Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। राजभर के बयान के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
क्या है ओम प्रकाश राजभर का दावा?
ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। राजभर ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है, जिसमें भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नेताओं के नाम शामिल हैं।
हालांकि, राजभर के इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है और न ही समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी किया जिक्र
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कुछ नेताओं की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
राजभर ने कहा कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट मामले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। उनके मुताबिक, जांच एजेंसियों का शिकंजा कसने के कारण समाजवादी पार्टी के नेताओं में घबराहट दिखाई दे रही है।
सोशल मीडिया पर भी दोहराया दावा
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पोस्ट करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है और जल्द ही प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीति को छोड़ दीजिए, अब पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में आने की तैयारी कर रही है।
बंगाल और महाराष्ट्र की घटनाओं का दिया उदाहरण
अपने दावे को मजबूत करने के लिए राजभर ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी के भीतर जिस तरह राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली, उसी तरह की स्थिति समाजवादी पार्टी में भी बन सकती है।
राजभर का मानना है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
राजभर के आरोपों और दावों के बाद अब सभी की नजर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा नेतृत्व इन दावों का किस तरह जवाब देता है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ सकती है राजनीतिक सरगर्मी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को गर्म करना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। फिलहाल राजभर के दावे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की नजर आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। राजभर के बयान के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। क्या है ओम प्रकाश राजभर का दावा? ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। राजभर ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है, जिसमें भाजपा में शामिल होने के इच्छुक नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि, राजभर के इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है और न ही समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी किया जिक्र समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कुछ नेताओं की बेचैनी बढ़ती जा रही है। राजभर ने कहा कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट मामले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। उनके मुताबिक, जांच एजेंसियों का शिकंजा कसने के कारण समाजवादी पार्टी के नेताओं में घबराहट दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर भी दोहराया दावा ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पोस्ट करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है और जल्द ही प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीति को छोड़ दीजिए, अब पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में आने की तैयारी कर रही है। बंगाल और महाराष्ट्र की घटनाओं का दिया उदाहरण अपने दावे को मजबूत करने के लिए राजभर ने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी के भीतर जिस तरह राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली, उसी तरह की स्थिति समाजवादी पार्टी में भी बन सकती है। राजभर का मानना है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सपा की प्रतिक्रिया का इंतजार राजभर के आरोपों और दावों के बाद अब सभी की नजर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा नेतृत्व इन दावों का किस तरह जवाब देता है। 2027 चुनाव से पहले बढ़ सकती है राजनीतिक सरगर्मी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को गर्म करना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। फिलहाल राजभर के दावे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की नजर आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।
