Lucknow Desk: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘रानी’ नाम की एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। रानी मूल रूप से गुजरात की रहने वाली हैं, लेकिन फिलहाल इजरायल में रह रही हैं। वह अपने वीडियो के जरिए वहां के हालातों को दुनिया तक पहुंचा रही हैं, खासकर युद्ध जैसे माहौल को बेहद करीब से दिखा रही हैं।
रानी के वीडियो सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं हैं, बल्कि वे जमीनी हकीकत को सामने लाते हैं। एक वायरल रील में देखा जा सकता है कि रानी जैसे ही खाना खाने बैठती हैं, तभी अचानक मिसाइल हमले का सायरन बजने लगता है।
सायरन बजते ही बंकर की ओर दौड़
सायरन की आवाज सुनते ही रानी घबरा जाती हैं और बिना खाना खाए तुरंत अंडरग्राउंड बंकर की तरफ भागती हैं। यह दृश्य इतना डरावना है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
धमाकों से कांप उठीं दीवारें
एक अन्य वीडियो में धमाका इतना तेज होता है कि बंकर की दीवारें तक हिलने लगती हैं। बाद में पता चलता है कि मिसाइल का मलबा उनके घर के बेहद करीब गिरा था। इन वीडियो से साफ जाहिर होता है कि वहां रहना कितना जोखिम भरा हो चुका है।
डर के बीच जीना सीख चुके लोग
रानी अपने अनुभवों के जरिए बताती हैं कि वहां के लोग अब इन हालातों के आदी हो चुके हैं। लगातार सायरन और धमाकों के बीच उन्होंने अपनी जिंदगी को ढाल लिया है।
छुट्टियां भी डर के साए में
जहां दुनिया के कई हिस्सों में लोग छुट्टियों का आनंद लेते हैं, वहीं रानी बताती हैं कि उनके लिए छुट्टियां भी डर के माहौल में गुजरती हैं। एक वीडियो में वह कहती हैं कि छुट्टी के दिन की शुरुआत भी मिसाइल हमलों के साथ होती है।
रानी की ये रील्स न सिर्फ जानकारी देती हैं, बल्कि लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि युद्ध का असर आम लोगों की जिंदगी पर कितना गहरा और भयावह होता है।
Lucknow Desk: बिहार के मोकामा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान हमला किया गया। इस घटना में जानी-मानी हस्ती दुलारचंद यादव की हत्या हो गई है और आरोप लगाया गया है कि इस घटना में पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थकों की भूमिका है। यह घटना आगामी विधानसभा चुनाव के बीच हुई है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अनंत सिंह समेत 5 नामजद मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या मामले में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर ली गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के दिए गए बयान पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यानी दुलारचंद यादव के परिजनों और जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने सीधे तौर पर JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। अनंत सिंह ने आरोपों को किया खारिज वहीं इस बयान पर JDU उम्मीदवार अनंत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके काफिले पर विरोधियों ने हमला किया और यह सारा खेल सूरजभान सिंह करवा रहे हैं। कौन थे दुलारचंद यादव ? मोकामा के रहने वाले दुलारचंद यादव को ‘टाल का बादशाह’ कहा जाता था। दुलारचंद पहलवानी के साथ-साथ गाना गाने के भी शौकीन थे। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए एक गाना भी रिकॉर्ड करवाया था। माना जा रहा है कि मोकामा की चुनावी जंग अब व्यक्तिगत रंजिश और हिंसक टकराव की तरफ मुड़ गई है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर दादा होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। दरअसल, उनके नाती अगस्त्य नंदा की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। ट्रेलर देखकर बिग बी इतने इमोशनल हो गए कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया। अमिताभ ने अपने पोस्ट में लिखा, “ये तो बस शुरुआत है... गर्व है तुम्हारे इस सफर पर, मेरे बच्चे।” उनकी इस पोस्ट पर फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जमकर प्यार लुटाया। ‘इक्कीस’ मेगास्टार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी है और इसमें अगस्त्य नंदा एक अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जो देश के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे। फिल्म के ट्रेलर में अगस्त्य का जोश और समर्पण देखकर फैन्स कह रहे हैं—“दादा की तरह नाती भी लाजवाब!” तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या अगस्त्य अपनी पहली ही फिल्म से दादा अमिताभ की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगे।
