Lucknow Desk: देशभर में एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। अगर आप घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो 30 जून से पहले कुछ जरूरी काम पूरे करना बेहद जरूरी है। तय समय सीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी और सब्सिडी दोनों प्रभावित हो सकती हैं। तेल कंपनियों की ओर से समय-समय पर ग्राहकों की जानकारी अपडेट करने और KYC प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए जाते हैं, ताकि फर्जी कनेक्शन पर रोक लगाई जा सके और सही लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंच सके।
ई-केवाईसी कराना हुआ जरूरी
सरकारी तेल कंपनियां अब एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पर जोर दे रही हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की केवाईसी अपडेट नहीं कराई है, उन्हें जल्द यह काम पूरा करना होगा। ई-केवाईसी के जरिए उपभोक्ता की पहचान सत्यापित की जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि सब्सिडी सही व्यक्ति के खाते में जा रही है।
अगर समय पर ई-केवाईसी नहीं कराई गई, तो गैस सिलेंडर बुकिंग में परेशानी आ सकती है। कई मामलों में सब्सिडी रोकने या कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।
किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उपभोक्ताओं को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, गैस कनेक्शन नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी शामिल है। जिन उपभोक्ताओं का आधार नंबर गैस कनेक्शन और बैंक खाते से लिंक नहीं है, उन्हें यह काम भी जल्द पूरा करना चाहिए।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से केवाईसी अपडेट की सुविधा दी जा रही है। ग्राहक अपने गैस एजेंसी कार्यालय जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं या संबंधित गैस कंपनी के ऐप और वेबसाइट के जरिए भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
सब्सिडी पाने के लिए बैंक लिंक जरूरी
एलपीजी सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। ऐसे में बैंक खाते का आधार से लिंक होना बेहद जरूरी है। अगर बैंक डिटेल गलत है या अपडेट नहीं है, तो सब्सिडी अटक सकती है। कई बार उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं होती कि उनका बैंक खाता निष्क्रिय हो चुका है या आधार सीडिंग पूरी नहीं हुई है, जिससे भुगतान में दिक्कत आती है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी बैंक और गैस कनेक्शन से जुड़ी जानकारी एक बार जरूर जांच लें। इससे भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
कैसे चेक करें KYC स्टेटस
ग्राहक अपनी गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर KYC स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर भी जानकारी ली जा सकती है। अगर कोई दस्तावेज अधूरा है, तो उसे तुरंत अपडेट करा लेना चाहिए।
समय रहते पूरा करें जरूरी काम
30 जून की अंतिम तारीख नजदीक है। ऐसे में एलपीजी उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और बैंक डिटेल अपडेट जैसे जरूरी काम पूरे कर लें। इससे गैस सिलेंडर की सप्लाई और सब्सिडी बिना किसी रुकावट के मिलती रहेगी।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद मंदिर प्रशासन और संबंधित कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। पूरे मामले की गहराई से जांच पुलिस और जांच एजेंसियां अब कर रही हैं। SIT जांच में सामने आईं अनियमितताएं एसआईटी ने अपनी जांच में चढ़ावे की रकम के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई है। आरोप है कि मंदिर में आने वाले नकद दान और अन्य चढ़ावे के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की गई। जांच के दौरान कई दस्तावेज और लेनदेन संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसियों के अनुसार, मंदिर परिसर में दान पेटियों की निगरानी, नकदी गिनती और रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया में कई खामियां मिली हैं। इसी आधार पर आरोपियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा और अनुभव मिश्रा समेत कुल 8 आरोपी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में इन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मामले में दर्ज एफआईआर के बाद अब आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जांच टीम बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा था। कई दिनों तक चली SIT की पड़ताल सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने कई दिनों तक अयोध्या में रहकर जांच की। टीम ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कर्मचारियों की ड्यूटी सूची की भी जांच की। इसके अलावा कई कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ भी की गई। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान दान पेटियों से जुड़े रिकॉर्ड और नकदी प्रबंधन की प्रक्रिया का विशेष ऑडिट कराया गया। