राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को कानूनी सुरक्षा देने के उद्देश्य से राज्यसभा में एक नया संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया गया है। ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026’ नाम का यह प्रस्ताव 24 जुलाई 2026 को राज्यसभा में पेश हुआ। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या उसमें व्यवधान उत्पन्न करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता तैयार करना है।
यह विधेयक अभी संसदीय प्रक्रिया के शुरुआती चरण में है। इसे फिलहाल पारित कानून नहीं कहा जा सकता। लागू होने से पहले इसे संसद की आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करनी होंगी।
1971 के कानून में बदलाव का प्रस्ताव
भारत में राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ लागू है। इस कानून में राष्ट्रीय ध्वज, भारत के संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से संबंधित अपराधों और दंड का उल्लेख किया गया है।
नए संशोधन विधेयक में कानून के दायरे को बढ़ाकर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी शामिल करने की बात कही गई है। प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रगान के गायन में बाधा डालने से जुड़े मौजूदा प्रावधान को राष्ट्रीय गीत के लिए भी लागू किया जा सकता है।
किस तरह का व्यवहार अपराध माना जाएगा?
प्रस्तावित बदलाव मुख्य रूप से दो प्रकार के कार्यों से संबंधित है। पहला, किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का गायन रोकना। दूसरा, राष्ट्रीय गीत गा रहे लोगों की सभा में इरादतन व्यवधान उत्पन्न करना।
सिर्फ किसी कार्यक्रम में उपस्थित न होना या सामान्य असहमति व्यक्त करना अपने आप इस प्रावधान के अंतर्गत अपराध नहीं बताया गया है। कानूनी कार्रवाई के लिए यह देखना आवश्यक होगा कि संबंधित व्यक्ति ने जानबूझकर गायन रोका या सभा में बाधा पहुंचाई थी।
किसी घटना में अपराध बना है या नहीं, इसका निर्णय शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
अधिकतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान
विधेयक में राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या उसमें बाधा डालने पर अधिकतम तीन वर्ष तक कारावास का प्रस्ताव है। दोषी व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जा सकता है या अदालत जेल और जुर्माना दोनों की सजा सुना सकती है।
बार-बार अपराध करने वालों के लिए अधिक कठोर व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। दूसरी या उसके बाद की दोषसिद्धि पर कम से कम एक वर्ष के कारावास का प्रावधान हो सकता है।
ये प्रावधान राष्ट्रगान से संबंधित मौजूदा दंड व्यवस्था के आधार पर राष्ट्रीय गीत तक कानूनी सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से शामिल किए गए हैं।
विधेयक लाने के पीछे क्या कारण बताया गया?
विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि ‘वंदे मातरम्’ ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद वर्तमान कानून में राष्ट्रीय गीत के गायन को जानबूझकर रोकने या सभा में बाधा डालने से संबंधित अलग प्रावधान नहीं है।
इसी कानूनी कमी को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव सामने लाया गया है। इसके समर्थकों का मानना है कि राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान के समान उचित सम्मान और कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है ‘वंदे मातरम्’
‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। यह रचना उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा बनी और बाद में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता की पहचान बन गई।
आजादी की लड़ाई में आंदोलनकारियों ने इसका प्रयोग प्रेरणा और विरोध के स्वर के रूप में किया। स्वतंत्र भारत में इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है, जबकि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान है।
अभी लागू नहीं हुए प्रस्तावित नियम
विधेयक का राज्यसभा में पेश होना और कानून बन जाना दो अलग स्थितियां हैं। वर्तमान आधिकारिक रिकॉर्ड में इसकी स्थिति केवल प्रस्तुत किए गए विधेयक की है। इसलिए अभी इसके प्रस्तावित दंड को लागू नियम नहीं माना जाएगा।
संसदीय प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही इसके प्रावधान प्रभावी हो सकते हैं। ऐसे में खबर प्रकाशित करते समय इसे “राज्यसभा में पेश विधेयक” लिखना सही होगा। “संसद से पारित” या “नया कानून लागू” जैसे शब्दों का प्रयोग फिलहाल नहीं किया जाना चाहिए।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आज यानी 15 सितंबर 2026 को राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के दिनभर के कार्यक्रमों के बाद शाम में कैबिनेट बैठक होने की जानकारी सामने आई है। कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हो सकती है चर्चा कैबिनेट बैठक में राज्य के प्रशासन, विकास और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी, इसकी आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद ही सामने आएगी। बाढ़ राहत पर भी नजर बिहार के कई जिले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं। बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की वजह से परेशान हैं। ऐसे में सरकार के सामने राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से चलाना एक बड़ी चुनौती है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद राज्य सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता भी जारी की गई है। करीब 8.27 लाख प्रभावित परिवारों के खातों में 579.23 करोड़ रुपये की राहत राशि भेजी गई है। पात्र परिवारों को 7 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। राहत और बचाव व्यवस्था