Lucknow Desk: कैसरगंज के बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हेलीकॉप्टर को धान के खेत में अचानक उतारना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारा, जहां हेलीकॉप्टर देखने के लिए ग्रामीण भी जुट गए। मिली जानकारी के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी दिक्कत आने लगी। स्थिति को समझते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया और नज़दीकी धान के खेत में हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हेलीकॉप्टर की जांच के लिए टेक्निकल टीम बुलाई गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बृजभूषण शरण सिंह और हेलीकॉप्टर में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। जांच के बाद ही तकनीकी खराबी की असली वजह पता चल पाएगी। इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संदेश दिया। उन्होंने कहा, आज मेरा बिहार प्रदेश के अंदर संदेश व दिनारा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा का कार्यक्रम था। संदेश विधानसभा का कार्यक्रम करके मैं दिनारा विधानसभा के लिए हेलीकाप्टर से निकला था। अचानक मौसम खराब होने के कारण हेलीकाप्टर की सुरक्षित लैंडिंग एक खेत में करानी पड़ी। पायलट ने बड़ी सूझबूझ से लैंडिंग कराई। मैं, इस समय गाड़ी से पटना जा रहा हूं। किसी अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। हम सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। हेलीकाप्टर की सुरक्षा का प्रबंध कर दिया गया है। प्रशासन व जनता का बहुत सहयोग रहा...धन्यवाद
Lucknow Desk: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बुधवार को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुखोई-3 MKI लड़ाकू विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है। बता दें, भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं की कमांडर होता है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर मौजूद हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं, जहां वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, राष्ट्रपति का यह उड़ान न केवल साहसिक नेतृत्व शैली का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को वैश्विक पटल पर मजबूती से प्रदर्शित करना भी है। फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति मुर्मू ने फाइटर जेट की सवारी ये पहली बार नहीं की हैं। उन्होंने इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर विमान में भी उड़ान भर चुकी हैं। वह फाइटर जेट उड़ाने वाली तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्राध्यक्ष बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थी। राफेल लड़ाकू विमान का क्या है इतिहास? बता दें, राफेल लड़ाकू विमान फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित किया गया है। सितंबर 2020 में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज' का मुख्य केंद्र है। इन विमानों का इस्तेमाल हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान किया गया था, इसके माध्यम से आतंकवादी ठिकानों पर हमले कर अपनी ताकत को सैनियों ने दिखाया था।
Lucknow Desk: आज 02 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के बादशाह Shahrukh Khan ने अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने परिवार, करीबियों और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटी। उन्होंने अपने आलीशान घर के बजाय इस बार सार्वजनिक रूप से Mannat से बाहर नहीं दिखने का फैसला किया क्योंकि वहाँ फिलहाल निर्माण का काम चल रहा है। वहीँ, जश्न के लिए उन्होंने Alibaug में स्थित निजी स्थान चुना। एक विशेष फैन-मीट कार्यक्रम Balgandharva Rangmandir, बांद्रा में आयोजित किया गया था, जहाँ सीमित प्रवेश पास के माध्यम से प्रशंसक सीधे शामिल हुए। सोशल मीडिया पर सितारों ने बधाइयाँ दीं। जिसमें Farah Khan ने लिखा, “Happy birthday KING … rule for another 100 years”। बता दें कि Shahrukh Khan के जन्मदिन के मौके पर सिर्फ भारत भर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी फैंस जुटे। शाहरुख खान के फैन क्लबों ने जन्मदिन सप्ताह के रूप में मनाया, चैरिटी ड्राइव, विशेष बैनर आदि के माध्यम से ख़ास अंदाज़ से जश्न मनाया।
