामने आता है, तो इसमें और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। GST फ्रॉड पर एजेंसियों की सख्ती पिछले कुछ वर्षों में फर्जी GST बिल और ITC से जुड़े मामलों पर केंद्र और राज्य स्तर की एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। डिजिटल सिस्टम के जरिए संदिग्ध लेनदेन, अचानक बढ़े कारोबार और फर्जी रजिस्ट्रेशन की पहचान करना आसान हुआ है। बरेली का यह मामला भी दिखाता है कि GST से जुड़ी धोखाधड़ी में अब फर्जी कंपनियों और डिजिटल नेटवर्क का इस्तेमाल बढ़ रहा है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।