की समीक्षा संभव कैबिनेट बैठक के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर भी सरकार का ध्यान रह सकता है। प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा महत्वपूर्ण हो सकती है। विकास योजनाओं पर भी चर्चा की उम्मीद बाढ़ के अलावा राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज से जुड़े मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। सरकार की ओर से नए प्रस्तावों और योजनाओं को लेकर भी फैसले लिए जाने की संभावना है। आधिकारिक फैसलों का इंतजार फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक में कौन-कौन से प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलेगी। इसलिए बैठक से पहले सामने आ रही संभावनाओं को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। शाम की बैठक पर सबकी नजर अब सबकी नजर आज शाम होने वाली कैबिनेट बैठक पर है। बैठक खत्म होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों और मंजूर प्रस्तावों की आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शनिवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जारी आदेश को लागू कराने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के पास पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। आरक्षण की विसंगति दूर करने की मांग प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण व्यवस्था को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अभ्यर्थियों के अनुसार, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जैसे वर्गों से संबंधित आरक्षण और छूट के नियमों को सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को लागू करते हुए भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जाएं और पात्र अभ्यर्थियों को उनका अधिकार दिया जाए। आठ साल से जारी है मामला अभ्यर्थियों का कहना है कि 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला लंबे समय से लंबित है। उनका आरोप है कि आरक्षण से जुड़ी समस्याओं के कारण कई अभ्यर्थियों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब संबंधित आयोग की ओर से मामले में आदेश दिया जा चुका है, तो उसके अनुपालन में देरी नहीं होनी चाहिए। वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकाले। मंत्रियों से भी हो चुकी है वार्ता इस मामले को लेकर 10 सितंबर को उच्चस्तरीय बैठक भी हुई थी। बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, विभागीय अधिकारी और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। अभ्यर्थियों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और मामले पर आगे निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि आयोग के आदेश पर ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर आरक्षण संबंधी विवाद का समाधान करने और भर्ती प्रक्रिया में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल 68,500 शिक्षक भर्ती का यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। UP Home Guard भर्ती प्रक्रिया के तहत होने वाला Physical Efficiency Test यानी PET अब 14 सितंबर 2026 से शुरू होगा। परीक्षा की तारीख में बदलाव के बाद अभ्यर्थियों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार तैयारी करने को कहा गया है। 14 सितंबर से शुरू होगा PET होमगार्ड भर्ती के लिए फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना था, लेकिन बाद में इसकी तारीख में बदलाव किया गया। अब PET की शुरुआत 14 सितंबर 2026 से होगी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित केंद्र और समय की जानकारी एडमिट कार्ड के माध्यम से मिलेगी। संशोधित एडमिट कार्ड महत्वपूर्ण PET की तारीख बदलने के बाद अभ्यर्थियों के लिए संशोधित एडमिट कार्ड महत्वपूर्ण हो गया है। संशोधित एडमिट कार्ड 10 सितंबर 2026 से जारी किए जाने हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना एडमिट कार्ड समय पर डाउनलोड करें और उसमें दी गई सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र, तारीख, रिपोर्टिंग टाइम और जरूरी निर्देश जैसी जानकारी दी जा सकती है। परीक्षा केंद्र पर जाते समय अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के साथ आवश्यक पहचान पत्र भी रखना चाहिए। अभ्यर्थियों को तैयारी तेज करनी होगी PET में शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले अपनी तैयारी पर विशेष ध्यान देना होगा। दौड़ और अन्य निर्धारित शारीरिक गतिविधियों के लिए नियमित अभ्यास करना उपयोगी रहेगा। अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के साथ आराम और पर्याप्त नींद का भी ध्यान रखना चाहिए। परीक्षा से ठीक पहले अत्यधिक मेहनत करने के बजाय नियमित और संतुलित अभ्यास करना बेहतर रहेगा। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें PET के दिन अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना चाहिए। एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम और निर्देशों को पहले से पढ़ लेना जरूरी है। किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का रास्ता भी पहले से देख लेना बेहतर होगा। आधिकारिक अपडेट पर रखें नजर होमगार्ड भर्ती से जुड़ी तारीखों और निर्देशों में बदलाव संभव होने के कारण अभ्यर्थियों को भर्ती से संबंधित आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखनी चाहिए। किसी भी अपडेट के लिए केवल विश्वसनीय और आधिकारिक सूचना को ही आधार बनाना चाहिए। UP Home Guard भर्ती का PET अब 14 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। संशोधित एडमिट कार्ड 10 सितंबर से जारी होने की जानकारी है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड समय पर प्राप्त करके परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान देना चाहिए।