Lucknow Desk: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘रानी’ नाम की एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। रानी मूल रूप से गुजरात की रहने वाली हैं, लेकिन फिलहाल इजरायल में रह रही हैं। वह अपने वीडियो के जरिए वहां के हालातों को दुनिया तक पहुंचा रही हैं, खासकर युद्ध जैसे माहौल को बेहद करीब से दिखा रही हैं। रानी के वीडियो सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं हैं, बल्कि वे जमीनी हकीकत को सामने लाते हैं। एक वायरल रील में देखा जा सकता है कि रानी जैसे ही खाना खाने बैठती हैं, तभी अचानक मिसाइल हमले का सायरन बजने लगता है। सायरन बजते ही बंकर की ओर दौड़ सायरन की आवाज सुनते ही रानी घबरा जाती हैं और बिना खाना खाए तुरंत अंडरग्राउंड बंकर की तरफ भागती हैं। यह दृश्य इतना डरावना है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। धमाकों से कांप उठीं दीवारें एक अन्य वीडियो में धमाका इतना तेज होता है कि बंकर की दीवारें तक हिलने लगती हैं। बाद में पता चलता है कि मिसाइल का मलबा उनके घर के बेहद करीब गिरा था। इन वीडियो से साफ जाहिर होता है कि वहां रहना कितना जोखिम भरा हो चुका है। डर के बीच जीना सीख चुके लोग रानी अपने अनुभवों के जरिए बताती हैं कि वहां के लोग अब इन हालातों के आदी हो चुके हैं। लगातार सायरन और धमाकों के बीच उन्होंने अपनी जिंदगी को ढाल लिया है। छुट्टियां भी डर के साए में जहां दुनिया के कई हिस्सों में लोग छुट्टियों का आनंद लेते हैं, वहीं रानी बताती हैं कि उनके लिए छुट्टियां भी डर के माहौल में गुजरती हैं। एक वीडियो में वह कहती हैं कि छुट्टी के दिन की शुरुआत भी मिसाइल हमलों के साथ होती है। रानी की ये रील्स न सिर्फ जानकारी देती हैं, बल्कि लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि युद्ध का असर आम लोगों की जिंदगी पर कितना गहरा और भयावह होता है।
Lucknow Desk: प्रयागराज माघ मेले में इस समय लगातार कई बाबा चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इसी बीच एक बाबा तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिन्हें 'Google Golden Baba' नाम से जाना जा रहा है। यह बाबा लोगों का ध्यान इसलिए खींचे हुए हैं क्योंकि इनके सिर से पांव तक सोने-चांदी के आभूषण लदे हैं। यह कोई राजा-महाराजा नहीं हैं, बल्कि कानपुर के स्वामी श्री मनोज आनंद महाराज हैं। जिनको लोग 'गूगल गोल्डन बाबा' कह रहे हैं। भारी-भरकम आभूषणों से लदे बाबा स्वामी श्री मनोज आनंद महाराज यानी ‘Google Golden Baba’ के शरीर पर करीब 5 करोड़ रुपये के सोने और चांदी के गहने हैं। गले में भारी-भरकम सोने की चेन, हाथों में मोटे कंगन और उंगलियों में कई अंगूठियां हैं। इतना ही नहीं, उनका ठाठ-बाट यहीं खत्म नहीं होता है वह भोजन और पानी पीने के लिए भी चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं। बाबा का कहना है कि यह दिखावा नहीं है, बल्कि उनकी क्षत्रिय परंपरा का हिस्सा है। उनके वंश में भी सोना शौर्य, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक रहे है। कैसे पड़ा नाम 'गूगल गोल्डन बाबा'? अपने नामों की चर्चा करते हुए बाबा ने खुद बताया कि उनका नाम 'Google Golden Baba' इसलिए है, क्योंकि जैसे ही कोई गूगल पर उन्हें सर्च करेगा, वे तुरंत सामने आ जाएंगे। पिछले 20 सालों से वह इसी तरह सोने के आभूषण पहन रहे हैं। हर साल वह माघ मेले में आते हैं और सेक्टर-2 में अपने शिविर में रहते हैं। जहां भी जाते हैं, लोग उन्हें देखने और सेल्फी लेने के लिए घेर लेते हैं। फिलहाल इस बार माघ मेले में संगम के किनारे आस्था की भीड़ के बीच ‘Google Golden Baba’ की चर्चा जोरों पर है और यह उनका अंदाज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।