Lucknow Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 हारने के बाद से ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। TMC के विधायक-सांसद ममता का साथ छोड़ रहे हैं और पार्टी में लगातार इस्तीफा जारी है। इसी बीच खबरें वायरल हो रही है कि ममता की सबसे खास और पार्टी की फायरब्रांड नेता सायोनी घोष भी पार्टी से दूरी बना चुकी हैं। फिलहाल, अभी उन्होंने इसकी आधिकारी जानकारी नहीं दी है। लेकिन राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया पर खबरें वायरल हो रही है। इसी बीच इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असादुदीन ओवैसी ने TMC के अंदर जारी उथल-पुथल पर बयान दिया है। ओवैसी ने TMC के बागी नेताओं को निशाने पर लिया और कहा कि कल तक जो लोग कह रहे थे कि एक आंख में काबा और दूसरी में मदीना और जो लोग कह रहे थे कि हम बंगाल को काबा की ज़मीन नहीं बनाएंगे, वे सब दो जगह बैठकर चाय पी रहे हैं। जो लोग हमें गाली देते थे, अब तुम हमें क्या गाली दोगे? तुम मुझे गाली दो। मुझे पक्का यकीन है कि तुम्हें हैजे की बीमारी है। मुझे गाली दो। यह कहो। असदुदीन ओवैसी ने आगे कहा कि अब इस पर क्या कहोगे भाई? एक हफ्ते का भी समय नहीं बीता कि सारे कबूतर उड़ गए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गाली देना चाहते हैं तो देते रहें, लेकिन अब उन्हें अपने राजनीतिक हालात का जवाब भी देना चाहिए। इस दौरान ओवैसी ने ममता पर निशाना शाधते हे कहा कि एक समय जो लोग बहुत मजबूत होने का दावा कर रहे थे, आज उनके साथ खड़े लोग एक-एक करके अलग होते जा रहे हैं। ओवैसी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए ने कहा कि उनकी हार की सबसे बड़ी वजह भ्रष्टाचार रही। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार ने जमीन से जुड़े मुद्दों पर लोगों के साथ न्याय नहीं किया। जिसके वजह से जनता का भरोसा कम हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अन्य कारण भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने SIR का जिक्र करते हुए कहा कि माना कि SIR एक फैक्टर हो सकता है, लेकिन केवल उसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। यानी कई कारणों की वजह से TMC की वर्तमान स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने मुसलमानों को अनेदखा किया। गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद से TMC लगातार बिखरती जा रही है। TMC प्रमुख ममता बनर्जी के खास लोग भी उनका साथ छोड़ रहे हैं, जिसमें सबसे ज्य़ादा चर्चा सायोनी घोष का है। सायोनी घोष का नाम इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार में ऐसे कई बयान दिए थे, जिसकी चर्चा जोरों पर थी। वहीं अब TMC छोड़ने के बाद भी उनकी चर्चा तेज है। वहीं राजनीतिक दल भी सयानी घोष के पार्टी छोड़ने पर तरह-तरह के बयान दे रहे हैं।
Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती का मुद्दा अब सियासी रंग पकड़ता जा रहा है। एक तरफ प्रदेश के कई जिलों में लोग घंटों बिजली न मिलने से परेशान हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे लेकर योगी सरकार पर लगातार हमलावर है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिजली संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अनोखे अंदाज में सरकार को घेरा। उन्होंने बिजली कटौती को लेकर एक व्यंग्यात्मक गीत साझा किया और दावा किया कि प्रदेश की जनता भीषण गर्मी में परेशान है। अखिलेश यादव ने लिखा- 'भाजपा राज में ‘गर्मी की छुट्टी’ गीत! न बिजली जले, न पंखा चले गर्मी में जनता दिन-रात जले पानी के नाम पर पसीना बहे यूपी की जनता अब किस से कहे न बिजली जले, न पंखा चले गर्मी में जनता दिन-रात जले बातों से सपना सबको दिखे लेकिन हक़ीक़त में दुख ही मिले न बिजली जले, न पंखा चले गर्मी में जनता दिन-रात जले सब-टेसन पर पीएसी पहरा करे जनता के सवालों से नेता डरे चिट्ठी लिख-लिख अपनी बातें कहे यूपी की जनता अब किस से कहे न बिजली जले, न पंखा चले गर्मी में जनता दिन-रात जले' दरअसल, उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कई जिलों से बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। नोएडा, कानपुर, पीलीभीत समेत कई शहरों और कस्बों में लोग लंबे समय तक बिजली न मिलने से परेशान हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया है और जल्द समाधान की मांग की है। पीलीभीत जिले की बात करें तो यहां कुछ क्षेत्रों में 15-15 घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। लगातार हो रही कटौती के कारण लोगों को रातें जागकर बितानी पड़ रही हैं। गर्मी और उमस के बीच छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच योगी सरकार के मंत्री संजय गंगवार का एक वीडियो भी चर्चा में है। वीडियो में मंत्री यह कहते नजर आ रहे हैं कि पिछले नौ वर्षों में उन्होंने ऐसी बिजली कटौती कभी नहीं देखी। उनके इस बयान को विपक्ष सरकार की विफलता के रूप में पेश कर रहा है और सवाल उठा रहा है कि जब सरकार के मंत्री ही स्थिति को गंभीर बता रहे हैं तो आम जनता की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जहां कहीं भी तकनीकी खामियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और शिकायतों का तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट का समाधान कितनी जल्दी निकलता है। फिलहाल प्रदेश की जनता राहत की उम्मीद लगाए बैठी है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को लगातार घेरने में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और ज्यादा गर्मा सकता है।