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कई बिंदुओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक माहौल भी गरमाया राम मंदिर से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्ष ने चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने भी कहा है कि जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आगे और हो सकती है कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे और लोगों के खिलाफ कार्रवाई संभव मानी जा रही है। कुछ संदिग्ध कर्मचारियों की गतिविधियों पर अलग से नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए चढ़ावे में किसी भी तरह की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Lucknow Desk: राजधानी Lucknow के कपूरथला इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बहुमंजिला कोचिंग सेंटर में अचानक आग लग गई। घटना दोपहर के समय हुई, जब विभिन्न कमरों में छात्रों की क्लास चल रही थी। अचानक भवन के भीतर से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग ने तेज रूप ले लिया। आग और धुएं को देखकर छात्र-छात्राओं में भगदड़ मच गई। कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए सीढ़ियों की ओर भागे, जबकि कुछ छात्र ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही कोचिंग सेंटर में चीख-पुकार शुरू हो गई। कई छात्र घबराहट में सीढ़ियों की ओर भागे, लेकिन धुएं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और खिड़कियों व सीढ़ियों की मदद से छात्रों को बाहर निकाला। कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कई बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। दमकल विभाग ने शुरू किया राहत अभियान सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग तेजी से फैल रही थी, जिससे राहत कार्य में मुश्किलें आ रही थीं। संकरी सड़क और भीड़भाड़ के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में भी परेशानी हुई। फायर अधिकारियों के मुताबिक, टीम ने सबसे पहले भवन में फंसे छात्रों को बाहर निकालने पर ध्यान दिया। कई दमकलकर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर और सुरक्षा उपकरणों के साथ भवन के अंदर पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। शॉर्ट सर्किट की आशंका प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि भवन में बिजली के तारों में स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग फैल गई। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि आग लगने की सही वजह सामने आ सके। सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल घटना के बाद कोचिंग सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन में पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं थे। कई अभिभावकों ने कहा कि कोचिंग सेंटरों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी कोचिंग संस्थानों का फायर ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि अधिकतर संस्थान छोटे और तंग भवनों में चल रहे हैं, जहां आपातकालीन निकास तक की व्यवस्था ठीक नहीं होती। प्रशासन ने दिए जांच के आदेश घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहर में दहशत का माहौल इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती कोचिंग संस्कृति के बीच सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी हो गया है। अगर समय रहते सुरक्षा इंतजामों को मजबूत नहीं किया गया, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं और भी गंभीर रूप ले सकती हैं।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। राजभर के बयान के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। क्या है ओम प्रकाश राजभर का दावा? ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। राजभर ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है, जिसमें भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि, राजभर के इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है और न ही समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी किया जिक्र समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कुछ नेताओं की बेचैनी बढ़ती जा रही है। राजभर ने कहा कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट मामले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। उनके मुताबिक, जांच एजेंसियों का शिकंजा कसने के कारण समाजवादी पार्टी के नेताओं में घबराहट दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर भी दोहराया दावा ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पोस्ट करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है और जल्द ही प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीति को छोड़ दीजिए, अब पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में आने की तैयारी कर रही है। बंगाल और महाराष्ट्र की घटनाओं का दिया उदाहरण अपने दावे को मजबूत करने के लिए राजभर ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी के भीतर जिस तरह राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली, उसी तरह की स्थिति समाजवादी पार्टी में भी बन सकती है। राजभर का मानना है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सपा की प्रतिक्रिया का इंतजार राजभर के आरोपों और दावों के बाद अब सभी की नजर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा नेतृत्व इन दावों का किस तरह जवाब देता है। 2027 चुनाव से पहले बढ़ सकती है राजनीतिक सरगर्मी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को गर्म करना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। फिलहाल राजभर के दावे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की नजर आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।