भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विदेशी पालतू जानवरों को पालने का शौक तेजी से बढ़ा है। पहले जहां लोग केवल कुत्ते, बिल्ली या सामान्य पक्षियों को पालतू बनाते थे, वहीं अब विदेशी तोते, इगुआना, अजगर, कछुए, विदेशी मछलियां और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के जानवर भी लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। इस बढ़ती मांग ने विदेशी पालतू जानवरों के कारोबार को तेजी से विस्तार दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस व्यापार को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में कई गंभीर चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
रिपोर्ट में सामने आई कई महत्वपूर्ण बातें
हाल ही में जारी एक अध्ययन में बताया गया है कि विदेशी पालतू जानवरों का बाजार लगातार बढ़ रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और निजी विक्रेताओं के माध्यम से इन जानवरों की खरीद-बिक्री पहले की तुलना में अधिक आसान हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार कई मामलों में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी बनी रहती है। विशेषज्ञों ने सरकार से निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर प्रभाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी प्रजातियों का अनियंत्रित प्रसार स्थानीय वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकता है। यदि ऐसे जानवर प्राकृतिक वातावरण में पहुंच जाते हैं, तो वे स्थानीय प्रजातियों के भोजन, प्रजनन और आवास पर असर डाल सकते हैं। इससे पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जैव विविधता की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।
अवैध व्यापार पर लगाम लगाने की जरूरत
विदेशी पालतू जानवरों की बढ़ती मांग के साथ अवैध तस्करी की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। कई दुर्लभ प्रजातियों को बिना वैध अनुमति के देश में लाया जाता है या ऑनलाइन बेचा जाता है। इससे वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन होता है और कई बार जानवरों के साथ अमानवीय व्यवहार भी सामने आता है। विशेषज्ञों ने सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।
स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ विदेशी जानवर ऐसे संक्रमण और वायरस के वाहक हो सकते हैं जो मनुष्यों तक फैल सकते हैं। यदि इन जानवरों की नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं की जाए, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए रिपोर्ट में आयात के समय स्वास्थ्य परीक्षण और पंजीकरण प्रक्रिया को और सख्त बनाने की सलाह दी गई है।
जिम्मेदार पालतू पालन की अपील
रिपोर्ट में लोगों से अपील की गई है कि केवल आकर्षण या फैशन के कारण विदेशी जानवर न खरीदें। किसी भी विदेशी प्रजाति को पालने से पहले उसके कानूनी नियम, देखभाल, भोजन और रहने की आवश्यकताओं की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। साथ ही अधिकृत और कानूनी स्रोतों से ही ऐसे जानवर खरीदने की सलाह दी गई है।
विदेशी पालतू जानवरों का बढ़ता कारोबार आर्थिक दृष्टि से भले ही एक उभरता हुआ क्षेत्र हो, लेकिन इसके साथ पर्यावरण, जैव विविधता और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कानून, प्रभावी निगरानी, जन-जागरूकता और जिम्मेदार पालतू पालन की संस्कृति अपनाकर ही इस क्षेत्र को सुरक्षित और संतुलित बनाया जा सकता है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विदेशी पालतू जानवरों को पालने का शौक तेजी से बढ़ा है। पहले जहां लोग केवल कुत्ते, बिल्ली या सामान्य पक्षियों को पालतू बनाते थे, वहीं अब विदेशी तोते, इगुआना, अजगर, कछुए, विदेशी मछलियां और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के जानवर भी लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। इस बढ़ती मांग ने विदेशी पालतू जानवरों के कारोबार को तेजी से विस्तार दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस व्यापार को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में कई गंभीर चुनौतियां सामने आ सकती हैं। रिपोर्ट में सामने आई कई महत्वपूर्ण बातें हाल ही में जारी एक अध्ययन में बताया गया है कि विदेशी पालतू जानवरों का बाजार लगातार बढ़ रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और निजी विक्रेताओं के माध्यम से इन जानवरों की खरीद-बिक्री पहले की तुलना में अधिक आसान हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार कई मामलों में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी बनी रहती है। विशेषज्ञों ने सरकार से निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर प्रभाव रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी प्रजातियों का अनियंत्रित प्रसार स्थानीय वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकता है। यदि ऐसे जानवर प्राकृतिक वातावरण में पहुंच जाते हैं, तो वे स्थानीय प्रजातियों के भोजन, प्रजनन और आवास पर असर डाल सकते हैं। इससे पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जैव विविधता की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। अवैध व्यापार पर लगाम लगाने की जरूरत विदेशी पालतू जानवरों की बढ़ती मांग के साथ अवैध तस्करी की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। कई दुर्लभ प्रजातियों को बिना वैध अनुमति के देश में लाया जाता है या ऑनलाइन बेचा जाता है। इससे वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन होता है और कई बार जानवरों के साथ अमानवीय व्यवहार भी सामने आता है। विशेषज्ञों ने सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं विशेषज्ञों के अनुसार कुछ विदेशी जानवर ऐसे संक्रमण और वायरस के वाहक हो सकते हैं जो मनुष्यों तक फैल सकते हैं। यदि इन जानवरों की नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं की जाए, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए रिपोर्ट में आयात के समय स्वास्थ्य परीक्षण और पंजीकरण प्रक्रिया को और सख्त बनाने की सलाह दी गई है। जिम्मेदार पालतू पालन की अपील रिपोर्ट में लोगों से अपील की गई है कि केवल आकर्षण या फैशन के कारण विदेशी जानवर न खरीदें। किसी भी विदेशी प्रजाति को पालने से पहले उसके कानूनी नियम, देखभाल, भोजन और रहने की आवश्यकताओं की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। साथ ही अधिकृत और कानूनी स्रोतों से ही ऐसे जानवर खरीदने की सलाह दी गई है। विदेशी पालतू जानवरों का बढ़ता कारोबार आर्थिक दृष्टि से भले ही एक उभरता हुआ क्षेत्र हो, लेकिन इसके साथ पर्यावरण, जैव विविधता और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कानून, प्रभावी निगरानी, जन-जागरूकता और जिम्मेदार पालतू पालन की संस्कृति अपनाकर ही इस क्षेत्र को सुरक्षित और संतुलित बनाया जा सकता है।
Lucknow Desk: हाल ही में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खुदरा बिक्री के नियमों में सख्ती की है। नए नियमों के तहत बड़े औद्योगिक, वाणिज्यिक (Commercial) और संस्थागत (Institutional) खरीदार अब सामान्य पेट्रोल पंपों से मनमाने ढंग से डीजल नहीं खरीद सकेंगे। मुख्य नियम: एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल की खुदरा खरीद पर सीमा (कैप) लागू की गई है। पेट्रोल और डीजल की बिक्री केवल वाहन के फ्यूल टैंक या अधिकृत/स्वीकृत कंटेनरों में ही की जा सकेगी। इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति के लिए अलग व्यवस्था अपनानी होगी; वे सामान्य रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) से बड़े पैमाने पर खरीद नहीं कर पाएंगे। सरकार के अनुसार इस कदम का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना, आपूर्ति पर दबाव कम करना और संभावित कमी या असमान वितरण को रोकना है। आम वाहन मालिकों पर क्या असर होगा? यदि आप अपनी कार, बाइक, ट्रैक्टर या अन्य वाहन में सामान्य रूप से पेट्रोल या डीजल भरवाते हैं, तो आपको किसी विशेष परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह नियम मुख्य रूप से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वाले संस्थागत और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को प्रभावित करता है।